प्रोटोकॉल उल्लंघन की एक साल में तीन शिकायतें प्राप्त हुईं : जीतू वघाणी
रंजन
- 27 Feb 2026, 10:26 PM
- Updated: 10:26 PM
गांधीनगर, 27 फरवरी (भाषा) गुजरात के प्रोटोकॉल मंत्री जीतू वाघाणी ने शुक्रवार को विधानसभा को सूचित किया कि गुजरात सरकार को पिछले साल 31 दिसंबर तक की एक वर्ष की अवधि के दौरान विधायकों के प्रति प्रोटोकॉल के उल्लंघन के संबंध में तीन शिकायतें प्राप्त हुई थीं।
कांग्रेस विधायक अमित चावडा द्वारा पूछे गए एक प्रश्न का उत्तर देते हुए मंत्री वाघाणी ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों और प्रशासन में विधायकों और अन्य पदाधिकारियों के लिए पालन किए जाने वाले प्रोटोकॉल के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 2021 और 2023 के बीच तीन परिपत्र जारी किए गए थे।
उन्होंने कहा कि ये परिपत्र 28 और 29 अक्टूबर 2021 के साथ-साथ 31 मई 2023 को जारी किए गए थे।
सरकार ने कहा कि प्रोटोकॉल उल्लंघन संबंधी शिकायतों को गंभीर मामला माना जाता है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाती है।
सदन में प्रस्तुत आंकड़े के अनुसार, दिसंबर 2025 में समाप्त हुए पिछले एक वर्ष के दौरान तीन पत्र प्राप्त हुए।
इसके अनुसार खेदब्रह्मा से कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक तुषार चौधरी ने साबरकांठा जिले में अपने निर्वाचन क्षेत्र में नवनिर्मित किसान प्रशिक्षण केंद्र के उद्घाटन के लिए 5 मई, 2025 को आयोजित एक कार्यक्रम के संबंध में शिकायत की। इसके अनुसार पूर्व केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उन्हें व्हाट्सऐप के माध्यम से एक ई-निमंत्रण कार्ड प्राप्त हुआ, जिसमें स्थानीय विधायक होने के बावजूद उनका नाम नहीं था।
उनकी शिकायत के बाद, साबरकांठा जिले के चारों विधायकों के नाम वाला दूसरा ई-निमंत्रण कार्ड भेजा गया, जिसके बाद उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला किया।
उन्होंने यह भी शिकायत की कि केंद्र के उद्घाटन पट्टिका में उनका नाम नहीं था और उन्हें सभा को संबोधित करने का अवसर भी नहीं दिया गया।
इस शिकायत पर की गई कार्रवाई के बारे में वाघाणी ने बताया कि चौधरी की शिकायत के बाद उनका नाम उद्घाटन पट्टिका में शामिल किया गया था। वाघाणी ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग ने 19 फरवरी, 2026 के पत्र के माध्यम से साबरकांठा कलेक्टर को निर्देश दिया कि जिला स्तरीय सरकारी कार्यक्रमों में जन प्रतिनिधियों के लिए सरकारी प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए।
दूसरी शिकायत कोडिनार सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक प्रद्युमन वाजा ने 8 और 13 मई, 2025 को लिखित पत्रों के माध्यम से की थी।
अक्टूबर 2025 में हुए मंत्रिमंडल फेरबदल में वाजा को राज्य शिक्षा मंत्री बनाया गया।
शिकायत करते समय वाजा सिर्फ विधायक थे। उन्होंने मई 2025 में अपनी शिकायत में कहा कि दिसंबर 2024 में उनके निर्वाचन क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के लिए उन्हें गिर सोमनाथ जिला कलेक्टर द्वारा आमंत्रित नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि उन्हें कार्यक्रम के बारे में पहले से कोई सूचना नहीं मिली थी।
इसके जवाब में, सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने 23 मई 2025 को गिर सोमनाथ कलेक्टर को पत्र लिखकर निर्देश दिया कि जन प्रतिनिधियों के लिए सरकारी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए और राज्य सरकार के स्थायी निर्देशों का अनुपालन किया जाए।
तीसरी शिकायत कुंवरजी हलपति ने 4 अगस्त 2025 को की थी। शिकायत के समय हलपति जनजातीय विकास राज्य मंत्री और भरूच जिले के प्रभारी मंत्री थे। अक्टूबर 2025 में हुए मंत्रिमंडल फेरबदल में उन्हें मंत्री पद से हटा दिया गया था।
उन्होंने अपने पत्र में कहा कि 4 अगस्त, 2025 को भरूच में विभिन्न विकास परियोजनाओं के शिलान्यास और उद्घाटन कार्यक्रम के संबंध में भरूच कलेक्टर द्वारा उनसे कोई परामर्श या समन्वय नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि उन्हें केवल व्हाट्सऐप के माध्यम से एक ई-निमंत्रण प्राप्त हुआ था, जिसमें ना तो उनका नाम और ना ही प्रभारी मंत्री के रूप में उनका पदनाम उल्लिखित था।
इस मामले में, सामान्य प्रशासन विभाग ने 18 फरवरी, 2026 को भरूच कलेक्टर को एक पत्र जारी करके निर्देश दिया कि जन प्रतिनिधियों के लिए सरकारी प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।
भाषा अमित रंजन
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