अय्यप्पा संगमम की 'लेखा परीक्षा रिपोर्ट' के संबंध में दुष्प्रचार पीड़ादायक: टीडीबी
प्रशांत
- 14 Feb 2026, 04:51 PM
- Updated: 04:51 PM
तिरुवनंतपुरम, 14 फरवरी (भाषा) त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) ने हाल ही में आयोजित ग्लोबल अय्यप्पा संगमम के 'लेखा परीक्षा रिपोर्ट' से संबंधित मीडिया में आई खबरों को शनिवार को खारिज कर दिया और ऐसी खबरों को "तथ्यात्मक रूप से गलत और निराधार" बताया।
इसमें मीडिया में आई कुछ खबरों में आयोजन के खर्चों को लेकर "दुष्प्रचार" करने का भी आरोप लगाया गया।
संगमम का आयोजन 20 सितंबर 2025 को पंबा में टीडीबी के 'कौस्तुभ जयंती' समारोह के हिस्से के रूप में किया गया था। टीडीबी शीर्ष मंदिर निकाय है और यह सबरीमला भगवान अय्यप्पा मंदिर सहित सैकड़ों मंदिरों का प्रबंधन करता है।
बोर्ड ने कहा, " 'ग्लोबल अय्यप्पा संगमम' की लेखा परीक्षा रिपोर्ट के संबंध में दुष्प्रचार किया जाना खेदजनक है। ये बातें कष्टदायक और तथ्यों के विपरीत हैं... पूरी तरह से निराधार आरोप फैलाए जा रहे हैं।"
एक बयान में टीडीबी ने स्पष्ट किया कि न तो देवास्वओम की आडिट रिपोर्ट में और न ही विशेष आयुक्त द्वारा उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत रिपोर्ट में संगमम में उपस्थित मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के लिए पलंग खरीदने पर किए गए व्यय का कोई उल्लेख था।
बोर्ड ने कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि इस तरह की खबर कैसे प्रसारित हुई। इसने कहा कि चार नवंबर 2025 को स्वीकार्य खर्चों के लिए प्रस्तुत अनुमान में मौजूदा कार्यालय परिसर और अतिथिगृह के लिए फर्नीचर और विविध वस्तुओं के मद के तहत 3,83,439 रुपये की राशि आवंटित की गई थी।
इसमें कहा गया है कि देवास्वओम अतिथिगृह के लिए खरीदी गई कोई भी वस्तु देवास्वओम की संपत्ति बनी रहती हैं। इसने मुख्यमंत्री के लिए पलंग खरीदने पर एक लाख रुपये खर्च किए जाने की मीडिया में आईं खबरों को "गलत व्याख्या" करार दिया।
बोर्ड ने कहा कि पांबा अतिथिगृह (जहां केंद्रीय मंत्री और उच्च न्यायालयों के न्यायाधीश ठहरते हैं) में जारी नवीनीकरण कार्यों को कुछ मीडिया में आई खबरों में गलत तरीके से मुख्यमंत्री के लिए एक विशेष व्यवस्था के रूप में पेश किया गया था।
कार्यक्रम में संगीत प्रस्तुति के संबंध में बोर्ड ने कहा कि "नंदगोविन्दम भजन", से शुरू में संपर्क किया गया था, लेकिन उसने अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण मना कर दिया।
इसके बाद संगीतकार ईशान देव को बुलाया गया और उन्होंने 25 से अधिक कलाकारों और 10 से अधिक तकनीशियन को शामिल करते हुए एक प्रस्तुति का नेतृत्व किया।
बोर्ड ने स्पष्ट किया कि ऑडिट रिपोर्ट में "नंदगोविन्दम भजन" को किए गए भुगतान का उल्लेख एक अनजाने में हुई त्रुटि थी जो प्रबंधन एजेंसी द्वारा प्रस्तुत एक बयान से उत्पन्न हुई थी।
इसमें कहा गया है कि भुगतान ईशान देव के खाते में किया गया था।
इसमें कहा गया है कि 2025-26 के बजट में धार्मिक सम्मेलन एवं प्रवचन मद के तहत आवंटित कुल पांच करोड़ रुपये की राशि धनलक्ष्मी बैंक में खोले गए एक विशेष बचत खाते में जमा की गई थी, ताकि प्रायोजन निधि में देरी से कार्यक्रम प्रभावित न हो।
इसमें से तीन करोड़ रुपये आईआईआईसी को अग्रिम राशि के रूप में दिए गए। इसके अतिरिक्त होटलों को आवास के लिए 12,76,440 रुपये और 15,25,424 रुपये वस्तु एंव सेवा कर (जीएसटी) का भुगतान किया गया।
बोर्ड के अनुसार, अब तक तीन करोड़ रुपये की प्रायोजन राशि प्राप्त हो चुकी है, जिसमें से दो करोड़ रुपये (जीएसटी को छोड़कर) धनलक्ष्मी बैंक से और एक करोड़ रुपये (जीएसटी सहित) केरल बैंक से प्राप्त हुए हैं।
टीडीबी ने अपने बयान में यह भी कहा कि अदाणी समूह ने एक करोड़ रुपये की पेशकश की थी।
इसमें कहा गया है कि मीडिया के एक वर्ग में प्रकाशित वे खबरें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं जिनमें दावा किया गया था कि देवास्वओम फंड से ली गई राशि को वापस जमा नहीं किया गया है।
भाषा
शुभम प्रशांत
प्रशांत
1402 1651 तिरुवनंतपुरम