लेखिका सारा जोसेफ ने केरल में सरकार परिवर्तन का आह्वान किया
रंजन
- 09 Feb 2026, 04:51 PM
- Updated: 04:51 PM
त्रिशूर (केरल), नौ फरवरी (भाषा) लेखिका सारा जोसेफ ने सोमवार को कहा कि केरल में सरकार बदलनी चाहिए और आरोप लगाया कि सत्ता में बने रहने के लिए वाम लोकतांत्रिक गठबंधन (एलडीएफ) का "किसी भी शैतान" के साथ गठबंधन करने का इतिहास रहा है।
जोसेफ ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि राज्य और देश की मौजूदा स्थिति लोकतंत्र के पूर्ण विनाश को दर्शाती है।
उन्होंने कहा, "हम निश्चित रूप से कह सकते हैं कि केरल और केंद्र दोनों जगह लगातार सत्ता में रहने वाली ताकतें इसके लिए जिम्मेदार हैं।"
इससे पहले दिन में, केरल साहित्य अकादमी के अध्यक्ष और कवि के. सच्चिदानंदन ने भी यह राय व्यक्त की थी कि एलडीएफ और विपक्षी संयुक्त लोकतांत्रिक गठबंधन (यूडीएफ), जिन्होंने बारी-बारी से राज्य पर शासन किया है, केरल के लिए बेहतर हैं।
जोसेफ ने कहा कि यह उम्मीद थी कि लगातार शासन के बाद एलडीएफ लोकतंत्र के रक्षक के रूप में उभरेगी।
उन्होंने कहा, "लेकिन सभी शासक वर्गों को सांप्रदायिक और धार्मिक शक्तियों की जरूरत होती है। इन शक्तियों से मित्रता करके ये शासक वर्ग लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष भारत को नष्ट कर रहे हैं। निश्चित रूप से, सरकार परिवर्तन की जरूरत है।"
जोसेफ ने कहा कि वामपंथियों का सत्ता में बने रहने के लिए "किसी भी शैतान" के साथ गठबंधन करने का इतिहास रहा है।
उन्होंने कहा, "सत्ता में आने के लिए उन्होंने अतीत में मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन किया था। उस समय ऐसा कदम उठाना जायज़ था, लेकिन बाद में ईएमएस नंबूदिरिपाद ने इसे सुधार लिया।"
लेखिका ने आरोप लगाया कि सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में राजनीतिक दल धार्मिक और सांप्रदायिक ताकतों के साथ हाथ मिला रहे हैं।
उन्होंने कहा, "उनके लिए सत्ता महत्वपूर्ण है, न कि लोग, धर्मनिरपेक्षता या यहां तक कि संघवाद जिस पर हम भारत को अस्तित्व में देखना चाहते हैं।"
जोसेफ ने कहा, "यहां होता यह है कि जब चुनाव आते हैं, तो पार्टियां किसी से भी गठबंधन कर लेती हैं, अपनी विचारधाराओं को तोड़ देती हैं और चुनाव जीत जाती हैं। चुनाव जीतने के बाद वे सत्ता में बनी रहती हैं।"
उन्होंने ने कहा कि राजनीतिक दलों के भीतर लोकतंत्र खत्म हो रहा है क्योंकि आंतरिक रूप से प्रश्न नहीं उठाए जा सकते।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वाम मोर्चे को सुधारात्मक कदम उठाने चाहिए, तो उन्होंने वामपंथी नेताओं के मीडिया के प्रति दृष्टिकोण का हवाला दिया।
उन्होंने कहा, "वामपंथी नेताओं का मीडिया के प्रति दृष्टिकोण अप्रत्याशित है। मीडिया जनता की आवाज है, भले ही उसकी कार्यप्रणाली अलग-अलग हो। सरकारों को कभी भी मीडिया की आवाज़ दबाने का प्रयास नहीं करना चाहिए।"
जोसेफ ने कहा कि अगर एलडीएफ का अस्तित्व समाप्त हो जाता है, तो भाजपा उस खालीपन को भर देगी और अंततः सत्ता में आ जाएगी, और उन्होंने भाजपा और उसका समर्थन करने वाली पार्टियों की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि चूंकि लोग बदलाव चाहते हैं, इसलिए वे कांग्रेस की ओर देख सकते हैं, लेकिन कांग्रेस को भी लोकतंत्र के संरक्षक के रूप में कार्य करना चाहिए।
लिखिका ने कहा, "अगर वे सत्ता में आते हैं तो हम आंख बंद करके बड़े लोकतांत्रिक बदलावों की उम्मीद नहीं कर सकते। भारत की वर्तमान स्थिति केंद्र में कांग्रेस के निरंतर शासन का भी परिणाम है, जिसके दौरान भ्रष्टाचार और विफलताओं ने भाजपा को सत्ता में आने में मदद की।"
भाषा नोमान रंजन
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