जम्मू कश्मीर सरकार जम्मू की जल सुरक्षा के लिए आईडब्ल्यूटी निलंबन का लाभ उठायेगी: अब्दुल्ला
नरेश
- 10 Feb 2026, 04:07 PM
- Updated: 04:07 PM
(तस्वीरों के साथ)
जम्मू, 10 फरवरी (भाषा) जम्मू के लिए दीर्घकालिक जल सुरक्षा योजना की जरूरत पर बल देते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मंगलवार को कहा कि सरकार सिंधु जल संधि (आईडब्ल्यूटी) के वर्तमान निलंबन का पूरी तरह से उपयोग इस क्षेत्र के लिए प्रमुख जल अवसंरचना परियोजनाओं को लागू करने के लिए करना चाहती है।
जम्मू और कश्मीर विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान शाम लाल शर्मा समेत कई भाजपा विधायकों द्वारा इस मुद्दे को उठाये जाने के बाद अब्दुल्ला ने कहा कि निष्क्रिय पड़े ट्यूबवेलों और अन्य जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन ऐसे कदम केवल अल्पकालिक उपाय हैं और जम्मू की भविष्य की जल आवश्यकताओं को पूरा नहीं कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''शर्मा का यह कहना सही है कि यह घाव पर पट्टी बांधने जैसा है।''
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योजना अगले 30 से 50 वर्षों को ध्यान में रखकर बनाई जानी चाहिए, जब पारंपरिक जल स्रोत पर्याप्त नहीं रह जाएंगे।
उन्होंने याद दिलाया कि पिछली नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) और कांग्रेस गठबंधन सरकार के कार्यकाल के दौरान, जब शर्मा मंत्री थे, तब चिनाब नदी से जम्मू शहर को पानी की आपूर्ति करने का एक प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन आईडब्ल्यूटी के तहत प्रतिबंधों के कारण इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना को आर्थिक पुनर्निर्माण एजेंसी (ईआरए) के माध्यम से एशियाई विकास कोष को भेजा गया था, लेकिन आईडब्ल्यूटी से संबंधित प्रतिबंधों के कारण इसे मंजूरी नहीं दी गई।
उन्होंने कहा कि अब स्थिति बदल गई है क्योंकि आईडब्ल्यूटी फिलहाल निलंबित है, जिससे सरकार को लंबे समय से लंबित जल परियोजनाओं पर पुनर्विचार करने और उन्हें आगे बढ़ाने का अवसर मिल रहा है।
उन्होंने कहा, ''हमारी सरकार इस अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए केंद्र सरकार के साथ मिलकर काम कर रही है।''
मुख्यमंत्री ने सदन को सूचित किया कि उनकी सरकार केंद्र के साथ दो प्रमुख परियोजनाओं - उत्तरी कश्मीर के सोपोर के पास झेलम नदी पर तुलबुल नौवहन बांध और जम्मू शहर को पानी की आपूर्ति के लिए अखनूर में चिनाब नदी से जल उठाव -पर काम कर रही है।
अब्दुल्ला ने कहा, ''हमें उम्मीद है कि दोनों परियोजनाओं को जल्द ही मंजूरी मिल जाएगी, जिसके बाद काम शुरू हो जाएगा।''
भाषा
राजकुमार नरेश
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