संसद में बजट सत्र का पहला चरण पूरा : लोकसभा-राज्यसभा नौ मार्च तक के लिए स्थगित
नेत्रपाल
- 13 Feb 2026, 10:28 PM
- Updated: 10:28 PM
नयी दिल्ली, 13 फरवरी (भाषा) संसद के बजट सत्र का पहला चरण शुक्रवार को समाप्त हो गया, जिसमें भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते और पूर्व थलसेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण को लेकर विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच तीखी बहस हुई।
सत्र के पहले चरण के दौरान, लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर चर्चा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को नरवणे के एक अप्रकाशित संस्मरण का उल्लेख करने की अनुमति नहीं मिलने के विरोध में प्रदर्शन के दौरान आसन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सदस्यों को निलंबित कर दिया गया।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सदन में बोलने की अनुमति नहीं देने और आठ विपक्षी सांसदों को निलंबित करने के मामले में विपक्षी दलों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के प्रस्ताव के लिए लोकसभा महासचिव को एक नोटिस दिया। यह नोटिस बजट सत्र के द्वितीय चरण में विचार के लिए सूचीबद्ध किया जा सकता है।
लोकसभा में दो मार्च से राष्ट्रपति अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा शुरू हुई। धन्यवाद प्रस्ताव और इसका समर्थन करने के लिए भाजपा के दो सदस्यों के भाषण के बाद जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने अपनी बात रखनी शुरू की तो उनकी एक टिप्पणी को लेकर सदन में हंगामा शुरू हो गया। हंगामे के कारण चर्चा नहीं हुई और न ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इस पर जवाब हो सका।
हालांकि, इस सप्ताह दोनों सदनों में आम बजट पर चर्चा हुई और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसका जवाब दिया।
शुक्रवार को लोकसभा में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका और सदन की बैठक एक बार के स्थगन के बाद नौ मार्च पूर्वाह्न 11 बजे के लिए स्थगित कर दी गई।
इससे पहले, सुबह बैठक शुरू होते ही पीठासीन सभापति संध्या राय ने पूर्व सांसद भगवान दास राठौड़ के निधन की सूचना सदन को दी और सदस्यों ने कुछ पल मौन रखकर दिवंगत पूर्व सदस्य को श्रद्धांजलि दी।
राज्यसभा में पूर्वाह्न 11 बजे बैठक शुरू होने पर शून्यकाल हुआ जिसमें विभिन्न दलों के सदस्यों ने लोक महत्व के कई मुद्दे आसन की अनुमति से उठाए।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर अपने भाषण के कुछ हिस्से सदन की कार्यवाही से हटाए जाने पर असंतोष जताया।
खरगे ने कहा, ''...लेकिन राज्यसभा की वेबसाइट में मैंने देखा कि मेरे अभिभाषण का बड़ा हिस्सा, बिना कोई कारण बताए हटा दिया गया। मैंने अपने भाषण में तथ्यों सहित बात रखी है और सरकार की कुछ नीतियों की आलोचना की है जो नेता प्रतिपक्ष होने के नाते मेरी जिम्मेदारी है। मुझे लगता है कि वे नीतियां भारतीय जनमानस पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही हैं।''
सभापति सी पी राधाकृष्णन ने कहा कि आसन की ओर से फैसला नियमों के अनुरूप लिया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि राज्यसभा की नियमावली के नियम 261 के तहत भाषण में बोले गए शब्द अगर असंसदीय हों तो उन्हें सदन की कार्यवाही से हटाया जाना चाहिए।
सीतारमण ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष के भाषण के संबंध में यही हुआ है और सभी को आसन की व्यवस्था तथा नियमों का सम्मान करना चाहिए।
इसके बाद सदन में प्रश्नकाल चला। उसके बाद बैठक को 9 मार्च पूर्वाह्न 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को लोकसभा एवं राज्यसभा की संयुक्त बैठक में राष्ट्रपति अभिभाषण के साथ शुरू हुआ। एक फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में बजट पेश किया और उसी दिन इसकी प्रति राज्यसभा में रखी गई।
कल ही उच्च सदन में औद्योगिक संबंध संहिता (संशोधन) विधेयक को संक्षिप्त चर्चा के बाद पारित किया गया था। कल ही इस विधेयक को लोकसभा में चर्चा के बाद पारित किया गया था।
संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरूआत नौ मार्च से होगी और इसके दो अप्रैल तक चलने का कार्यक्रम है।
भाषा अविनाश माधव वैभव अविनाश नेत्रपाल
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