अमेरिका से व्यापार समझौते के नाम पर भारतीय किसानों से विश्वासघात होते देख रहे : राहुल गांधी
रंजन
- 15 Feb 2026, 11:37 PM
- Updated: 11:37 PM
नयी दिल्ली, 15 फरवरी (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर हमला तेज करते हुए रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से कई सवाल किए और किसानों के साथ विश्वासघात होने का आरोप लगाया।
राहुल ने सरकार पर इस समझौते के जरिये "आत्मसमर्पण" करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह मुद्दा देश के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने सवाल किया कि क्या भारत किसी दूसरे देश को अपने कृषि क्षेत्र पर दीर्घकालिक नियंत्रण हासिल करने की अनुमति दे रहा है।
सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राहुल पर पलटवार करते हुए कहा कि उनमें भारत की छवि वैश्विक स्तर पर नीचे गिराने की खतरनाक आदत है और उसने दावा किया कि वह ''विपक्ष के नेता की भूमिका के लिए पूरी तरह से अयोग्य हैं।''
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने 'एक्स' पर लिखा, "अमेरिका से व्यापार समझौते के नाम पर हम भारत के किसानों के साथ विश्वासघात होते हुए देख रहे हैं।"
उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल किया कि ड्राइड डिस्टिल्ड ग्रेन (डीडीजी) के आयात का क्या मतलब है?
राहुल ने कहा, "क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय मवेशियों को जीएम (अनुवांशिक रूप से परिवर्तित) अमेरिकी मक्का से बने डिस्टिल्ड ग्रेन खिलाए जाएंगे? क्या इससे हमारे दुग्ध उत्पाद प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर नहीं हो जाएंगे?"
उन्होंने सवाल किया अगर भारत जीएम सोया तेल के आयात की अनुमति देता है, तो मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और देशभर के हमारे सोया किसानों का क्या होगा।
नेता प्रतिपक्ष ने पूछा, "वे कीमतों में गिरावट का एक और झटका कैसे झेल पाएंगे?"
राहुल ने कहा, "जब आप अतिरिक्त उत्पाद कहते हैं, तो उसमें क्या-क्या शामिल है? क्या यह समय के साथ दाल और अन्य फसलों को अमेरिकी आयात के लिए खोले जाने के दबाव का संकेत है?"
उन्होंने सवाल किया, "गैर-व्यापार बाधाएं हटाने का क्या मतलब है? क्या भविष्य में भारत पर जीएम फसलों पर अपने रुख को ढीला करने, खरीद को कमजोर करने या एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और बोनस को कम करने का दबाव डाला जाएगा?"
राहुल ने चिंता जताते हुए कहा कि एक बार यह दरवाजा खुल गया, तो हर साल इसे और ज्यादा खोले जाने से कैसे रोका जाएगा?
कांग्रेस नेता ने कहा कि क्या इसकी रोकथाम होगी, या हर बार सौदे में धीरे-धीरे और भी फसलों को मेज पर रख दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसानों को इस संबंध में सफाई तो मिलनी चाहिए।
भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने केंद्र पर लगाए गए आरोपों को लेकर राहुल गांधी पर पलटवार किया।
शेखावत ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''राहुल गांधी झूठ बोलने के अलावा कुछ नहीं करते। व्यापार वार्ता से पहले: 'मोदी डर गए'। समझौते के बाद: 'मोदी ट्रंप के सामने झुक गए'। ऑपरेशन सिंदूर के बाद: पाकिस्तान का रुख दोहराना।''
उन्होंने कहा, ''बजट से पहले भारत को 'मृत अर्थव्यवस्था' बताया। बजट के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा पर सवाल उठाकर सफलता को कमजोर करने की कोशिश की।''
संस्कृति मंत्री ने कहा, ''अब यह स्पष्ट है और इसकी पुष्टि हो चुकी है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का हमारे किसानों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और कोई जीएम खाद्य पदार्थ आयात नहीं किया जा रहा है। फिर भी 'फर्जी खबर मशीनरी' वाला यह नेता इन तथ्यों को नजरअंदाज करना चुनता है।''
उन्होंने कहा कि भारत ने केवल कोटा-आधारित शुल्क रियायत पांच लाख टन की दी है, जो देश की कुल डीडीजी खपत का सिर्फ एक प्रतिशत है।
शेखावत ने कहा, ''इस व्यक्ति की तुच्छ राजनीतिक लाभ के लिए वैश्विक स्तर पर भारत की छवि गिराने की खतरनाक आदत है। वह व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा को राष्ट्र से ऊपर रखते हैं। नेता प्रतिपक्ष की भूमिका के लिए पूरी तरह अयोग्य हैं।''
भाषा
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