दिल्ली सरकार डीएसईयू के कामकाज की समीक्षा के लिए व्यापक परामर्श पर कर रही है विचार
पवनेश
- 11 Feb 2026, 04:03 PM
- Updated: 04:03 PM
नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) दिल्ली सरकार दिल्ली कौशल एवं उद्यमिता विश्वविद्यालय (डीएसईयू) के समग्र कामकाज की समीक्षा के लिए हितधारकों के साथ व्यापक परामर्श सत्र आयोजित करने पर विचार कर रही है, जिसमें सरकारी पॉलिटेक्निक और कौशल केंद्रों के विश्वविद्यालय में विलय के प्रभाव का आकलन भी शामिल है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इस विषय से अवगत वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि सरकार विश्वविद्यालय के समग्र कामकाज के बारे में कई शिकायतें मिलने के बाद गठित चार सदस्यीय समिति के अतिरिक्त, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के पूर्व अध्यक्ष टी जी सीताराम के साथ परामर्श की संभावना पर गौर कर रही है।
अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार द्वारा डीएसईयू की व्यापक समीक्षा के लिए गठित चार सदस्यीय समिति की बैठक 30 जनवरी को हुई थी।
उनके अनुसार इस बैठक में दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय, प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा निदेशालय और दिल्ली विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी और शिक्षाविद शामिल हुए थे।
बैठक की आधिकारिक सूचना के अनुसार, डीएसईयू के कुलपति से विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार को भी विचार-विमर्श में भाग लेने के लिए भेजने का अनुरोध किया गया था।
अधिकारियों ने बताया कि इस समिति को विश्वविद्यालय के प्रशासन, शैक्षणिक प्रक्रियाओं, शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की भर्ती और मानव संसाधन, कार्यक्रम डिजाइन, विलय किए गए परिसरों की संपत्तियों और सुविधाओं के उपयोग एवं अन्य प्रशासनिक मामलों से संबंधित मुद्दों की जांच करने का कार्य सौंपा गया है।
समिति की सिफारिशों से सरकार को डीएसईयू के कामकाज में सुधार लाने और दिल्ली के तकनीकी एवं कौशल शिक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए सही निर्णय लेने में मदद मिलने की उम्मीद है।
अधिकारियों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में डीएसईयू को कई सरकारी संस्थानों के विलय के बाद कथित कुप्रबंधन, बुनियादी ढांचे की कमियों, फीस में भारी वृद्धि और संकाय संबंधी मुद्दों को लेकर विद्यार्थियों और कर्मचारियों से बार-बार शिकायतें मिली हैं।
अधिकारियों ने कहा है कि छात्र समूहों और कर्मचारियों ने भी घटते नामांकन, शैक्षणिक मानकों में गिरावट और बढ़ती फीस को लेकर चिंता जताई है। यह संस्थान मूल रूप से हाशिए पर पड़े वर्गों की सेवा के लिए बनाया गया था।
भाषा राजकुमार पवनेश
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