दिल्ली एसआरबी ने 1993 के दिल्ली बम विस्फोट के दोषी भुल्लर की समयपूर्व रिहाई की याचिका नामंजूर की
दिलीप
- 10 Feb 2026, 05:25 PM
- Updated: 05:25 PM
नयी दिल्ली, 10 फरवरी (भाषा) दिल्ली की सजा समीक्षा बोर्ड (एसआरबी) ने 1993 के दिल्ली बम विस्फोट के दोषी देवेंद्र पाल सिंह भुल्लर की समय से पहले रिहाई की याचिका एक बार फिर खारिज कर दी है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि हालांकि एसआरबी ने पिछले दिसंबर में आयोजित अपनी बैठक में एनएससीएन (एम) के स्वयंभू 'लेफ्टिनेंट' होपसन निग्नशेन की समय से पहले रिहाई की सिफारिश की, जिसे फरवरी 2009 में मणिपुर के उखरुल जिले में राज्य सरकार के तीन अधिकारियों के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था।
उन्होंने बताया कि एसआरबी ने अपनी सिफारिश में कहा कि यदि केंद्र सरकार सहमत है, तो निग्नशेन को समय से पहले रिहा किया जा सकता है।
भुल्लर को 1993 में हुए विस्फोट में नौ लोगों की मौत और 31 लोगों के घायल होने की घटना में दोषी ठहराया गया था। इस हमले में जो लोग बाल-बाल बच गये थे, उनमें युवा कांग्रेस के पूर्व प्रमुख एम एस बिट्टा भी शामिल हैं।
भुल्लर को अगस्त 2001 में एक विशेष टाडा अदालत ने मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन 2014 में उसके मृत्युदंड को आजीवन कारावास में बदल दिया गया था।
जून 2015 में स्वास्थ्य कारणों से उसे दिल्ली की तिहाड़ जेल से अमृतसर की केंद्रीय जेल में भेज दिया गया था।
अधिकारियों के अनुसार, 2022 में उसकी 'खराब स्वास्थ्य स्थिति' और 'कोमा जैसी अवस्था' के बावजूद एसआरबी ने उसकी समय से पहले रिहाई के मामले को टाल दिया था।
बाद में, 2024 में हुई अपनी बैठक में एसआरबी ने समय से पहले उसकी रिहाई को पूरी तरह से अस्वीकार कर दिया था।
केंद्र ने सितंबर 2019 में गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य में भुल्लर समेत आठ सिख कैदियों को विशेष माफी देने की सिफारिश की थी।
सूत्रों का कहना है कि लेकिन एसआरबी के कुछ सदस्यों ने यह कहते हुए उसकी रिहाई का विरोध किया कि एक आतंकवादी के रूप में उसके कृत्य से निर्दोष लोगों की जान गई थी तथा उसे ऐसे समय में रिहा करना, जब विदेश के साथ-साथ पंजाब में भी खालिस्तान के पक्ष में आवाजें फिर से उठाने की कोशिश की जा रही हैं, उससे ऐसे तत्वों का मनोबल बढ़ेगा।
एसआरबी ने अपनी बैठक में समय से पहले रिहाई के लिए 51 दोषियों के मामले पर विचार किया। आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार, बोर्ड ने भुल्लर समेत 24 दोषियों की रिहाई को अस्वीकार कर दिया।
दिल्ली सरकार के गृह विभाग द्वारा पिछले सप्ताह जारी किये गये एक आदेश में कहा गया है कि उपराज्यपाल ने एसआरबी की सिफारिश पर आजीवन कारावास के 26 दोषियों की शेष सजा माफ कर दी है।
रिहा किए गए दोषियों में नाइजीरियाई नागरिक केनेथ चिडी ओन्येघाला भी शामिल है। उसे 2022 में दिल्ली में हत्या और लूटपाट के मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
आदेश में कहा गया था कि ओन्येघाला को रिहाई के तुरंत बाद उसके मूल देश भेज दिया जाएगा।
भाषा
राजकुमार दिलीप
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