महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने 'तीसरी मुंबई' के विकास के वास्ते भू-नीति को मंजूरी दी
रंजन
- 10 Feb 2026, 09:33 PM
- Updated: 09:33 PM
मुंबई, 10 फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र मंत्रिमंडल ने 'मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (एमटीएचएल)' उर्फ अटल सेतु के पास स्थित 'तीसरी मुंबई' की विकास परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण एवं आवंटन नीति को मंगलवार को मंजूरी दे दी।
इस नीति का उद्देश्य मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में नियोजित शहरी विकास और निवेश को गति देना है।
यह नीति अटल बिहारी वाजपेयी शिवड़ी-न्हावा शेवा अटल सेतु के प्रभाव क्षेत्र के लिए नियुक्त नव नगर विकास प्राधिकरण और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) द्वारा कार्यान्वित की जाने वाली विकास परियोजनाओं पर लागू होगी।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक बयान के अनुसार, इस निर्णय से अटल सेतु के प्रभाव क्षेत्र में नियोजित शहरीकरण, औद्योगिक निवेश, 'लॉजिस्टिक्स हब', आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं और बुनियादी ढांचा विकास के लिए एक स्पष्ट ढांचा (फ्रेमवर्क) उपलब्ध होने की उम्मीद है।
इस नीति में महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर नियोजन (एमआरटीपी) अधिनियम, 1966 की धारा 126(1) के तहत आपसी सहमति से या भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन में उचित मुआवजे और पारदर्शिता के अधिकार अधिनियम, 2013 के तहत मुआवजे का निर्धारण करके भूमि अधिग्रहण का प्रावधान है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता की।
मंत्रिमंडल ने एमआरटीपी अधिनियम की धारा 126(10) के तहत नकद के बजाय 'फ्लोर स्पेस इंडेक्स (एफएसआई)' या हस्तांतरणीय विकास अधिकार (टीडीआर) के रूप में मुआवजे के माध्यम से अधिग्रहण करने को भी मंजूरी दे दी है। सुविधाओं और निर्माण उद्देश्यों के लिए जहां आवश्यक हो, अतिरिक्त एफएसआई या टीडीआर प्रदान किए जा सकते हैं।
नई व्यवस्था के तहत 22.5 प्रतिशत भूमि वापसी नीति लागू की जाएगी। बातचीत के माध्यम से अधिग्रहित निजी स्वामित्व वाली भूमि के लिए, परियोजना से प्रभावित व्यक्तियों को 1 मार्च, 2014 और 28 मई, 2014 के सरकारी प्रस्तावों के अनुसार विकसित भूखंड उपलब्ध कराए जाएंगे। यदि 22.5 प्रतिशत वापसी योजना के तहत विकसित भूखंड का क्षेत्रफल 40 वर्ग मीटर से कम है, तो इसके बदले नकद मुआवजा दिया जाएगा।
अविकसित क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए, मंत्रिमंडल ने 'पास-थ्रू नीति' के कार्यान्वयन को मंजूरी दी।
इस नीति के तहत, भूमि अधिग्रहण मुआवजे और अवसंरचना विकास की लागत भूखंडधारकों से किश्तों में वसूल की जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि भूमि अधिग्रहण की पूरी लागत, पंजीकरण शुल्क और स्थापना व्यय आवंटिती द्वारा वहन किया जाएगा, जिसमें एमएमआरडीए 15 प्रतिशत स्थापना शुल्क लगाएगा।
एमएमआरडीए इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा उपलब्ध नहीं कराएगा और भूमि का आवंटन 'जैसा है, जहां है' के आधार पर किया जाएगा। भविष्य में मुआवजे में होने वाली किसी भी वृद्धि की वसूली भी आवंटिती से की जाएगी। इन शर्तों के आधार पर एमएमआरडीए और भूखंडधारक के बीच एक औपचारिक समझौता किया जाएगा।
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को आकर्षित करने के लिए, अटल सेतु प्रभावित क्षेत्र में एफडीआई लाने वाले उद्योगों को एमआईडीसी नीति के अनुरूप भूमि आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे निवेशकों को कम से कम 100 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करना होगा और भूमि लागत को छोड़कर प्रति 100 एकड़ में कम से कम 250 करोड़ रुपये का निवेश चार वर्षों के भीतर करना होगा।
अविकसित भूमि की बिक्री या हस्तांतरण की अनुमति नहीं होगी। बयान के अनुसार, कुल विकसित क्षेत्र के 25 प्रतिशत तक क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) परियोजनाओं की अनुमति होगी, बशर्ते एमएमआरडीए द्वारा निर्धारित पात्रता मानदंड और शर्तें पूरी हों।
मंत्रिमंडल ने साझेदारी के आधार पर विशेष कोष (एसपीवी) के माध्यम से भूमि विकास और विकास केंद्र स्थापित करने के लिए भूमि संग्राहकों से प्रस्ताव आमंत्रित करने को भी मंजूरी दी।
एमएमआरडीए को विस्तृत भूमि आवंटन नियम तैयार करने और अनुमोदन के लिए सरकार को प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
अटल सेतु मुंबई के सेवरी को नवी मुंबई के न्हावा शेवा से जोड़ता है। यह एक प्रमुख बुनियादी ढांचा परियोजना है । उम्मीद है कि इससे मुंबई में भीड़भाड़ कम होगी और यह संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।
मंत्रिमंडल ने राज्य भर में लगभग आठ लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को लाभान्वित करने वाली जल संसाधन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए नाबार्ड से 15,000 करोड़ रुपये के दीर्घकालिक ऋण को भी मंजूरी दी।
मंत्रिमंडल ने पुणे जिले के इंदापुर तालुका के रत्नापुरी माला में 1,000 एकड़ भूमि एक नए औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए एमआईडीसी को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है।
भाषा राजकुमार रंजन
रंजन
1002 2133 मुंबई