दिल्ली सरकार ने छात्र-कक्षा अनुपात दुरुस्त रखने के लिए 50 नये स्कूल भवन के निर्माण की योजना बनाई
सुरेश
- 11 Feb 2026, 06:32 PM
- Updated: 06:32 PM
नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) दिल्ली सरकार ने वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 50 नये स्कूल भवनों और 8,000 अतिरिक्त कक्षाओं के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि इस पहल का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में 'छात्र-कक्षा अनुपात' को संतुलित बनाए रखना और अधिक क्षेत्रफल वाले बड़े कक्ष तथा अनुकूल शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराना है।
शिक्षा विभाग मौजूदा स्कूल भवनों का ऑडिट भी कर रहा है, ताकि जर्जर हालत में मौजूद और तत्काल सुधार की आवश्यकता वाले भवनों की पहचान की जा सके।
विभाग के एक सूत्र ने कहा, ''हमने जिला अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे उन स्कूलों का आंकड़ा संकलित करें, जो जर्जर हो रहे हैं या जिनमें बुनियादी ढांचा सुविधाओं का अभाव है।''
सरकार ने गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) 'लाडली फाउंडेशन' के सहयोग से 101 सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) प्रयोगशालाएं स्थापित की हैं, जिनमें प्रत्येक में 20 कंप्यूटर लगाए गए हैं। सात हजार 'स्मार्ट ब्लैकबोर्ड' के लिए निविदाएं अंतिम चरण में हैं।
अधिकारी ने बताया कि अगले चार वर्षों में कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों के लिए 21,000 कक्षाओं में स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे, जिनपर पांच वर्ष की रखरखाव गारंटी होगी।
उन्होंने बताया कि 175 आईसीटी प्रयोगशालाओं के लिए 7,000 कंप्यूटरों की खरीद के लिए भी निविदाएं जारी की गयी हैं और इनकी आपूर्ति 31 मार्च से पहले होने की उम्मीद है।
अधिकारी ने कहा कि दिल्ली में 1,000 से अधिक सरकारी स्कूल हैं और सरकार की योजना है कि अगले तीन वर्षों में प्रत्येक सरकारी स्कूल में एक आईसीटी प्रयोगशाला सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष शहर के सरकारी स्कूलों में 100 से अधिक डिजिटल पुस्तकालय भी स्थापित किए जा रहे हैं।
पिछले वर्ष दिल्ली सरकार ने सरकारी स्कूलों की 18,966 कक्षाओं को स्मार्ट कक्षाओं में बदलने के लिए 900 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इस पहल के तहत नियमित शिक्षण पद्धति में ''इंटरएक्टिव पैनल, ऑडियो-वीडियो उपकरण और स्मार्ट ब्लैकबोर्ड'' लगाना करना शामिल है।
पहले चरण में, लगभग 2,000 कक्षाओं को 'इंटरएक्टिव पैनल या प्रोजेक्टर, ऑडियो-वीडियो उपकरण और इंटरनेट कनेक्टिविटी' से सुसज्जित किया जाएगा, ताकि शिक्षण को अधिक आकर्षक और प्रभावी बनाया जा सके।
वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित किया गया है।
दिल्ली में लगभग 1,075 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें करीब 8,24,225 छात्र नामांकित हैं।
भाषा तान्या सुरेश
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