भारत के विकास के लिए 'एमएसएमई' क्षेत्र महत्वपूर्ण है, युवाओं को रोजगार सृजनकर्ता बनना होगा: खांडू
माधव
- 23 Feb 2026, 06:20 PM
- Updated: 06:20 PM
ईटानगर, 23 फरवरी (भाषा) अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने सोमवार को भारत की आर्थिक वृद्धि में सूक्ष्म, लघु और मझोले उद्यमों (एमएसएमई) क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया है। उन्होंने युवाओं से रोजगार लेने के बजाय रोजगार सृजनकर्ता बनने का आह्वान किया।
खांडू ने यहां केंद्रीय एमएसएमई मंत्रालय के अंतर्गत राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम लिमिटेड (एनएसआईसी) द्वारा राज्य सरकार के समन्वय से आयोजित राष्ट्रीय स्तर के एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि एमएसएमई क्षेत्र वर्तमान में देश भर में सात करोड़ से अधिक उद्यमों को सहयोग प्रदान कर रहा है, जिससे 31 करोड़ से अधिक लोगों को लाभ मिल रहा है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को पूर्वोत्तर, विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश में विकास की गति को तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि साल 2014 से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई नीतियां लाईं गईं, जिसमें अनुसूचित जातियों (एससी) और अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के उत्थान के लिए 2016 में राष्ट्रीय एससी-एसटी हब की स्थापना भी शामिल है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) , भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) और इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएमएआई) जैसे पेशेवर संस्थान अल्पकालिक मॉड्यूल पाठ्यक्रम तैयार करेंगे। इसका उद्देश्य विशेष रूप से टियर-दो और टियर-तीन शहरों में एमएसएमई की कॉर्पोरेट और वित्तीय क्षमताओं को मजबूत करना है।
मुख्यमंत्री ने सोमवार को यहां के समीप जोते में उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआई) का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया। यह संस्थान स्टार्टअप और एमएसएमई को व्यवस्थित प्रशिक्षण,मार्गदर्शन और क्षमता निर्माण सहायता प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में लगभग 300 स्टार्टअप काम कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अरुणाचल प्रदेश को हाल में 'स्टार्टअप इंडिया' पारस्थितिकी में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्यों में से एक के रूप में मान्यता दी गई है।
खांडू ने युवाओं को सरकारी नौकरियों की पारंपरिक प्राथमिकता से आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि उद्यमिता में असीमित अवसर हैं।
मुख्यमंत्री ने जलविद्युत, खनन, कृषि, बागवानी और पुष्पकृषि में राज्य की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री खांडू ने भारत और प्रमुख वैश्विक भागीदारों के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए उभरते निर्यात अवसरों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि ये समझौते भारतीय डिजिटल उत्पादों, स्टार्टअप और कृषि उत्पादों के लिए वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में प्रवेश का मार्ग प्रशस्त करेंगे।
मुख्यमंत्री ने व्यापक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य के पूर्वी, मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में इसी तरह के जागरूकता शिविर आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।
भाषा प्रचेता माधव
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2302 1820 ईटानगर