देहरादून के धौलास में ट्रस्ट को आवंटित 20 एकड़ जमीन की कथित अनियमित बिक्री की जांच शुरू
राजकुमार
- 12 Feb 2026, 05:48 PM
- Updated: 05:48 PM
देहरादून, 12 फरवरी (भाषा) उत्तराखंड सरकार ने करीब दो दशक पहले देहरादून जिले के धौलास में 'शेखुल हिंद एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट' को शैक्षणिक प्रयोजन हेतु आवंटित की गयी 20 एकड़ भूमि की कथित अनियमित बिक्री के मामले की जांच शुरू कर दी है।
इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अगर मामले में गड़बड़ी पाई गयी तो भूमि को राज्य सरकार के अधीन ले लिया जाएगा ।
अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को बताया कि मामले के सामने आने के बाद देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल द्वारा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के.के. मिश्रा के नेतृत्व में गठित की गयी जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने विकासनगर क्षेत्र के धौलास गांव में कृषि भूमि का निरीक्षण एवं पैमाइश शुरू कर दी है।
मिश्रा ने बताया कि चैरिटेबल ट्रस्ट को शैक्षणिक प्रयोजनों हेतु भूमि आवंटित की गई थी और इस बात की जांच की जा रही है कि आवंटन के समय निर्धारित शर्तों एवं उद्देश्यों का अनुपालन किया गया है या नहीं तथा भूमि की वर्तमान स्थिति क्या है।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में तहसील प्रशासन, वन विभाग एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम विस्तृत पैमाइश एवं जांच कर रही है।
अपर जिलाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह तथ्य प्रकाश में आया है कि ट्रस्ट द्वारा लगभग 20 एकड़ कृषि भूमि 15 व्यक्तियों को बड़े भूखंडों के रूप में बेची गयी जिन्होंने उस भूमि को आगे 70-80 अन्य व्यक्तियों को छोटे-छोटे भूखंडों के रूप में बेच दिया ।
उन्होंने बताया कि ट्रस्ट को पूर्व में भूमि विक्रय की अनुमति इस शर्त पर प्रदान की गई थी कि संबंधित भूमि का स्वरूप कृषि भूमि ही रहेगा तथा उसे अकृषि घोषित कर नहीं बेचा जाएगा ।
इस संबंध में मिश्रा ने कहा कि भूमि पैमाइश की विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत जिला प्रशासन द्वारा प्रकरण में जमींदारी अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी ।
उधर, धौलास में मानचित्र स्वीकृत कराए बिना की जा रही कथित अवैध 'प्लाटिंग' के विरूद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) पहले ही चारदीवारी, आंतरिक मार्गों तथा अन्य संरचनाओं को ध्वस्त कर चुका है ।
एमडीडीए ने धौलास क्षेत्र में विधिवत नोटिस बोर्ड चस्पा कर आम जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अवैध भूखंडों में निवेश न करें तथा जमीन खरीदने से पूर्व एमडीडीए से आवश्यक जानकारी प्राप्त करें।
यह जमीन 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल में ट्रस्ट को आवंटित की गयी थी। धौलास की यह जमीन प्रतिष्ठित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) से केवल 10 किलोमीटर दूर है ।
इस बीच, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में यह जमीन दी गयी थी जिससे मुस्लिम विश्वविद्यालय बनाने की इनकी मंशा सामने आती है ।
उन्होंने कहा, ''प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि इसकी पूरी जांच करिए और अगर कहीं कोई काम कानूनसम्मत नहीं किया गया है तो जमीन को राज्य सरकार के अधीन लाया जाएगा ।'
सत्ताधारी भाजपा इस मुददे पर पहले ही सरकार से इस जमीन को अपने कब्जे में लेने की मांग कर रही है । भाजपा विधायक और प्रदेश प्रवक्ता विनोद चमोली ने हाल में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर आईएमए की सुरक्षा के मद्देनजर धौलास में अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान के लिए दी गयी जमीन का आवंटन रदद करने का आग्रह किया है ।
भाषा दीप्ति
राजकुमार
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