राजस्थान में 'दो साल बनाम पांच साल के कार्यकाल' की तुलना बेतुकी : अशोक गहलोत
रवि कांत
- 23 Feb 2026, 08:56 PM
- Updated: 08:56 PM
जयपुर, 23 फरवरी (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर निशाना साधते हुए सोमवार को कहा कि आज तक के इतिहास में किसी भी सरकार ने सदन में 'दो साल बनाम पांच साल का कार्यकाल' जैसी तुलना नहीं की।
उन्होंने राज्य सरकार के इस बयान को 'बेतुका' करार दिया।
गहलोत ने विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा,''... 'दो साल बनाम पांच साल' का तो मजाक बना रखा है इन लोगों ने। हिंदुस्तान के इतिहास में, आजादी के बाद में किसी भी सरकार ने ऐसी मूर्खता वाला बयान नहीं दिया होगा कि 'दो साल बनाम पांच साल'। कितना बेतुका बयान था?''
पूर्व मुख्यमंत्री ने विधानसभा में शनिवार को हुए घटनाक्रम का जिक्र करते हुए यह बात कही। उस दिन सदन में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भाजपा सरकार की दो साल की उपलब्धियों पर प्रतिवेदन 'सरकार @2 साल प्रगति एवं उत्कर्ष – 2024-25-2026' के माध्यम से चर्चा का प्रस्ताव किया।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए प्रतिवेदन की विषय वस्तु पर आपत्ति जताई।
जूली ने कहा, ''मुख्यमंत्री ने सदन में कहा था कि दो साल बनाम कांग्रेस के पांच साल पर चर्चा होगी। तो दो साल की चर्चा कैसे हो रही है। वही प्रस्ताव करो।''
हालांकि पटेल ने कहा,''इस प्रगति प्रतिवेदन में मौजूदा सरकार के दो वर्ष के उत्कर्ष कार्य और उसकी तुलना पूर्ववर्ती सरकार के पांच साल के कार्यों से की गई है।''
इस मुद्दे पर सदन में हंगामा हुआ और कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
गहलोत ने प्रस्तावित चर्चा के विषय की ओर इशारा करते हुए इस बेतुका बताया और कहा कि आजादी के बाद देश में ऐसा कभी नहीं हुआ।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,''न केंद्र में, न राज्य में 'दो साल बनाम पांच साल' के कार्यकाल की बात (तुलना) कभी की गयी।''
गहलोत ने कहा कि सरकार शुरू में ऐसी चर्चा के लिए सहमत हो गई थी लेकिन बाद में उसने अपना रुख बदलकर सिर्फ़ अपने कामकाज की रिपोर्ट पर बहस करने का फैसला किया।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा और कहा कि राज्य में स्थिति खराब है और मुख्यमंत्री को हालात के बारे में जानने के लिए सीधे जनता से 'जानकारी' लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था के हालात खराब हैं और दो साल में दुष्कर्म के 11,000 से ज़्यादा मामले दर्ज हुए हैं लेकिन राज्य सरकार गृह विभाग से जुड़े मामलों पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है।
गहलोत ने भाजपा सरकार पर उनकी (पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार) द्वारा शुरू किए गए कार्यों को रोकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पता चला है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 28 फरवरी को अपने अजमेर दौरे के दौरान 19 कॉलेज भवनों का उद्घाटन करेंगे। गहलोत ने दावा किया कि इन 19 में से 18 कॉलेजों का काम उनकी पूर्ववर्ती सरकार के दौरान शुरू हुआ था।
गहलोत ने आरोप लगाया कि उनकी सरकार द्वारा शुरू की गई अनेक योजनाएं बंद कर दी गई हैं। उन्होंने कहा, "हमारे कई काम अधूरे हैं। अगर वे पूरे हो जाते हैं, तो उनसे जनता और खासकर युवाओं को फायदा होगा।"
गहलोत ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि देश में लोकतंत्र खतरे में है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि बिरला निष्पक्ष नहीं हैं।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने पहले 'कांग्रेस मुक्त भारत' की बात की थी और अब वे 'विपक्ष मुक्त भारत' की बात कर रहे हैं। लोकतंत्र में विपक्ष का होना जरूरी है। विपक्ष के बिना, पक्ष क्या है?''
गहलोत ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाएं दबाव में काम कर रही हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू द्वारा लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ कही गई बातों पर भी एतराज जताया और कहा कि ऐसी बातें राजनीतिक माहौल को बिगाड़ती हैं और लोकतांत्रिक संवाद को नुकसान पहुंचाती हैं।
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