दिल्ली के बिजली ग्रिड को 50 वर्षों के लिए तैयार कर रहे: रेखा गुप्ता
अविनाश
- 26 Feb 2026, 08:13 PM
- Updated: 08:13 PM
नयी दिल्ली, 26 फरवरी (भाषा) दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बृहस्पतिवार को चांदनी चौक में बिजली के तारों को भूमिगत करने की परियोजना के उद्घाटन के बाद कहा कि सरकार अगले 50 साल के लिए शहर की बिजली आपूर्ति क्षमता बढ़ाने के लिए प्रयासरत है।
गुप्ता ने बताया कि कूचा महाजनी, भागीरथ पैलेस, जामा मस्जिद रोड और नयी सड़क समेत पुरानी दिल्ली के 28 इलाके बिजली के लटकते तारों से मुक्त हो जाएंगे। इस परियोजना की लागत करीब 160 करोड़ रुपये है।
उन्होंने कहा कि सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है, जिसका सीधा असर बिजली की मांग पर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ऐतिहासिक टाउन हॉल भवन को स्मारक के रूप में पुनर्जीवित करेगी।
गुप्ता ने 'एक्स' पर कहा कि चांदनी चौक सदियों से व्यापार और संस्कृति का केंद्र रहा है, जहां की हवेलियां और गलियां ऐतिहासिक विरासत को दर्शाती हैं, लेकिन लंबे समय से लटकते ओवरहेड बिजली के तार सौंदर्य और सुरक्षा के लिए चुनौती बने हुए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''अब इन तारों को भूमिगत करने की परियोजना शुरू हो गई है, जो केवल तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि धरोहर को सुरक्षित, व्यवस्थित और सुंदर बनाने की दिशा में कदम है।''
बाद में एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, गुप्ता ने कहा कि बिजली के तारों को भूमिगत करने के तहत 500 नए फीडर पिलर लगाए जाएंगे, सजावटी खंभे लगाए जाएंगे और निगरानी के लिए आधुनिक 'डिजिटल ट्विन' तकनीक का उपयोग होगा।
उन्होंने कहा कि चांदनी चौक लोकसभा क्षेत्र के विकास के लिए पहले 100 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब आवश्यकता को देखते हुए यह राशि 1,000 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।
गुप्ता ने कहा कि यह पूरा काम चरणबद्ध तरीके से रात के समय किया जाएगा ताकि लोगों की दिनचर्या और यातायात पर कम से कम असर पड़े।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस योजना से करीब 10,000 उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा।
चांदनी चौक में तारों को भूमिगत करने की परियोजना के साथ-साथ, मुख्यमंत्री ने राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।
इनमें, मंडोली में सबस्टेशन और द्वारका के शिवालिक तथा गोयला खुर्द में चार बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली परियोजना शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडोली सब-स्टेशन की क्षमता 63 एमवीए होगी और इस परियोजना पर लगभग 55.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे तथा इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि इस ग्रिड से करीब 1.5 लाख उपभोक्ताओं को फायदा मिलेगा।
गुप्ता ने कहा कि गर्मी में बिजली की अधिक मांग को देखते हुए बीआरपीएल की चार बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (बीईएसएस) परियोजनाओं का शिलान्यास किया गया है।
उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से लगभग 2.22 लाख उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली आपूर्ति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, "ये परियोजनाएं न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को पूरा करेंगी, बल्कि आने वाले वर्षों की बिजली की बढ़ती मांग के लिए भी दिल्ली को तैयार करेंगी। स्वच्छ, स्मार्ट और सतत ऊर्जा व्यवस्था की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है।"
दिल्ली के ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार दिल्ली के ऊर्जा क्षेत्र को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप मजबूत और आधुनिक बना रही है।
भाषा नोमान नोमान अविनाश
अविनाश
2602 2013 दिल्ली