बरी होने के बाद रो पड़े केजरीवाल, शराब नीति मामले को इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश बताया
वैभव
- 27 Feb 2026, 02:41 PM
- Updated: 02:41 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 27 फरवरी (भाषा) शराब नीति मामले में एक अदालत द्वारा बरी किए जाने के बाद भावुक हुए दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि उनके खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला स्वतंत्र भारत के इतिहास में ''सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश'' थी।
अदालत का फैसला आने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री रो पड़े। फैसले के वक्त आम आदमी पार्टी (आप) के संयोजक अदालत में मौजूद थे। उनके साथ दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया भी थे।
केजरीवाल ने कहा, ''अदालत ने साबित कर दिया है कि केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी 'कट्टर ईमानदार' हैं।''
उन्होंने आरोप लगाया कि आबकारी मामले की ''साजिश'' आम आदमी पार्टी (आप) को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इशारे पर रची गई थी।
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ''मैं हमेशा कहता था कि भगवान हमारे साथ हैं। मोदी जी और अमित शाह जी ने मिलकर स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश रची। आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए पार्टी के पांच सबसे बड़े नेताओं को जेल भेजा गया।''
केजरीवाल ने कहा कि यह पहली बार हुआ, जब किसी मौजूदा मुख्यमंत्री को ''उनके घर से घसीटकर जेल में डाला गया''। उन्होंने लोगों को अपने और सिसोदिया के कारावास में रहने की याद दिलाई।
'आप' प्रमुख ने आरोप लगाया कि यह पूरी तरह से एक फर्जी मामला था। केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मार्च 2024 में कथित शराब घोटाले में गिरफ्तार किया था।
केजरीवाल ने रुंधे गले से कहा, ''हमारे ऊपर कीचड़ उछाला गया। चौबीसों घंटे टीवी पर बहसें हुईं और खबरें प्रसारित की गई कि केजरीवाल भ्रष्ट है।''
उन्होंने कहा, ''मैंने केवल ईमानदारी कमाई है। उन्होंने एक फर्जी मामला दर्ज किया था। आज, यह साबित हो गया है, अदालत ने कहा है 'केजरीवाल कट्टर ईमानदार है, मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार है, आम आदमी पार्टी (आप) कट्टर ईमानदार है।''
'आप' प्रमुख ने कहा कि वह प्रधानमंत्री को यह बताना चाहते हैं कि सत्ता हासिल करने की लालसा में वह देश और संविधान के साथ खिलवाड़ न करें।
उन्होंने कहा, ''अगर आप सत्ता चाहते हैं, तो अच्छे काम कीजिए। बहुत सारी समस्याएं हैं - महंगाई, बेरोजगारी, खस्ताहाल सड़कें, प्रदूषण - सत्ता में आने के लिए इन समस्याओं का समाधान कीजिए।''
केजरीवाल का फिरोजशाह रोड स्थित उनके आवास पर परिवार ने स्वागत किया। इस मौके पर पार्टी सदस्यों और समर्थकों ने ढोल की थाप पर नृत्य किया और मिठाइयां बांटीं।
केजरीवाल की पत्नी सुनीता ने अदालत और न्यायाधीश का धन्यवाद दिया।
सुनीता केजरीवाल ने 'पीटीआई-वीडियो' से कहा, ''अरविंद केजरीवाल ने अपना पूरा जीवन ईमानदारी से और देश की प्रगति के लिए समर्पित किया। लेकिन इन लोगों ने सत्ता के लालच में उन पर झूठे आरोप लगाए, उनके सहयोगियों को जेल में डाल दिया... लेकिन मुझे ईश्वर पर भरोसा था।''
अदालत द्वारा दोषमुक्त किए जाने से पहले करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण केजरीवाल और सिसोदिया को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा था।
जेल जाने के बाद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और यह संकल्प लिया था कि वह तभी पद पर लौटेंगे जब वह निर्दोष साबित हो जाएंगे।
केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें उसी वर्ष 13 सितंबर को उच्चतम न्यायालय से जमानत मिल गयी थी। वह पद पर रहते हुए गिरफ्तार होने वाले दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री थे।
पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को जमानत पर रिहा होने से पहले लगभग 17 महीने जेल में बिताने पड़े थे।
भाषा
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