अकेले विकास से काम नहीं चलेगा, नीति बनाते समय रोजगार को केंद्र में रखना होगा : देवेगौड़ा
मनीषा
- 11 Feb 2026, 03:30 PM
- Updated: 03:30 PM
नयी दिल्ली, 11 फरवरी (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने सरकार को सुझाव दिया कि अकेले विकास से काम नहीं चलेगा और नीति बनाते समय रोजगार को केंद्र में रखा जाना चाहिए।
उच्च सदन में आम बजट 2026-27 पर चर्चा में भाग लेते हुए जनता दल(एस) प्रमुख देवेगौड़ा ने कहा कि उन्होंने भारत की विकास यात्रा के विभिन्न चेहरे देखे हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट एक ऐसे महत्वपूर्ण समय में आया है, जब भारत एक मध्यम आय वाले राष्ट्र से उच्च मध्यम आय वाला देश बनने के कगार पर है।
उन्होंने कहा, ''हमारे उपाय यह तय करेंगे कि विकास सीमित रहेगा अथवा यह वास्तव में सबका साथ सबका विकास बन पाएगा।''
उन्होंने बजट के सकारात्मक पक्षों की चर्चा करते हुए कहा कि इसमें विनिर्माण क्षेत्र, मध्यम एवं लघु उद्योग क्षेत्र (एमएसएमई), आधारभूत क्षेत्र, निर्यात प्रतिस्पर्धा पर जोर दिया गया है, जो आवश्यक भी है और समय की मांग भी है।
देवेगौड़ा ने कहा कि कारोबार की सुगमता पर लगातार जोर दिए जाने, प्रक्रियाओं को सरल तथा स्वचालित बनाने के उपाय स्वागत योग्य हैं। उन्होंने कहा कि कोई भी आधुनिक अर्थव्यवस्था तब तक विकास नहीं कर सकती जब तक कि उद्यमी वर्ग नियमों के पालन को लेकर डर में जीता रहे।
जनता दल (एस) प्रमुख ने सरकार को सुझाव दिया कि अकेले विकास से काम नहीं चलेगा, नीति पर विचार करते समय रोजगार को केंद्र में रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल निवेश से ही संतुष्ट होकर नहीं बैठ जाना चाहिए बल्कि इस बात पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि देश के युवाओं के लिए गरिमापूर्ण रोजगार सृजित हो सकें, विशेषकर छोटे शहरों एवं ग्रामीण भारत में।
उन्होंने कहा कि कराधान को सरल बनाया जाना स्वागत योग्य है किंतु कर नियमों का अनुपालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ईमानदार करदाताओं को सुरक्षित महसूस करना चाहिए, चिंतित नहीं।
उन्होंने नारियल उगाने वाले किसानों और मछुआरों के कल्याण के लिए सरकार से उपाय करने का अनुरोध किया। उन्होंने मेंगलूर, चेन्नई एवं विशाखापट्टनम बंदरगाहों को आपस में जोड़ने के लिए औद्योगिक गलियारा बनाने का भी सुझाव दिया।
देवगौड़ा ने कहा कि 'सबका साथ सबका विकास' का मतलब यह भी है कि लोगों की आलोचनाओं को सुना जाए।
भाषा
माधव मनीषा
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