सरकार के हजार दिन के कामकाज में जनहितैषी शासन की झलक दिखी: सिद्धरमैया
संतोष
- 14 Feb 2026, 07:18 PM
- Updated: 07:18 PM
हावेरी (कर्नाटक), 14 फरवरी (भाषा) कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार ने कल्याणकारी योजनाओं के वितरण और आर्थिक विकास में रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता में उनके 1,000 दिन समावेशी विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दर्शाते हैं।
सिद्धरमैया ने सरकार के 1,000 दिन पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह और जिला प्रशासन एवं राजस्व विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसके तहत एक लाख लाभार्थियों को संपत्ति के स्वामित्व दस्तावेज वितरित किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, "हम राजस्व विभाग के माध्यम से दूसरी बार एक लाख लाभार्थियों को संपत्ति के स्वामित्व दस्तावेज वितरित कर रहे हैं। अब तक हमने 2.22 लाख परिवारों को स्वामित्व दस्तावेज वितरित करके एक रिकॉर्ड बनाया है।"
उन्होंने अपने दावे को पुष्ट करने के लिए आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा, "हमारी जनहितैषी सरकार ने ही राज्य की जीडीपी को देश में पहले स्थान पर पहुंचाया है। जीएसटी कर संग्रह में भी राज्य रिकॉर्ड गति से आगे बढ़ रहा है।"
सिद्धरमैया ने कहा कि उनकी सरकार ने दो साल और नौ महीने पूरे कर लिए हैं। उन्होंने दावा किया, "किए गए 590 वादों में से हमने 243 वादे पूरे किए हैं। शेष वादे भी कार्यकाल में पूरे कर लिए जाएंगे।"
उन्होंने अपने पिछले कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि 2013-18 के दौरान भी कांग्रेस सरकार ने सभी वादे पूरे किए और घोषणापत्र में उल्लिखित नहीं किए गए 30 अतिरिक्त वादे भी लागू किए, जिससे "वादे को अमल में लाने" का रिकॉर्ड बना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक गारंटी योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार ने राज्य के लोगों को 1.18 लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाया है। सिद्धरमैया ने कहा, "हमारी सरकार ने सफलतापूर्वक 1,000 दिन पूरे कर लिए हैं। केवल कांग्रेस सरकार ही वादे को अमल में लाती है।"
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सभी जातियों, धर्मों और भाषाओं के लोगों के लिए समावेशी विकास में विश्वास करती है और असमानता को कम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सिद्धरमैया ने कहा, "सरकार ने 13 फरवरी को 1,000 दिन पूरे कर लिए हैं। इन 1,000 दिनों के दौरान आयोजित हमारा उपलब्धि समारोह हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। हम गरीबों, दलितों, पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं और श्रमिकों के साथ खड़े हैं।"
उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य की वित्तीय स्थिति की समीक्षा के बाद जिलों की मांगों पर ध्यान दिया जाएगा।
राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा की प्रशंसा करते हुए सिद्धरमैया ने कहा कि उनके कार्यभार संभालने के बाद से विभाग में "क्रांतिकारी प्रगति" हुई है।
भाजपा पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सत्ता में रहते हुए अपने वादे पूरे करने में विफल रही यह पार्टी राज्य के खजाने के खाली होने का दुष्प्रचार कर रही है।
अमर्त्य सेन और अभिजीत बनर्जी जैसे अर्थशास्त्रियों के विचारों के साथ-साथ समाचार पत्रों और विश्वविद्यालयों द्वारा किए गए अध्ययनों का हवाला देते हुए सिद्धरमैया ने कहा कि भाजपा द्वारा जनता को गुमराह करना निंदनीय है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2019 से 2023 तक राज्य में सत्ता में रहने के दौरान चार वर्षों तक कुछ भी नहीं किया।
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार पर्याप्त अनुदान ना देकर राज्य के साथ अन्याय कर रही है। हमारे 1,000 दिनों का सफल शासन हमारी जनहितैषी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।"
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि केंद्र द्वारा किए गए अन्याय के बावजूद ये उपलब्धियां हासिल की गई हैं। वित्तीय अन्याय का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य के साथ वित्तीय अन्याय किया है। जीएसटी मुआवजे में कमी के कारण राज्य को 12,000 करोड़ से 15,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
सिद्धरमैया ने कहा, "हमें हमारा उचित हिस्सा नहीं मिल रहा है। जल जीवन मिशन के तहत 15,000 करोड़ रुपये अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। अगर यह अनुदान उपलब्ध कराया जाता है, तो राज्य भर में कई विकास कार्य शुरू किए जा सकते हैं।"
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एवं वर्तमान सांसद बसवराज बोम्मई, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी और भाजपा नेता जगदीश शेट्टार पर राज्य के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ दिल्ली में आवाज तक ना उठाने का आरोप लगाया।
कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार, मंत्रीगण, विधायक और अन्य नेता उपस्थित थे।
भाषा अमित संतोष
संतोष
1402 1918 हावेरी