चारधाम तक रेल संपर्क के लिए सर्वेक्षण पूरा हो गया है : रेल मंत्री वैष्णव
अविनाश
- 11 Feb 2026, 09:03 PM
- Updated: 09:03 PM
नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) सरकार ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि चारधाम तक रेल संपर्क के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नामक एक नयी रेल लाइन परियोजना को मंजूरी दी गई है तथा गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ तक रेल संपर्क के विस्तार के लिए सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भाजपा सांसद अनिल बलूनी और अजय भट्ट के प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में 40,384 करोड़ रुपये की लागत वाली 216 किलोमीटर की कुल लंबाई की तीन नयी लाइन को मंजूरी दी गई है, जिनमें से 16 किलोमीटर हिस्सा चालू हो गया है और मार्च 2025 तक 19,898 करोड़ रुपये का व्यय हुआ है।
वैष्णव ने कहा, ''चारधाम को रेल संपर्क प्रदान करने के लिए ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नयी रेल लाइन परियोजना (125 किमी) को मंजूरी दे दी गई है।"
उन्होंने कहा, "गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ तक रेल संपर्क को आगे बढ़ाने के लिए सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। हालांकि, परियोजना का मार्ग हिमालय के मुख्य मध्य भाग के निकट स्थित है, जो भूकंप के दृष्टिकोण से अत्यधिक संवेदनशील क्षेत्र है।''
वैष्णव ने बताया कि परियोजना का मार्ग उत्तराखंड के देहरादून, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों से होकर गुजरता है तथा देवप्रयाग और कर्णप्रयाग के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को ऋषिकेश और राष्ट्रीय राजधानी को रेल संपर्क के माध्यम से जोड़ेगा।
उन्होंने कहा, ''परियोजना का अधिकांश मार्ग सुरंगों से होकर गुजरता है। इस परियोजना में 104 किलोमीटर लंबाई की 16 मुख्य सुरंगों और लगभग 98 किलोमीटर लंबाई की 12 'एस्केप' (आपातकालीन उपयोग में लायी जा सकने वाली) सुरंगों का निर्माण शामिल है। अब तक 99 किलोमीटर लंबाई की मुख्य सुरंगें और 94 किलोमीटर से अधिक लंबाई की 9 'एस्केप' सुरंगें पूरी हो चुकी हैं।''
वैष्णव ने ऋषिकेश-कर्णप्रयाग नयी रेल लाइन परियोजना पर अद्यतन जानकारी देते हुए बताया कि इसमें 104 किलोमीटर लंबाई की 16 मुख्य सुरंगें और लगभग 98 किलोमीटर लंबाई की 12 'एस्केप' सुरंगों का निर्माण शामिल है।
वैष्णव ने कहा, ''अब तक 99 किलोमीटर लंबाई की मुख्य सुरंगें और 94 किलोमीटर से अधिक लंबाई की 9 एस्केप सुरंगें पूरी हो चुकी हैं।''
भाषा
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