यूजेवीएन लिमिटेड की 76 हेक्टेअर जमीन यूआईआईडीबी को देने के आदेश को निरस्त किया जाए:एआईपीईएफ
राजकुमार
- 10 Feb 2026, 08:00 PM
- Updated: 08:00 PM
देहरादून (उत्तराखंड), 10 फरवरी (भाषा) देहरादून जिले के डाक पत्थर में बिजली उपक्रम यूजेवीएन लिमिटेड की 76.73 हेक्टेअर भूमि को उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) के माध्यम से निजी क्षेत्र को आवंटित किए जाने का कड़ा विरोध करते हुए 'ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ)' ने मंगलवार को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से इस आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की ।
मुख्यमंत्री को इस संबंध में लिखे एक पत्र में एआईपीईएफ के अध्यक्ष शैलेंद्र दुबे ने कहा कि यूजेवीएन लिमिटेड की विभिन्न परियोजनाओं से संबंधित इस जमीन को तीन दिसंबर 2025 के शासनादेश के माध्यम से यूआईआईडीबी को देने के निर्देश दिए गए हैं । उन्होंने कहा कि देहरादून जिला प्रशासन को भूमि का दाखिल-खारिज, सीमांकन एवं अधिग्रहण की कार्यवाही के आदेश जारी किए गए हैं जिससे बिजली क्षेत्र में गहरी चिंता उत्पन्न हो गई है ।
उन्होंने कहा कि अविभाजित उत्तर प्रदेश के समय यह भूमि जल विद्युत परियोजनाओं के वर्तमान संचालन एवं भविष्य के विस्तार को ध्यान में रखते हुए आवंटित की गई थी।
दुबे ने कहा कि डाकपत्थर क्षेत्र में यमुना स्टेज-एक एवं स्टेज-दो, व्यासी परियोजना, लखवाड़, किशाऊ, टौंस एवं अन्य कई महत्वपूर्ण जल विद्युत परियोजनाओं का संचालन एवं निर्माण किया जा रहा है जबकि भौगोलिक परिस्थितियों के कारण इन परियोजनाओं के लिए वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराना भी लगभग असंभव है।
राज्य सरकार के इस निर्णय को प्रदेश और ऊर्जा क्षेत्र के हितों के विरूद्ध बताते हुए फेडरेशन के अध्यक्ष ने कहा कि भूमि हस्तांतरण से न केवल प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, बल्कि केंद्र की यमुना पुनर्जीवन योजना के लिए लखवाड़ एवं किशाऊ जैसी राष्ट्रीय महत्व की परियोजनाओं का निर्माण भी प्रभावित होगा ।
दुबे ने मुख्यमंत्री से जमीन हस्तांतरण आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने के लिए प्रभावी हस्तक्षेप करने की मांग की ।
उन्होंने यह भी कहा कि बिजली क्षेत्र की इस भूमि को यदि एकतरफा तरीके से निजी क्षेत्र को सौंपने का प्रयास किया गया तो देशभर के बिजली कर्मी एवं इंजीनियर इसके खिलाफ सशक्त आंदोलन करने को बाध्य होंगे ।
देहरादून के डाक पत्थर में उत्तराखंड सरकार के बिजली उपक्रम यूजेवीएन लिमिटेड की 182 एकड़ जमीन को उत्तराखंड निवेश एवं अवसंरचना विकास बोर्ड (यूआईआईडीबी) के नाम स्थानांतरित किए जाने का भारी विरोध शुरू हो गया है ।
डाकपत्थर में स्थानीय लोग, व्यवसायी और राज्य सरकार के तीनों बिजली उपक्रमों—यूजेवीएन लिमिटेड, यूपीसीएल और पिटकुल के कर्मचारी इस प्रस्ताव का लंबे समय से विरोध कर रहे हैं और अब फेडरेशन भी इसके समर्थन में आ गया है ।
भाषा दीप्ति
रवि कांत राजकुमार
राजकुमार
1002 2000 देहरादून