उच्चतम न्यायालय ने धोखाधड़ी के मामले में फिल्मकार विक्रम भट्ट की पत्नी को जमानत दी
दिलीप
- 13 Feb 2026, 07:48 PM
- Updated: 07:48 PM
(फाइल फोटो के साथ)
नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को प्रसिद्ध फिल्मकारविक्रम भट्ट की पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के एक मामले में जमानत दे दी।
उच्चतम न्यायालय ने राजस्थान पुलिस और शिकायतकर्ता अजय मुर्डिया से 18 फरवरी तक जवाब मांगा है और कहा है कि वह विक्रम भट्ट की जमानत याचिका पर एक दिन बाद विचार कर सकता है।
अजय मुर्डिया 'इंदिरा आईवीएफ एंड फर्टिलिटी सेंटर' के संस्थापक और उदयपुर निवासी हैं।
मुर्डिया ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि भट्ट और उनकी पत्नी ने उन्हें उच्च लाभ का वादा करके उनकी दिवंगत पत्नी की जीवनी पर आधारित फिल्म के निर्माण में 30 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश करने के लिए प्रेरित किया।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने भट्ट परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी की दलीलों पर गौर किया तथा श्वेतांबरी भट्ट को उदयपुर जेल से तत्काल रिहा करने का आदेश दिया।
पीठ ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) को जमानत आदेश पारित करने के लिए कहा, जिसमें नियम और शर्तें स्पष्ट रूप से बताई गई हों।
उच्चतम न्यायालय ने शिकायतकर्ता अजय मुर्डिया और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी किया।
रोहतगी ने कहा कि निर्देशक, उनकी पत्नी और अन्य लोगों को जेल में डाल दिया गया है।
इस पर राज्य सरकार के वकील ने कहा, "यह इतना सरल नहीं है... 30 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का मामला है।"
तब पीठ ने कहा, "लेकिन आप इन मामलों का इस्तेमाल पैसा वसूलने के लिए नहीं कर सकते।"
शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता को भी याचिका में पक्षकार बनाया जाए।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने 31 जनवरी को धोखाधड़ी के मामले में दंपति की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
भट्ट और उनकी पत्नी को मुंबई में गिरफ्तार किए जाने के बाद उदयपुर लाया गया था और उन्हें सात दिसंबर 2025 को जेल भेजा गया था।
उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए उच्च न्यायालय ने टिप्पणी की थी कि इस वक्त आरोपियों को जमानत देना उपयुक्त नहीं होगा।
मुर्डिया ने फिल्मकार विक्रम भट्ट, उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट और अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद विक्रम भट्ट को गिरफ्तार किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि एक फिल्म बनाने के नाम पर ली गई राशि का दुरुपयोग किया गया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि लगभग 30 करोड़ रुपये की रकम की हेराफेरी की गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि भट्ट परिवार ने विभिन्न नामों से फर्जी बिल तैयार किए और शिकायतकर्ता से राशि अंतरित करवाई।
यह राशि शिकायतकर्ता के वास्ते फिल्म बनाने के लिए थी, लेकिन उसे कथित तौर पर आरोपियों के निजी खातों में जमा किया गया और उन्होंने इसका इस्तेमाल किया।
विक्रम और उनकी पत्नी के अलावा उदयपुर निवासी दिनेश कटारिया एवं भट्ट के प्रबंधक महबूब अंसारी को भी राजस्थान पुलिस ने सात दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया था।
भाषा राजकुमार दिलीप
दिलीप
1302 1948 दिल्ली