जम्मू-कश्मीर पहला रणजी खिताब जीतने के करीब
आनन्द
- 27 Feb 2026, 07:46 PM
- Updated: 07:46 PM
हुबली (कर्नाटक), 27 फरवरी (भाषा) अनुभवी तेज गेंदबाज औकिब नबी (54 रन देकर पांच विकेट) और सलामी बल्लेबाज कामरान इकबाल के शानदार प्रदर्शन से जम्मू-कश्मीर की टीम शुक्रवार को यहां चौथे दिन कर्नाटक के खिलाफ विशाल बढ़त की बदौलत अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीतने के करीब पहुंच गई है।
इकबाल (नाबाद 94) के सातवें प्रथम श्रेणी अर्धशतक से जम्मू-कश्मीर ने स्टंप तक दूसरी पारी में चार विकेट पर 186 रन बनाकर अपनी कुल बढ़त 477 रन की कर ली।
दिन की शुरूआत में नबी ने सत्र का सातवीं बार पांच विकेट झटकने का कारनामा किया जिससे कर्नाटक की टीम पहली पारी में 293 रन पर सिमट गई और जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में 291 रन की बढ़त हासिल की।
कर्नाटक की पारी में पूर्व कप्तान मयंक अग्रवाल (266 गेंद में 160 रन) के शतक का अहम योगदान रहा क्योंकि अन्य खिलाड़ी संभलकर नहीं खेल सके।
पर नबी के पांच विकेट अग्रवाल के शानदार शतक पर भारी पड़े। जम्मू-कश्मीर का यह तेज गेंदबाज बेहतरीन फॉर्म में था।
कर्नाटक ने सुबह पांच विकेट पर 220 रन के स्कोर से खेलना शुरू किया। हालांकि जम्मू-कश्मीर के 584 रन के स्कोर को पार करना मुश्किल था लेकिन कर्नाटक को उम्मीद थी कि उसके बल्लेबाज अच्छी साझेदारी करने का प्रयत्न करेंगे।
अग्रवाल और कृतिक कृष्णा (36) ने छठे विकेट के लिए 80 से ज्यादा रन जोड़कर अच्छी लय में दिख रहे थे। लेकिन दूसरी नई गेंद लिए जाने के बाद उनकी कोशिश नाकाम रही।
साहिल लोत्रा ने कृतिक को पगबाधा आउट कर इस भागीदारी को समाप्त किया। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज सुनील कुमार ने विद्याधर पाटिल का विकेट झटककर दबदबा बनाए रखा।
लेकिन नबी ने अग्रवाल का विकेट झटककर कर्नाटक की बची उम्मीद भी खत्म कर दी। उनकी गेंद अग्रवाल के पैड पर गेंद लगी और डीआरएस ने मेजबान टीम को करारा झटका दिया।
लोत्रा से यह पूछने पर कि पहली बार ट्रॉफी उठाने की उम्मीद कितनी रोमांचक है तो उन्होंने कहा, ''यह तो बस शुरुआत है, हम सब खुश और उत्साहित हैं। यह पहली बार है जब हम फाइनल में खेल रहे हैं और यह हमारे लिए बहुत गर्व का पल है। हम बस आगे बढ़ रहे हैं। हमने इस साल जो कड़ी मेहनत की है, जो अनुशासन दिखाया है, यह उसी का नतीजा है। ''
कोच अजय शर्मा के बारे में बात करते हुए लोत्रा ने कहा कि वह हमेशा सकारात्मक रहते हैं और चाहते हैं कि खिलाड़ी हर समय अपना शत प्रतिशत दें।
उन्होंने कहा, ''पिछले छह महीनों से, पूरे साल वह हमें अभ्यास करा रहे हैं। वह बस चाहते हैं कि हम नेट पर शत प्रतिशत और मैच में शत प्रतिशत दें। वह ड्रेसिंग रूम में हमेशा सकारात्मक रहते हैं।''
जब उनसे पूछा गया कि कोच टीम में क्या बदलाव लाए हैं तो लोत्रा ने कहा, ''मुझे लगता है कि सबसे अहम चीज अनुशासन हैं। पिछले चार साल से हम हमेशा सत्र से पहले तीन महीने तक शिविर में रहते हैं। हम हर जगह खेलते हैं, चाहे वह कश्मीर हो या जम्मू, हम टूर्नामेंट खेलने भी जाते हैं जैसे बुची बाबू। ''
कर्नाटक की टीम फिर जम्मू-कश्मीर को दूसरी पारी में कम स्कोर पर आउट करके चौथी पारी में लक्ष्य का पीछा करने की उम्मीद कर रही थी जैसा उन्होंने इस सत्र में दो दफा किया है।
कर्नाटक ने अच्छी शुरुआत भी की और जम्मू-कश्मीर के 11 रन पर दो विकेट झटक लिए। लेकिन इकबाल ने कप्तान पारस डोगरा के साथ तीसरे विकेट के लिए 61 रन और फिर अब्दुल समद के साथ चौथे विकेट के लिए 73 रन की भागीदारी निभाई।
नबी ने जिस तरह से गेंदबाजी करते हुए कर्नाटक को दबाव में डाला, उसके लिए मयंक ने उनकी तारीफ की। उन्होंने कहा, ''वह (नबी) श्रेय दिए जाने का हकदार हैं। मुझे लगता है कि उसने बल्लेबाज को चुनौती दी और साथ ही कसी गेंदबाजी की। ऐसी गेंदबाजी आपको दबाव में रखती है। ''
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शुक्रवार को अपनी टीम के ऐतिहासिक खिताब जीतने के पल को देखने के लिए हुबली पहुंचे। मैच का परिणाम शनिवार को किसी समय आ सकता है।
भारतीय क्रिकेट बोर्ड अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर क्रिकेट के पूर्व प्रशासक मिथुन मन्हास पहले दिन से यहां मौजूद थे लेकिन बृहस्पतिवार को भारत के टी20 विश्व कप सुपर आठ मैच के लिए चेन्नई गए थे। वह लौट गए हैं और उनके साथ बीसीसीआई के दूसरे शीर्ष अधिकारियों के भी शनिवार को अंतिम दिन उपस्थिति होने उम्मीद है।
भाषा
नमिता आनन्द
आनन्द
2702 1946 हुबली