जम्मू-कश्मीर के दो पूर्व मंत्रियों का निधन, विधानसभा ने शोक व्यक्त किया
नेत्रपाल
- 13 Feb 2026, 10:48 PM
- Updated: 10:48 PM
जम्मू, 13 फरवरी (भाषा) जम्मू और कश्मीर के दो पूर्व मंत्रियों - कमर अली अखून और पीरजादा गुलाम अहमद शाह का शुक्रवार को निधन हो गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
दोनों नेता नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के प्रमुख सदस्य थे। पार्टी प्रमुख फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है।
लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता, जम्मू कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर और मुबारक गुल ने भी दोनों नेताओं के निधन पर शोक व्यक्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। विधानसभा ने दोनों पूर्व मंत्रियों के निधन पर दो मिनट का मौन रखा।
अखून, कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (केडीए) के सह-अध्यक्ष थे, जो लेह एपेक्स बॉडी (एलएबी) के साथ मिलकर लद्दाख के लिए राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची के तहत संवैधानिक सुरक्षा उपायों की मांग को लेकर केंद्र सरकार से बातचीत कर रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि काफी समय से अस्वस्थ अखून को जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया था और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
उन्होंने बताया कि उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए हेलीकॉप्टर से उनके गृह नगर कारगिल ले जाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू के नेतृत्व में नेकां के एक प्रतिनिधिमंडल ने उनके निधन की खबर मिलने पर अस्पताल का दौरा किया और श्रद्धांजलि अर्पित की।
कारगिल शहर से लगभग 48 किलोमीटर दूर संगराह गांव में 15 अगस्त, 1957 को जन्मे अखून ने 1980 के दशक में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी।
उन्होंने छह साल तक निर्माण एवं विद्युत राज्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया।
वह 2002 में निर्विरोध पार्षद चुने गए और बाद में लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (एलएएचडीसी), कारगिल के गठन के बाद इसके पहले मुख्य कार्यकारी पार्षद और अध्यक्ष बने।
वह 2008 में फिर से विधानसभा के लिए चुने गए और 11 अक्टूबर, 2009 को उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली कैबिनेट में उपभोक्ता मामले, सार्वजनिक वितरण और परिवहन मंत्री के रूप में शामिल हुए।
उन्हें 11 जून, 2014 को कारगिल निर्वाचन क्षेत्र से विधायक रहते हुए मुख्यमंत्री का सलाहकार नियुक्त किया गया।
पूर्व वन मंत्री पीरजादा गुलाम अहमद शाह (76) का भी शुक्रवार दोपहर जम्मू में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में स्थित उनके गृह नगर देवसर ले जाया गया।
नेकां विधायक पीरजादा फिरोज अहमद के चाचा शाह ने 1987 के चुनाव में काजीगुंड विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल करने के बाद वन मंत्री के रूप में सेवा दी थी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पूर्व मंत्रियों के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में उनके योगदान को याद किया और कहा कि उन्होंने ईमानदारी, समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ जनता की सेवा की।
भाषा
राजकुमार नेत्रपाल
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