वाराणसी में गंगा पर चल रहे सभी सरकारी और निजी क्रूज़ तय नियमों का पालन कर रहे हैं: मंत्री
शफीक
- 19 Feb 2026, 06:49 PM
- Updated: 06:49 PM
लखनऊ, 19 फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश विधान परिषद में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि वाराणसी में गंगा नदी पर चल रहे सभी सरकारी और निजी क्रूज निर्धारित मानदंडों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।
मंत्री ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ काम कर रही है और तथ्यों की अनदेखी कर प्रश्न उठाना उचित नहीं है।
समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य आशुतोष सिन्हा ने वाराणसी में गंगा नदी पर चल रहे सरकारी व निजी क्रूज की संख्या, उनके संचालन के मानक तथा संबंधित विवरण सदन के पटल पर रखने की मांग की थी।
मंत्री ने विस्तृत उत्तर देते हुए विपक्ष पर पर्याप्त जानकारी के अभाव में सवाल खड़े करने का आरोप भी लगाया।
सदस्य ने पूछा कि जनपद वाराणसी में कितने सरकारी और निजी क्रूज संचालित हो रहे हैं, उनके संचालन के मानक क्या हैं और क्या इसका विवरण सदन के पटल पर रखा जाएगा?
इसके जवाब में मंत्री ने स्पष्ट किया कि वाराणसी में पांच सरकारी और दो निजी क्रूज संचालित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि इनके संचालन के मानक भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण तथा उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्धारित किए गए हैं, जिनका पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
चर्चा के दौरान आशुतोष सिन्हा ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की स्थिति पर अतिरिक्त जानकारी मांगी।
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि छह दिसंबर 2023 को अधिसूचना जारी कर उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण का कानून लागू किया गया, जिसमें परिवहन विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया। इसके बाद छह दिसंबर 2024 से अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी गई।
मंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि इस संबंध में अखबारों और न्यूज चैनलों पर व्यापक जानकारी प्रसारित हो चुकी है, ''अगर आशुतोष जी थोड़ा पढ़ लेते तो यह सवाल न करते।''
उनके इस बयान से सदन में हंगामा शुरू हो गया।
मंत्री ने विपक्ष को घेरते हुए पर्यटन के आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले पिछली सरकार के कार्यकाल में वाराणसी में 5 लाख 44 हजार 355 घरेलू और 3 लाख 34 हजार 860 विदेशी पर्यटक आए थे, जबकि वर्तमान समय में यह संख्या बढ़कर 17 करोड़ 27 लाख 52 हजार 631 से अधिक हो चुकी है।
उन्होंने इस वृद्धि का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को दिया।
भाषा जफर शफीक
शफीक
1902 1849 लखनऊ