मध्य प्रदेश: जनगणना 2027 के प्रथम चरण के लिए अधिकारियों का प्रशिक्षण सम्मेलन आयोजित
जोहेब
- 13 Feb 2026, 08:37 PM
- Updated: 08:37 PM
भोपाल, 13 फरवरी (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि जनगणना देश का सबसे व्यापक और निर्णायक अभियान है, जो भारत के भविष्य की दिशा तय करेगा।
जनगणना 2027 के प्रथम चरण के लिए आयोजित प्रशिक्षण सम्मेलन को संबोधित करते हुए यादव ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके आधार पर सरकार योजनाएं बनाती है, संसाधनों का वितरण होता है और यह सुनिश्चित करने के लिए रणनीति तैयार की जाती है कि विकास समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार डिजिटल माध्यम से जनगणना की जाएगी, जिसमें करीब 30 लाख गणनाकर्ता शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि इसके तहत एंड्रॉयड और आईओएस आधारित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आंकड़े एकत्र किए जाएंगे, जिससे आंकड़ों की गुणवत्ता बेहतर होगी।
यादव ने कहा, ''जनगणना देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण डेटा प्रक्रिया है। इसके आधार पर सरकारी योजनाएं बनती हैं, संसाधनों का वितरण होता है और समाज के हर व्यक्ति के विकास की रणनीति तय की जाती है।"
उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है और यह जनगणना न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया की सफलता में प्रशासनिक अधिकारियों की केंद्रीय भूमिका है।
यादव ने कलेक्टरों तथा आयुक्तों से रणनीतिक नेतृत्व प्रदान करने तथा निर्धारित समयसीमा में सभी लक्ष्यों को पूरा करने का आग्रह किया।
जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस प्रक्रिया को उच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर किया जाता है, जो दर्शाता है कि जनगणना हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल में है।
नारायण ने कहा, "जनगणना देश के विकास का दर्पण है। देश में पहली बार डिजिटल जनगणना की जा रही है। इसके लिए एक ऑनलाइन मंच विकसित किया गया है। स्व-गणना (सेल्फ एन्युमरेशन) का विकल्प भी उपलब्ध कराया जा रहा है।"
उन्होंने कहा कि नागरिक मोबाइल फोन, लैपटॉप और डेस्कटॉप के माध्यम से भी अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
जनगणना संचालन निदेशक कार्तिकेय गोयल ने बताया कि मध्यप्रदेश में जनगणना 2027 के तहत प्रथम चरण का गृह सूचीकरण एक से 30 मई के बीच किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पहले चरण में घर-घर जाकर मकानों की स्थिति, सुविधाओं और परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी एकत्र की जाएगी।
उन्होंने बताया कि दूसरे चरण में फरवरी 2027 में जनसंख्या गणना कराई जाएगी।
इस राज्य स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
भाषा दिमो
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