महुआ मोइत्रा का आरोप, अमित मालवीय ने बंगाल पुलिस को नोएडा में वारंट की तामील से रोका
नरेश
- 13 Feb 2026, 07:08 PM
- Updated: 07:08 PM
कोलकाता, 13 फरवरी (भाषा) तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अमित मालवीय पर पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से उत्तर प्रदेश के नोएडा में उस व्यक्ति के खिलाफ अदालत के वारंट की तामील में हस्तक्षेप का आरोप लगाया है, जिस पर उनसे (महुआ) जुड़े "फर्जी" चैट संदेश प्रसारित करने का इल्जाम है।
पश्चिम बंगाल के नादिया जिले की पुलिस ने भी आरोप लगाया है कि आरोपी को गिरफ्तार करने के उसके प्रयास में बाधा डाली गई, जिसके बाद वह व्यक्ति भागने में सफल रहा।
हालांकि, केंद्रीय मंत्री एवं पश्चिम बंगाल भाजपा के वरिष्ठ नेता सुकांत मजूमदार ने पलटवार करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस पश्चिम बंगाल पुलिस की तरह पक्षपातपूर्ण नहीं है और वह कानून के अनुसार काम करेगी।
नादिया जिले के कृष्णानगर से तृणमूल सांसद महुआ ने बृहस्पतिवार को 'एक्स' पर तीन वीडियो क्लिप साझा करते हुए दावा किया कि इनमें पूरी घटना क्रमवार दर्ज है। एक वीडियो क्लिप में एक आदमी को एक महिला से बात करते हुए और फिर किसी को फोन करते हुए दिखाया गया है।
महुआ ने कहा, "जरा देखिए, आरोपी ने भाजपा की 'ट्रोल आर्मी' के प्रमुख अमित मालवीय को कैसे 'आप कुछ नहीं करेंगे' कहकर धमकाया। सब कुछ वीडियो में कैद है।"
उन्होंने मालवीय पर पुलिस कार्रवाई से बचने में आरोपी की मदद करने का आरोप लगाया।
तृणमूल सांसद की ओर से साझा किए गए दूसरे वीडियो में कथित आरोपी किसी से फोन पर बात करते हुए नजर आ रहा है।
महुआ ने कहा, "अमित मालवीय को नोएडा के पुलिस अधिकारी से फोन पर बात करते हुए सुनिए। धारा-41ए के तहत नोटिस भेजा गया था (आरोपी ने ईमेल मिलने की बात कैमरे पर स्वीकार की है), फिर नोएडा पुलिस पश्चिम बंगाल पुलिस को थाने ले गई और आरोपी की भागने में मदद की।"
पश्चिम बंगाल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, नादिया जिले की पुलिस टीम आरोपी 'कंटेंट राइटर' के खिलाफ अदालत की ओर से जारी गैर-जमानती वारंट की तामील के लिए नोएडा के सेक्टर-110 स्थित एक अपार्टमेंट पहुंची थी। इस दौरान नोएडा पुलिस के कर्मी भी टीम के साथ थे।
अधिकारी ने बृहस्पतिवार को संवाददाताओं से कहा, "फिर, कुछ राजनीतिक पदाधिकारियों के फोन आए, जिसके बाद टीम को थाने ले जाया गया और कानूनी प्रक्रिया बाधित कर दी गई, जिससे आरोपी को भागने का मौका मिल गया। उसकी तलाश जारी है।"
नादिया पुलिस ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि साइबर प्रकोष्ठ की ओर से की गई शुरुआती जांच में यह स्थापित हो गया है कि महुआ से जुड़े जो चैट प्रसारित किए जा रहे हैं, वे "फर्जी और मनगढ़ंत" हैं।
तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों ने दावा किया कि बंगाल पुलिस के साइबर प्रकोष्ठ की जांच में "फर्जी चैट के स्क्रीनशॉट" बनाने और प्रसारित करने के पीछे जिस व्यक्ति का हाथ होने की बात सामने आई थी, वह भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ से जुड़ा हुआ है।
हालांकि, केंद्रीय मंत्री मजूमदार ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा कि पश्चिम बंगाल पुलिस चुनाव संबंधी कार्यों से जुड़े चार राज्य अधिकारियों के खिलाफ निर्वाचन आयोग के आदेश को लागू करने में बार-बार विफल रही है और अन्य मामलों में भी यही स्थिति है।
उन्होंने आरोप लगाया, "ममता बनर्जी के नेतृत्व वाला पक्षपाती प्रशासन और राज्य पुलिस निर्वाचन आयोग के एक भी अनुरोध को लागू नहीं कर पाए हैं। दोषी पाए गए चार सरकारी अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इसी तरह, आयोग के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद फरक्का में एसआईआर सुनवाई केंद्र पर हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों पर कोई मुकदमा नहीं चलाया गया है।"
मजूमदार ने कहा कि महुआ से जुड़े मामले में बंगाल पुलिस अचानक अति सक्रिय हो गई है और एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने के लिए अन्य राज्यों में जा रही है।
उन्होंने कहा, "उत्तर प्रदेश पुलिस निश्चित तौर पर कानून के अनुसार अपना काम करेगी। वह बंगाल पुलिस की तरह पक्षपाती और अक्षम नहीं हैं।"
भाषा पारुल नरेश
नरेश
1302 1908 कोलकाता