प्रधानमंत्री मोदी के 'पीटीआई' को दिए साक्षात्कार के कुछ प्रमुख उद्धरण
प्रशांत
- 15 Feb 2026, 09:06 PM
- Updated: 09:06 PM
नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'पीटीआई' को दिए साक्षात्कार के कुछ प्रमुख उद्धरण इस प्रकार हैं :
- ''टूटा-फूटा और पुराना बुनियादी ढांचा उस देश के लिए उपयुक्त नहीं है, जो विकसित भारत बनने की आकांक्षा रखता है।''
- ''हमारी सरकार में 'अब समय आ गया है' की भावना हमेशा से ही मौजूद रही है। लेकिन आज यह भावना एक राष्ट्रीय प्रतिबद्धता और समूचे समाज का संकल्प बन गई है। तो, यह कोई 'अभी नहीं तो कभी नहीं' वाला पल नहीं है जो मजबूरी में पैदा हुआ है, बल्कि तैयारी और प्रेरणा से उपजा 'हम तैयार हैं' वाला क्षण है। यह बजट एक विकसित राष्ट्र बनने की भारत की प्रबल इच्छा को रेखांकित करता है।''
- ''एमएसएमई को सिर्फ आपूर्तिकर्ता बनने से आगे बढ़ना होगा। उन्हें उन्नत प्रोद्योगिकी अपनानी होगी, दुनिया भर से जुड़ना होगा, और निर्यातोन्मुख उद्योग बनना होगा जो वैश्विक मूल्य शृंखलाओं में भारत की हिस्सेदारी की रीढ़ बनें।"
- ''ये मुक्त व्यापार समझौते यह सुनिश्चित करने के तरीके हैं कि हमारे युवा सिर्फ घरेलू बाज़ार के आपूर्तिकर्ता न बनें, बल्कि वैश्विक व्यापार और प्रगति में भी सक्रिय भागीदार बनें।''
- ''एक देश जो एक दशक पहले अपने लगभग सभी मोबाइल फोन आयात करता था, आज दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता देश है।''
- ''नीति सिर्फ एक सहायक ढांचा तैयार कर सकती है। बदलाव के अगले चरण के लिए निजी क्षेत्र से एक अहम प्रतिक्रिया की जरूरत है।''
- ''जैसे-जैसे उत्पादकता बढ़ती है, लाभ को श्रमिकों, अंशधारकों और मालिक-प्रबंधकों के बीच बराबर बांटा जाना चाहिए। सतत विकास के लिए सामाजिक जिम्मदारी जरूरी है।''
- ''आपने पूछा है कि क्या मैं 'सुधार एक्सप्रेस' में हुई प्रगति से संतुष्ट हूं? स्वभाव से मैं कभी संतुष्ट नहीं होता हूं क्योंकि मेरा मानना है कि सार्वजनिक जीवन में कुछ रचनात्मक करने के लिए बेचैनी, ज्यादा करने की लगातार इच्छा, तेजी से सुधार करने और बेहतर सेवा करने की जरूरत होती है।''
- ''मैं साफ-साफ कहना चाहूंगा कि महिलाओं की भलाई हमारी सरकार के हर फैसले की मार्गदर्शक सिद्धांत है।''
- ''मेरा मानना है कि 'विकसित भारत' बनाने में महिलाओं की भूमिका सबसे अहम होगी।''
भाषा शफीक प्रशांत
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