गलगोटिया मामले को लेकर विपक्षी नेताओं ने सरकार पर निशाना साधा
सुरेश
- 18 Feb 2026, 09:20 PM
- Updated: 09:20 PM
नयी दिल्ली, 18 फरवरी (भाषा) विपक्षी नेताओं ने 'एआई इंपैक्ट समिट' में एक निजी विश्विद्यालय द्वारा चीन-निर्मित रोबोट को अपना बताकर प्रदर्शित किए जाने को बुधवार को "शर्मनाक" करार दिया।
उन्होंने विश्वविद्यालय और भाजपा नेताओं के बीच के कथित संबंधों पर भी सवाल उठाए तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव पर भी निशाना साधा।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्यसभा सदस्य जॉन ब्रिटास ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि ग्रेटर नोएडा स्थित गलगोटिया विश्वविद्यालय को "प्रमुख भाजपा नेताओं का संरक्षण और समर्थन" प्राप्त है।
ब्रिटास ने कहा, "डॉ. संबित पात्रा से लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल तक, प्रमुख भाजपा नेताओं ने विश्वविद्यालय के विभिन्न कार्यक्रमों में शिरकत की है। यह आश्चर्य की बात नहीं है कि यह संस्थान अक्सर 'विकसित भारत' के नारे पर जोर देता है।"
उन्होंने कहा, "यह करीबी संबंध तब स्पष्ट हुआ जब विश्वविद्यालय ने एआई समिट में एक व्यावसायिक रूप से उपलब्ध चीनी रोबोटिक डॉग को अपने नवाचार के रूप में 'ओरियन' नाम देकर प्रदर्शित किया, जिसे खुद आईटी मंत्री ने ट्वीट कर प्रचारित किया। कार्यक्रम से बाहर किए जाने के बावजूद, गलगोटिया विश्वविद्यालय भाजपा के प्रभाव क्षेत्र में बनी रहेगी।"
शिवसेना (उबाठा) की नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस घटना को "शर्मनाक" बताया और कहा कि इससे देश और इस शिखर सम्मेलन की साख को भारी नुकसान हुआ है।
उन्होंने कहा, "एआई समिट में गलगोटिया विश्वविद्यालय द्वारा चीनी रोबोट को अपना आविष्कार बताना शर्म की बात है। चीनी मीडिया द्वारा इस पर मज़ाक उड़ाया जाना स्थिति को और खराब करता है। यदि पवेलियन आवंटित करने से पहले कंपनियों, विश्वविद्यालयों, स्टार्टअप आदि की विश्वसनीयता की गहन जांच की जाती, तो इस स्थिति को टाला जा सकता था।"
तृणमूल कांग्रेस के सांसद साकेत गोखले ने इस मुद्दे पर सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव पर सवाल खड़े किए और पूछा कि क्या उन्हें इसकी जानकारी थी।
गोखले ने कहा, "गलगोटिया नामक एक निजी विश्वविद्यालय ने इंडिया एआई समिट में गो2 नामक चीनी रोबोट को अपना आविष्कार बताने की कोशिश की, लेकिन असली शर्मनाक बात यह है कि सरकारी चैनल डीडी न्यूज ने उनका पूरा प्रचार किया। आज डीडी न्यूज और भाजपा एक जैसे हैं। यह चैनल भाजपा का प्रचार माध्यम बन गया है।"
भाषा हक सुरेश
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