तिरुपति लड्डू के लिए मिलावटी घी का इस्तेमाल कर 'संगठित गिरोहों ने धर्म का अपमान किया : नायडू
रंजन
- 24 Feb 2026, 08:03 PM
- Updated: 08:03 PM
अमरावती, 24 फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने मंगलवार को आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सरकार के दौरान, तिरुपति मंदिर के लिए 20 करोड़ से अधिक पवित्र लड्डू बनाने में लगभग 60 लाख किलोग्राम 'मिलावटी घी' का इस्तेमाल किया गया था, तथा जिसमें 'संगठित गिरोह' संलिप्त थे।
नायडू ने कहा कि ऐसे गिरोहों ने प्रसादम की पवित्रता से समझौता करके इसका अपमान किया है, जिससे श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंची है।
तिरुपति में भगवान वेंकटेश्वर स्वामी के पवित्र लड्डू प्रसाद को कथित तौर पर अपवित्र किये जाने पर विधानसभा में हुई संक्षिप्त चर्चा में भाग लेते हुए नायडू ने कहा कि मिलावटी घी की आपूर्ति के मामले में साजिश का पहलू भी है।
नायडू ने कहा, ''मिलावटी घी की आपूर्ति के मामले में साजिश का पहलू था। वे (अपराधी) एक गिरोह की तरह काम कर रहे थे। ये सभी बातें फोरेंसिक साक्ष्यों में सिद्ध हो चुकी हैं।''
मुख्यमंत्री ने सदन में कहा, ''तिरुपति तिरुमला देवस्थानम (टीटीडी) को आपूर्ति किए गए 59.71 लाख किलोग्राम घी में मिलावट पाई गई। 2019 से 2024 के बीच, मिलावटी घी का उपयोग करके 20 करोड़ से अधिक लड्डू बनाए गए।''
उन्होंने बताया कि विश्व प्रसिद्ध मंदिर का प्रबंधन देख रहे टीटीडी ने मिलावटी घी की खरीद पर लगभग 234.51 करोड़ रुपये खर्च किए।
नायडू ने आरोप लगाया, ''उन्होंने (पूर्ववर्ती सरकार ने) संगठित अपराध के तहत लड्डू (पवित्र प्रसाद) में मिलावट करके उसे अपवित्र किया।''
उन्होंने दावा किया कि वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष वाई एस जगन मोहन रेड्डी के शासनकाल 2019 से 2024 के बीच मंदिरों पर कई हमले हुए थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मिलावटी घी के बारे में टिप्पणी पहले की गई राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) की रिपोर्ट के आधार पर की थी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक जनवरी-फरवरी 2020 के दौरान घी आपूर्ति निविदा की शर्तों में 'साजिश' के तहत बदलाव किया गया, जिसके परिणामस्वरूप मानकों में ढील दी गई।
नायडू के मुाबिक मई 2022 में एक शिकायत मिलने पर भोले बाबा डेयरी के खिलाफ जांच का आदेश दिया गया था, लेकिन तत्कालीन सरकार ने जांच के नतीजों दबा दिया गया था, जबकि अगस्त 2022 की सीएफटीआरआई (केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान) की रिपोर्ट में कहा गया था कि घी में बीटा-सिटोस्टेरॉल की मिलावट थी।
उन्होंने दावा किया कि टीटीडी के पूर्व अध्यक्ष वाई वी सुब्बा रेड्डी के निजी सहायक चिन्ना अप्पन्ना ने 4.5 करोड़ रुपये की रिश्वत ली थी।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, ''फर्जी प्रमाण पत्र जमा करके निविदाएं प्राप्त की गईं और मिलावटी घी की आपूर्ति की गई। यह पाया गया कि मिलावटी घी के निर्माण में विभिन्न रसायनों का इस्तेमाल किया गया था।''
उन्होंने कहा कि टीटीडी के तकनीकी विशेषज्ञों को ''महंगे फोन का प्रलोभन देकर'' मिलावटी घी की आपूर्ति के लिए मजबूर किया गया।
नायडू ने कहा कि मिलावटी घी की आपूर्ति के अलावा गैर-हिंदू धर्म का प्रचार करना पिछली वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सरकार की एक रणनीतिक भूल थी।
उन्होंने दावा किया कि 2019 और 2024 के बीच हिंदू धर्म पर व्यवस्थित रूप से 'हमले' किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि 2,032 मंदिरों पर हमला किया गया और मूर्तियों को खंडित किया गया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उनके परिवार के स्वामित्व वाली हेरिटेज फूड्स कंपनी ने कभी सरकार को अपने उत्पाद की आपूर्ति नहीं की।
उन्होंने कहा, ''अब तक किसी भी सरकारी विभाग ने एक किलोग्राम भी हेरिटेज घी नहीं खरीदा है।
नायडू ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल से जुड़े एक समाचार पत्र ने हेरिटेज के खिलाफ खबरें प्रकाशित की हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी समर्थन के बिना भी हेरिटेज पारदर्शी तरीके से कारोबार कर रहा है।
वाईएसआरसीपी नेताओं द्वारा तिरुपति लड्डू घी में मिलावट के कांड को हेरिटेज फूड्स लिमिटेड से जोड़ने के प्रयास का आरोप लगाते हुए नायडू ने कहा कि कंपनी प्रतिदिन 20 लाख लीटर दूध की खरीद करती है। उन्होंने दावा किया कि इंदापुर डेयरी और हेरिटेज के बीच कोई संबंध नहीं है।
तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) अध्यक्ष नायडू ने रेखांकित किया कि राजग सरकार के सत्ता में आने के बाद तिरुपति लड्डू की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ टीटीडी का शुद्धिकरण शुरू हुआ।
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) को 68 लाख किलोग्राम मिलावटी घी की आपूर्ति की गई थी।
उन्होंने कहा, ''कानून अपना काम करेगा। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।''
अभिनय से राजनीति में आए कल्याण के मुताबिक टीटीडी को शुद्ध घी बताकर आपूर्ति किया गया पदार्थ घी नहीं था। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी सरकार ने पवित्र प्रसादम में रासायनिक मिलावट की अनुमति देकर उसे अपवित्र करने का नया तरीका खोजा था।
उन्होंने दोषियों को दंडित करने की भी मांग की।
भाषा धीरज रंजन
रंजन
2402 2003 अमरावती