महाराष्ट्र के मंत्री ने राउत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा वापस लिया
माधव
- 21 Feb 2026, 05:22 PM
- Updated: 05:22 PM
मुंबई, 21 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र सरकार में मंत्री दादा भुसे ने शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) नेता संजय राउत के खिलाफ दायर मानहानि का मुकदमा शनिवार को वापस ले लिया। भुसे ने यह कदम राउत के महाराष्ट्र की एक अदालत में उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने के लिए खेद जताने के बाद उठाया।
राउत और भुसे शनिवार सुबह मालेगांव की अदालत में एक साथ पेश हुए। इस दौरान, शिवसेना (उबाठा) सांसद ने कहा कि भुसे के खिलाफ भ्रष्टाचार का उनका आरोप "गलत जानकारी" पर आधारित था।
सत्तारूढ़ शिवसेना से जुड़े भुसे ने संवाददाताओं को बताया कि दोनों नेताओं ने अदालत के सामने स्पष्ट किया कि वे विवाद को समाप्त करना चाहते हैं।
भुसे की ओर से दायर मानहानि का मुकदमा 2023 में शिवसेना (उबाठा) के मुखपत्र 'सामना' में प्रकाशित एक लेख से संबंधित था, जिसमें राउत ने उन पर मालेगांव स्थित गिरना सहकारी चीनी कारखाने में 178 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाया था।
राउत ने संवाददाताओं से कहा, "मैंने अदालत को सूचित किया कि राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (एनसीएलटी) में हुई सुनवाई के आधार पर मैंने कुछ बयान दिए थे। ये बयान अद्वय हिरे ने दिए थे और मैंने पार्टी सहयोगी होने के नाते उनका समर्थन किया था। अब हिरे खुद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए हैं, इसलिए उन्हें इस मामले को आगे बढ़ाना चाहिए।"
शिवसेना (उबाठा) सांसद ने अदालत से यह भई कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते वह इस मामले की सुनवाई के लिए बार-बार मालेगांव आने में असमर्थ हैं।
राउत ने कुछ महीने पहले अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन और सार्वजनिक आयोजनों से लगभग एक महीने का अवकाश लिया था। बाद में पार्टी सूत्रों ने कहा था कि राउत किसी गंभीर बीमारी का इलाज करा रहे हैं और उन्हें आराम करने की जरूरत है, जिसके कारण उन्होंने सार्वजनिक जीवन से दूरी बनाने का फैसला किया है।
राउत ने संवाददाताओं से कहा, "मैंने अदालत को यह भी सूचित किया कि अदालत में मेरी ओर से कोई प्रत्यक्ष संलिप्तता नहीं है। मामला पहले से ही चल रहा था और याचिका दायर करने वाला शख्स अब सत्ताधारी दल में शामिल हो गया है। उन्हें मामला आगे बढ़ाने दीजिए।"
शिवसेना (उबाठा) सांसद ने कहा कि उन्हें गलत जानकारी मिली थी और उसी के आधार पर उन्होंने भुसे के खिलाफ आरोप लगाए थे। उन्होंने अदालत में खेद जताया और मालेगांव के किसानों एवं नागरिकों से किसी भी तरह की भ्रम की स्थिति पैदा होने के लिए माफी मांगी।
भाषा पारुल माधव
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