तमिलनाडु में विजयनगर काल की दो प्राचीन मूर्तियां जब्त, चार व्यक्ति हिरासत में
सिम्मी
- 11 Feb 2026, 10:59 AM
- Updated: 10:59 AM
चेन्नई, 11 फरवरी (भाषा) तमिलनाडु पुलिस के अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) के मूर्ति प्रकोष्ठ ने चार व्यक्तियों को गिरफ्तार कर उनके पास से प्राचीन धातु की दो मूर्तियां जब्त की हैं। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि ये मूर्तियां संभवत: 14वीं और 15वीं शताब्दी के विजयनगर काल की हैं।
पुलिस द्वारा जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, जब्त की गई मूर्तियों में एक 'सुदर्शन' (विष्णु) और दूसरी 'देवी' की प्रतिमा है। इन्हें छह फरवरी को तंजावुर-चेन्नई राष्ट्रीय राजमार्ग पर औचक वाहन जांच के दौरान बरामद किया गया था।
पुलिस के अनुसार, विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए त्रिची के अपर पुलिस अधीक्षक (ए़डीएसपी) जी बालमुरुगन के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने छह फरवरी की रात करीब साढ़े 10 बजे वैलयपट्टी के पास खुले मैदान में एक खड़ी कार की तलाशी ली। इस दौरान वाहन के अंदर जूट के बोरों में लिपटी हुई ये दो मूर्तियां मिलीं।
मूर्ति प्रकोष्ठ द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया, "मूर्तियां प्राचीन, कलात्मक रूप से मूल्यवान और तमिलनाडु की शैली में गढ़ी हुई प्रतीत होती हैं। इन्हें राज्य के ही किसी मंदिर से चुराए जाने की आशंका है।"
पुलिस सूत्रों ने बताया कि जब्त की गई सुदर्शन की मूर्ति का वजन लगभग 77.3 किलोग्राम है और इसकी ऊंचाई 90 सेंटीमीटर है, जबकि देवी की मूर्ति का वजन 35.45 किलोग्राम है तथा उंचाई 73 सेंटीमीटर है।
विशेषज्ञों के प्रारंभिक आकलन के अनुसार, ये कलाकृतियां विजयनगर काल के दुर्लभ नमूने हैं।
पुलिस ने बताया कि वाहन में सवार व्यक्तियों की पहचान तिरुवरूर जिले के सी मणिकंदन (41) और के रामचंद्रन (41) के रूप में हुई है। वे इन मूर्तियों के मालिकाना हक संबंधित कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सके।
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उनकी योजना इन मूर्तियों की ऊंचे दामों पर विदेश में तस्करी करने की थी।
बाद में उक्त दोनों व्यक्तियों के सहयोगियों वी मुगिलन (36) और एस जॉनसन (41) को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि चारों आरोपियों को कुंभकोणम की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें स्थानीय उप-जेल में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
भाषा
प्रचेता सिम्मी
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