सुक्खू ने दिल्ली पुलिस के कर्मियों को रोककर रखने के राज्य पुलिस के कदम का बचाव किया
दिलीप
- 27 Feb 2026, 10:16 PM
- Updated: 10:16 PM
शिमला, 27 फरवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा दिल्ली पुलिस की एक टीम को शिमला के पास रोककर रखे जाने और उन पर "अपहरण" का मामला दर्ज किये जाने के दो दिन बाद, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्य पुलिस की कार्रवाई का शुक्रवार को बचाव करते हुए कहा कि संविधान प्रत्येक राज्य को अधिकार देता है और हिमाचल प्रदेश की भी अपनी संप्रभुता है।
सुक्खू ने कहा कि दिल्ली पुलिस की टीम को राज्य से किसी को भी हिरासत में लेने से पहले स्थानीय पुलिस को सूचित करना चाहिए था।
यह घटना दिल्ली पुलिस की 20 सदस्यीय टीम द्वारा शिमला के पास रोहरू के एक होटल से भारतीय युवा कांग्रेस (आईवाईसी) के तीन कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई। इन कार्यकर्ताओं पर 20 फरवरी को दिल्ली में 'एआई इम्पैक्ट समिट' में युवा शाखा के सदस्यों के एक समूह द्वारा टी-शर्ट उतारकर किये गए विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आरोप है।
इन गिरफ्तारियों के चलते दोनों पुलिस बलों के बीच तनावपूर्ण गतिरोध पैदा हो गया, जो बृहस्पतिवार सुबह समाप्त हुआ, जब दिल्ली की टीम को अंततः तीनों आरोपियों के साथ राजधानी लौटने दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, शिमला स्थित संबंधित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बावजूद दिल्ली पुलिस की टीम को लगभग पांच घंटे तक 'रोककर' रखा गया।
सुक्खू ने यहां मीडियाकर्मियों से कहा, "अगर कोई सादे कपड़ों में आकर लोगों को जबरदस्ती यहां से ले जाता है, तो यह सही नहीं है। अगर दिल्ली पुलिस ने हिमाचल प्रदेश के डीजीपी को सूचना दी होती, तो ऐसी घटना नहीं होती।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "संविधान सभी राज्यों को अधिकार देता है और हिमाचल प्रदेश की भी अपनी संप्रभुता है। दिल्ली पुलिस को यहां से किसी को भी ले जाने से पहले स्थानीय पुलिस को सूचित करना चाहिए था।"
एक प्रश्न के उत्तर में सुक्खू ने कहा कि भाजपा की प्रवृत्ति हर चीज का विरोध करने की है, जिसमें हिमाचल प्रदेश पुलिस द्वारा किए गए अच्छे काम भी शामिल हैं।
बृहस्पतिवार को विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर के नेतृत्व में भाजपा नेताओं ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को एक ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार द्वारा घटना की उच्च स्तरीय जांच और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग की।
ज्ञापन में भाजपा नेताओं ने राज्य में "गंभीर संवैधानिक संकट" और पुलिस तंत्र के दुरुपयोग का हवाला देते हुए "दोषियों" के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की।
ठाकुर ने कहा, "यह घटना दो राज्यों की पुलिस बलों को टकराव की स्थिति में लाने के समान है, जो सहकारी संघवाद की भावना पर सीधा प्रहार है।"
भाषा अमित दिलीप
दिलीप
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