मुक्त व्यापार समझौते से परे: भारत-यूरोप संबंधों के नए स्तंभ के रूप में उभरती कृत्रिम बुद्धिमत्ता
वैभव
- 18 Feb 2026, 10:27 PM
- Updated: 10:27 PM
नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्पेन के राष्ट्रपति पेड्रो सांचेज ने बुधवार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को एक परिवर्तनकारी शक्ति के रूप में सराहा और समावेशी विकास के लिए इसकी क्षमता का लाभ उठाने के लिए भारत-स्पेन के बीच घनिष्ठ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
मोदी के साथ अपनी बातचीत में, स्पेन के राष्ट्रपति ने कहा कि एआई इम्पैक्ट समिट कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए एक वैश्विक ढांचा तैयार करने में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में उभर सकती है। दोनों नेताओं ने रक्षा, व्यापार और महत्वपूर्ण ऊर्जा क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने पर भी बातचीत की।
यहां एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान प्रधानमंत्री ने सांचेज और फिनलैंड, क्रोएशिया, भूटान और कजाकिस्तान के अपने समकक्षों के साथ-साथ एस्टोनिया और सर्बिया के राष्ट्रपतियों सहित कई अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय वार्ता की।
कृत्रिम बुद्धिमत्ता के अलावा, यूरोप के नेताओं के साथ मोदी की द्विपक्षीय वार्ता का दूसरा प्रमुख केंद्र बिंदु भारत और 27 देशों के यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता था। यह चर्चा भी हुई कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को मजबूत करने के लिए एक मजबूत उत्प्रेरक के रूप में कैसे कार्य करेगा।
सांचेज़ के साथ बातचीत के बाद मोदी ने कहा, "यूरोपीय संघ के साथ ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौता स्पेन के साथ आर्थिक साझेदारी पर बहुत सकारात्मक प्रभाव डालेगा और हमारे देशों के लोगों को नए अवसर प्रदान करेगा।"
एआई शिखर सम्मेलन में फ्रांस, नीदरलैंड, स्पेन, क्रोएशिया, ग्रीस, सर्बिया, स्लोवाकिया, एस्टोनिया, फिनलैंड और स्विट्जरलैंड सहित 11 यूरोपीय देशों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया।
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों के अनुसार, एआई इम्पैक्ट समिट में कुल 26 यूरोपीय देशों ने भाग लिया और यह भारत में किसी भी प्रौद्योगिकी-केंद्रित कार्यक्रम में शामिल होने वाला सबसे बड़ा यूरोपीय प्रतिनिधिमंडल है।
यूरोप अत्याधुनिक एआई नवाचार, डिजिटल शासन और एआई कार्यढांचे का केंद्र बना हुआ है। यूरोपीय संघ एआई सहित वैश्विक मानदंडों को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यूरोपीय संघ व्यापक एआई कानून लागू करने वाला विश्व का पहला समूह है।
उपरोक्त सूत्रों के अनुसार, अपनी आधिकारिक वार्ता में यूरोपीय नेताओं ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के शीघ्र कार्यान्वयन के लिए सर्वसम्मति से अपना समर्थन व्यक्त किया है और यूरोपीय परिषद और यूरोपीय संसद में इसके शीघ्र अनुमोदन के लिए अपने समर्थन का आश्वासन दिया है।
नेताओं ने एफटीए का लाभ उठाते हुए भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को बढ़ाने की अपनी उत्सुकता व्यक्त की।
मोदी-सांचेज वार्ता में दोनों पक्षों ने व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने का संकल्प लिया, साथ ही दोनों नेताओं ने गुजरात के वडोदरा में अंतिम असेंबली लाइन में सी-295 सैन्य परिवहन विमान के उत्पादन के लिए टाटा-एयरबस सहयोग में हुई प्रगति पर खुशी व्यक्त की।
भारतीय विज्ञप्ति के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता के समापन को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया, जिससे भारत और स्पेन के साथ-साथ यूरोप के बीच व्यापार और निवेश की अपार संभावनाओं को खोलने में मदद मिलेगी।
इसमें कहा गया है कि मोदी और सांचेज ने आतंकवाद के सभी रूपों की कड़ी निंदा की और आतंकवाद से निपटने के लिए मजबूत अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।
मोदी और सांचेज ने सह-विकास और सह-उत्पादन पर आधारित रक्षा औद्योगिक सहयोग के महत्व पर भी जोर दिया और इसे आगे बढ़ने का मार्ग बताया।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें स्पेन का हिंद-प्रशांत महासागर पहल में शामिल होने का निर्णय भी शामिल है।
अपनी बातचीत में मोदी और फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ऑर्पो ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह साझा प्रगति और समृद्धि के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा।
विदेश मंत्रालय ने कहा, "नेताओं ने भविष्य के आर्थिक विकास और प्रगति को गति देने में डिजिटलीकरण और स्थिरता की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। इस संदर्भ में, उन्होंने विस्तारित परिचालन और साझेदारी के माध्यम से एक-दूसरे की अर्थव्यवस्थाओं में अपनी अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों की बढ़ती उपस्थिति को स्वीकार किया और उसका स्वागत किया।"
फिनलैंड के प्रधानमंत्री ने न्यायसंगत और समावेशी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के लिए भारत के दृष्टिकोण की सराहना की।
प्रधानमंत्री की अपने क्रोएशियाई समकक्ष आंद्रेज प्लेनकोविक के साथ हुई वार्ता में दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा लोगों के बीच संबंधों सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।
मोदी ने सर्बिया के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वुसिक के साथ अलग से द्विपक्षीय बैठक भी की।
विदेश मंत्रालय ने कहा, "दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, वित्तीय प्रौद्योगिकी, शिक्षा, कृषि और लोगों की बीच परस्पर आदान-प्रदान के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की।"
मोदी के साथ अपनी बातचीत में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे ने भूटान की 13वीं पंचवर्षीय योजना के साथ-साथ गेलेफू माइंडफुलनेस सिटी परियोजना के लिए नई दिल्ली के समर्थन के लिए अपने भारतीय समकक्ष को धन्यवाद दिया।
मोदी ने कजाकिस्तान के प्रधानमंत्री ओल्ज़ास बेक्टेनोव से भी मुलाकात की।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि दोनों नेताओं ने राजनीतिक, व्यापार, रक्षा और सुरक्षा, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, उभरती प्रौद्योगिकियों और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की।
भाषा प्रशांत वैभव
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