कांग्रेस के साथ गठबंधन 'पूरी तरह है कायम', सत्ता साझा करने की नहीं है गुंजाइश: स्टालिन
सुरेश
- 11 Feb 2026, 10:11 PM
- Updated: 10:11 PM
चेन्नई, 11 फरवरी (भाषा) तमिलनाडु में सत्ता साझा करने को लेकर कांग्रेस के साथ संबंधों में कुछ स्पष्ट तनाव के बीच, सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने बुधवार कहा कि गठबंधन 'पूरी तरह कायम' है, लेकिन उन्होंने मंत्रिमंडल में गठबंधन सहयोगी को समायोजित करने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया।
तमिलनाडु के विरुधुनगर से कांग्रेस सांसद एवं सत्ता साझा करने के मुखर समर्थक मणिक्कम टैगोर ने कहा कि यह जनता तय करेगी कि राज्य में एक दल की सरकार हो या गठबंधन सरकार हो।
अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली टीवीके पार्टी ने कहा कि सहयोगी दलों को मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व से वंचित करना 'सामाजिक न्याय के खिलाफ' है, क्योंकि वे गठबंधन की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
द्रमुक प्रमुख स्टालिन ने स्पष्ट किया कि सबसे पुरानी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर कोई भ्रम नहीं है।
पिछले कुछ महीनों में, यह पहली बार है जब मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि सत्ता साझा करने की कोई संभावना नहीं है। सत्ता साझा करना एक ऐसी अवधारणा है जो तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास के लिए बिल्कुल नई है, जिस पर 1967 से द्रविड़ पार्टियों का वर्चस्व रहा है।
सत्ता साझा करने और अधिक सीट आवंटन को लेकर द्रमुक और कांग्रेस के कुछ नेताओं के बीच जुबानी जंग के बीच, सत्तारूढ़ पार्टी के प्रमुख ने यह भी दावा किया कि गठबंधन मजबूत बना हुआ है।
तमिलनाडु में सत्ता में हिस्सेदारी की कांग्रेस की मांग पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ''हम भी जानते हैं कि यह तमिलनाडु में काम नहीं करेगा। वह (कांग्रेस) भी यह जानती है। यह कुछ लोगों द्वारा पैदा की गई समस्या है। वे जानबूझकर गठबंधन में दरार पैदा करने की साजिश रच रहे हैं। हमें इसकी चिंता नहीं है। उन्हें (राहुल गांधी) भी इसकी चिंता नहीं है।''
स्टालिन ने दोहराया कि द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन सामंजस्यपूर्ण बना हुआ है। उन्होंने मीडिया पर गठबंधन में सबकुछ सामान्य नहीं होने की खबर फैलाने का आरोप लगाया।
उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि गठबंधन में भ्रम की स्थिति जानबूझकर फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रति अपने व्यक्तिगत संबंधों का उल्लेख करते हुए कहा, "मैं उन्हें भाई मानता हूं और वह भी मुझे उसी नजर से देखते हैं।"
स्टालिन ने कहा कि द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन सामंजस्यपूर्ण है और जो लोग इसके टूटने की उम्मीद कर रहे हैं, उनकी उम्मीदें पूरी नहीं होंगी।
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी इस मायने में अहम है कि कांग्रेस ने सीट बंटवारे की वार्ता में देरी को लेकर चिंता व्यक्त की है।
मंगलवार को कांग्रेस के तमिलनाडु और पुडुचेरी मामलों के प्रभारी गिरीश चोडणकर ने आगामी (तमिलनाडु) विधानसभा चुनाव से पहले वार्ता के लिए सीट-बंटवारा समिति के गठन में द्रमुक द्वारा की जा रही 'देरी' पर चिंता व्यक्त की।
बाद में द्रमुक ने घोषणा की कि 22 फरवरी से बातचीत शुरू करने के लिए एक समिति गठित की जायेगी।
कांग्रेस सांसदों- मणिक्कम टैगोर, ज्योतिमणि और मदुरै के द्रमुक नेता जी थलपति के बीच 'सत्ता साझा करने' को लेकर हुई जुबानी जंग के बाद द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन को लेकर व्यापक अटकलें लगाई जा रही थीं।
द्रमुक मंत्री आर एस राजकन्नप्पन ने 10 फरवरी को कहा था, ''कांग्रेस में एक-दो लोग गड़बड़ी पैदा करते हैं। अगर हम ऐसा कहते हैं, तो वे नाराज हो जाते हैं। वे गठबंधन का हिस्सा हैं। अगर वे रहना चाहते हैं, तो रहें। गठबंधन में रहना या न रहना स्टालिन पर निर्भर करता है।''
उन्होंने पूछा, ''जब कलैगनार (द्रमुक संरक्षक एम. करुणानिधि) ने 100-111 सीट जीतीं, तब भी क्या उन्होंने सरकार में हिस्सेदारी दी?"
उन्होंने पुदुकोट्टई में कहा, ''जब द्रमुक 150 सीट जीतने की दहलीज पर है, तो हम कैसे हिस्सा दे सकते हैं? व्यक्तिगत रूप से, केवल थलपति (एम.के. स्टालिन) ही सरकार का नेतृत्व करेंगे। आपको जो चाहिए, हम वह करेंगे। केवल द्रविड़ मॉडल की सरकार ही बनेगी।''
विपक्षी दल ऑल इंडिया द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के महासचिव एडप्पाडी के पलानीस्वामी द्रमुक-कांग्रेस गठबंधन की स्थिरता पर संदेह जताते रहे हैं।
राज्य में द्रमुक 'सेक्युलर प्रोग्रेसिव एलायंस (एसपीए)' का नेतृत्व करती है और इस बहुदलीय गठबंधन ने 2021 के चुनाव में अन्नाद्रमुक को करारी शिकस्त देते हुए शानदार जीत हासिल की।
आज कार्यक्रम में स्टालिन ने कहा कि आगामी तमिलनाडु चुनाव द्रमुक के लिए 2021 विधानसभा चुनाव से अधिक कठिन नहीं होंगे।
एक सर्वेक्षण का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में विधानसभा चुनाव से पहले द्रमुक गठबंधन 45 प्रतिशत समर्थन के साथ आगे चल रहा है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा राज्यपाल का इस्तेमाल करके प्रशासनिक बाधाएं खड़ी कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा 'भ्रष्ट' लोगों के साथ गठबंधन करके चुनाव लड़ने आ रही है।
स्टालिन ने आरोप लगाया कि भाजपा नफरत के दम पर आगे बढ़ती है और चुनावी लाभ के लिए विभाजनकारी राजनीति का इस्तेमाल करती है।
उन्होंने भाजपा की असम इकाई के सोशल मीडिया पेज पर अपलोड किए गए एक वीडियो का जिक्र किया, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा अल्पसंख्यक समुदाय के दो व्यक्तियों की तस्वीर पर बंदूक ताने हुए दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो बाद में हटा दिया गया।
स्टालिन के अनुसार, देश की लोकतांत्रिक ताकतों को ऐसा होने नहीं देना चाहिए।
भाषा राजकुमार सुरेश
सुरेश
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