केरल उच्च न्यायालय ने 'द केरल स्टोरी 2' के प्रदर्शन का मार्ग प्रशस्त किया
रंजन
- 27 Feb 2026, 08:12 PM
- Updated: 08:12 PM
कोच्चि, 27 फरवरी (भाषा) केरल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को 'द केरल स्टोरी 2-गोज बियॉन्ड' फिल्म के प्रदर्शन का मार्ग प्रशस्त करते हुए एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसके तहत फिल्म की रिलीज पर 15 दिन की रोक लगा दी गई थी।
फिल्म की रिलीज पर रोक लगने के कुछ घंटों बाद, बृहस्पतिवार देर रात फिल्म निर्माता विपुल अमृतलाल शाह द्वारा दायर अपील पर न्यायमूर्ति सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति पी वी बालकृष्णन की पीठ ने अंतरिम आदेश पारित किया।
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि एकल न्यायाधीश का यह निष्कर्ष कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) द्वारा प्रमाणन के लिए दिशानिर्देशों को ध्यान में नहीं रखा गया है, ''केवल कुछ क्लिप के आधार पर और फिल्म देखे बिना'' दिया गया है और इसलिए, इसे सही नहीं माना जा सकता।
इसने कहा, ''इसके अलावा, यह तथ्य कि अपीलकर्ता (शाह) ने सीबीएफसी के निर्देशों के अनुसार फिल्म में जोड़-तोड़, काट-छांट और संशोधन किए हैं, इस बात को और भी पुष्ट करता है कि प्रमाणपत्र प्रदान करते समय बोर्ड ने सोच-समझकर निर्णय लिया है।''
पीठ ने कहा कि एक बार प्रमाणपत्र जारी हो जाने के बाद, प्रथम दृष्टया यह माना जाता है कि संबंधित प्राधिकार ने सार्वजनिक व्यवस्था सहित सभी दिशानिर्देशों को ध्यान में रखा है।
अदालत ने यह भी कहा कि इस अनुमान में यह शामिल है कि फिल्म का समग्र रूप से उसके समग्र प्रभावों के दृष्टिकोण से मूल्यांकन किया गया है, जिसमें सिनेमैटोग्राफ अधिनियम, 1952 और संबंधित दिशानिर्देशों में प्रतिपादित सिद्धांतों को ध्यान में रखा गया है।
पीठ ने कहा, ''ऐसी परिस्थितियों में, केवल कुछ क्लिप के आधार पर और फिल्म देखे बिना, एकल न्यायाधीश का यह निष्कर्ष कि सीबीएफसी ने प्रमाणन प्रदान करते समय प्रमाणन के दिशानिर्देशों को ध्यान में नहीं रखा है, स्वीकार्य नहीं हो सकता।''
इसने कहा, ''उपर्युक्त चर्चाओं के आलोक में, हमारा यह मत है कि दिनांक 26 फरवरी, 2026 का वह आदेश स्थगित किया जाना चाहिए जिसमें फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई गई थी। तदनुसार आदेश दिया जाता है।''
शाह ने अपनी अपील में दावा किया था कि यह फिल्म केरल राज्य या किसी भी धार्मिक समुदाय को नुकसान नहीं पहुंचाती या बदनाम नहीं करती।
उनके वकीलों ने अदालत से कहा था, ''फिल्म केवल एक सामाजिक बुराई को दिखाती है।''
शाह ने यह भी तर्क दिया था कि अगर फिल्म की रिलीज रोक दी जाती है, तो इससे निर्माताओं की ''आर्थिक स्थिति पूरी तरह से खराब'' हो जाएगी क्योंकि यह फिल्म 27 फरवरी को भारत में 1,500 सिनेमाघरों और विदेशों में 300 से अधिक सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
भाषा नेत्रपाल रंजन
रंजन
2702 2012 कोच्चि