तमिलनाडु का अंतरिम बजट पेश; वित्त मंत्री का केंद्र पर राज्य के साथ अनुचित व्यवहार का आरोप
अजय
- 17 Feb 2026, 05:48 PM
- Updated: 05:48 PM
(तस्वीर के साथ)
चेन्नई, 17 फरवरी (भाषा) तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेनारासु ने मंगलवार को विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 2.55 लाख करोड़ रुपये का अंतरिम बजट पेश किया।
राज्य में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले इस बजट में द्रमुक सरकार ने महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की प्रमुख योजना के लिए 4,000 करोड़ रुपये का आवंटन किया है।
इस 2,55,391 करोड़ रुपये के आवंटन में से, अधिकतम 57,039 करोड़ रुपये शिक्षा के लिए, 35,773 करोड़ रुपये शहरी विकास के लिए और 22,090 करोड़ रुपये स्वास्थ्य विभाग के लिए निर्धारित किए गए हैं।
अंतरिम बजट में सरकार ने अपने राजस्व का अनुमान 3,44,575 करोड़ रुपये लगाया है। राज्य के अपने राजस्व का हिस्सा कुल राजस्व का 74.67 प्रतिशत है। शेष 25.33 प्रतिशत केंद्रीय करों तथा केंद्र सरकार से प्राप्त अनुदानों से आता है।
वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम बजट अनुमानों में कुल राजस्व व्यय 3,93,272 करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है जो संशोधित अनुमान 2025-26 की तुलना में 3.79 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
वित्त वर्ष 2026-27 के अंतरिम बजट अनुमानों में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के तीन प्रतिशत तक कम होने का अनुमान है। सरकार ने 2026-27 के दौरान कुल 1,79,809.65 करोड़ रुपये उधार लेने और 60,413.42 करोड़ रुपये चुकाने की योजना बनाई है। परिणामस्वरूप 31 मार्च, 2027 तक बकाया कर्ज 10,71,770.34 करोड़ रुपये होगा।
उन्होंने कहा कि इससे अर्थव्यवस्था तथा राजकोषीय मोर्चों पर कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के मार्ग के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता प्रदर्शित होती है।
बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार तमिलनाडु में वित्तीय संकट पैदा करने की कोई कसर नहीं छोड़ रही है। संघीय शासन प्रणाली में अतीत में ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जहां राज्यों के साथ केंद्र सरकार द्वारा अनुचित व्यवहार किया गया है।
उन्होंने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में सरकार के सामने मौजूद चुनौतियों का उल्लेख किया और कहा, '' हालांकि, मेरा दृढ़ विश्वास है कि इस सरकार को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, वे अभूतपूर्व हैं। हर क्षेत्र में चाहे तमिलनाडु के लिए बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की मंजूरी न देना हो, केंद्र प्रायोजित योजनाओं की राशि रोकना हो, बिना परामर्श कर कर-राजस्व में कटौती करना हो या खर्च तय करने के लिए अनुचित शर्तें थोपना...केंद्र सरकार तमिलनाडु में वित्तीय संकट उत्पन्न करने की हरसंभव कोशिश करती दिखाई देती है।''
बजट में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए उन्होंने कुल 5,463 करोड़ रुपये आवंटित किए।
उन्होंने कहा कि परिवहन निगमों की परिचालन क्षमता, सेवा वितरण और वित्तीय स्थिति को बेहतर बनाने के लिए, प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन प्रदान करने को 2,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ एक व्यवहार्यता अंतर कोष बनाया गया है।
मंत्री ने कहा, '' इस अंतरिम बजट अनुमान में, विदियाल पयानम योजना (महिला लाभार्थियों के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना) के लिए 4,000 करोड़ रुपये, छात्र बस किराया योजना के लिए 1,782 करोड़ रुपये और डीजल सब्सिडी के लिए 1,857 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।''
कुल मिलाकर अंतरिम बजट अनुमानों में परिवहन विभाग को 13,062 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 2026-27 के अंतरिम बजट अनुमानों में राजस्व घाटा 48,696.32 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
वर्ष 2026-27 के अंतरिम बजट अनुमानों में राजस्व घाटा 48,696.32 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। सरकार ने 2026-27 के दौरान कुल 1,79,809.65 करोड़ रुपये उधार लेने और 60,413.42 करोड़ रुपये चुकाने की योजना बनाई है। इसके परिणामस्वरूप, 31 मार्च 2027 तक बकाया उधार 10,71,770.34 करोड़ रुपये होगा।
उन्होंने 16वें वित्त आयोग की रिपोर्ट पर कहा कि तमिलनाडु को इससे बहुत निराशा हुई है।
मंत्री ने कहा, '' जब सभी राज्यों ने केंद्रीय करों के विभाज्य कोष में अधिक हिस्सेदारी की स्पष्ट रूप से मांग की थी, तब भी 16वें आयोग ने हिस्सेदारी को 41 प्रतिशत पर ही बनाए रखने की सिफारिश की है। यह निराशाजनक है कि उपकरों एवं अधिभारों में हो रही वृद्धि के प्रति हमारी गंभीर चिंता को आयोग की सिफारिशों में जगह नहीं मिली है।''
मंत्री ने साथ ही बताया कि चेन्नई मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह तीन गलियारों में 118.9 किलोमीटर की दूरी को तय करता है और जिसकी अनुमानित लागत 63,246 करोड़ रुपये है।
उन्होंने कहा, '' तमिलनाडु सरकार, केंद्र सरकार से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने और कोयंबटूर तथा मदुरै मेट्रो परियोजनाओं को मंजूरी देने का लगातार आग्रह कर रही है, जैसा कि देश के अन्य शहरों के लिए किया गया है।''
वित्त मंत्री का अंतरिम बजट भाषण करीब ढाई घंटे चला और इसे अब तक के सबसे लंबे संबोधनों में से एक माना जा रहा है।
तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव अप्रैल, 2026 में प्रस्तावित हैं और उम्मीद है कि मतदान उसी महीने कराया जाएगा।
भाषा निहारिका अजय
अजय
1702 1748 चेन्नई