उत्तर प्रदेश सरकार समस्याओं को समाधान तक पहुंचाने में विश्वास रखती है: राज्यपाल आनंदीबेन पटेल
खारी
- 09 Feb 2026, 04:07 PM
- Updated: 04:07 PM
लखनऊ, नौ फरवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को कहा कि राज्य सरकार समस्याओं को समाधान तक पहुंचाने में विश्वास रखती है और इसी रास्ते पर चलते हुए उत्तर प्रदेश को विकास को आगे बढ़ाने में सफलता मिली है।
उत्तर प्रदेश विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विधानसभा के सभागार में विधान परिषद और विधानसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए सरकार की उपलब्धियों का ब्यौरा दिया।
उन्होंने कहा, ''मेरी (उप्र) सरकार समस्या को समाधान तक पहुंचाने में विश्वास रखती है और इस राह पर बढ़ते हुए उप्र को 'बॉटलनेक स्टेट' से 'ब्रेक थ्रू स्टेट' के तौर पर स्थापित करने में सफलता मिली है।''
इस दौरान राज्य के मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों ने विधान भवन के अंदर और बाहर विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
सपा सदस्यों के विरोध के बीच राज्यपाल ने करीब 30 मिनट में अपना अभिभाषण पूरा किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार की सिलसिलेवार उपलब्धियां गिनाईं और इस दौरान सपा सदस्य लगातार विधानसभा अध्यक्ष के आसन के सामने आकर नारेबाजी और हंगामा करते रहे।
राज्यपाल ने सपा सदस्यों से नारेबाजी बंद कर अपनी-अपनी सीट पर बैठने का तीन बार आग्रह किया, लेकिन विरोध जारी रहा।
अपने अभिभाषण में पटेल ने कहा कि 'सबका साथ, सबका विकास' के संकल्प के साथ प्रदेश में लगभग छह करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव आंबेडकर के सपनों के अनुरूप उनकी सरकार गरीबी खत्म के लक्ष्य को केंद्र में रखते हुए 2026 को अंत्योदय, सामाजिक न्याय और सर्व-समावेशी लोक कल्याण का सशक्त प्रतीक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्यपाल ने कहा, ''विकसित उत्तर प्रदेश-2047' की परिकल्पना को साकार करने के दृढ़ संकल्प के साथ राज्य सरकार आगे बढ़ रही है।''
उन्होंने यह भी कहा कि 'विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश-2047' दृष्टिकोण के लिए राज्य विधानमंडल में अत्यंत उपयोगी चर्चा की गई है।
अपने 55 पन्नों के अभिभाषण में राज्यपाल ने 2017 के बाद से प्रदेश में सुशासन, सुदृढ़ कानून व्यवस्था, आधारभूत ढांचे के विस्तार, निवेश, रोजगार सृजन और जनकल्याणकारी क्षेत्रों में सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति (जीरो टॉलरेंस) की नीति लगातार जारी है।
उन्होंने पुलिस महकमे में किए गए व्यापक सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा, ''2017 के बाद बीते नौ वर्षों में पुलिस बल को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बजट में लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।''
उन्होंने अदालत परिसरों, कारागारों और अन्य क्षेत्रों में हुई उपलब्धियों का भी ब्योरा दिया।
राज्यपाल ने कहा, ''नवंबर 2019 से अब तक माफिया के विरूद्ध अदालतों में विचाराधीन मुकदमों की प्रभावी पैरवी कर 35 माफिया, 94 सह अपराधियों को अलग-अलग अभियोगों में आजीवन कारावास व जुर्माने से दंडित कराया गया। दो दोषियों को मृत्युदंड की सजा दी गई है तथा 2017 से अब तक कुल 267 अपराधी पुलिस मुठभेड़ों में मारे गए हैं।''
उन्होंने कहा कि 977 अभियुक्तों को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत निरुद्ध किया गया है और माफियाओं से अवैध रूप से अर्जित 4,137 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है।
उन्होंने पुलिस भर्ती, होमगार्ड के कल्याण, एकीकृत न्यायालय परिसरों तथा कारागारों के निर्माण से जुड़ी उपलब्धियों का भी सिलसिलेवार उल्लेख किया।
राज्यपाल ने कहा, ''उत्तर प्रदेश न केवल खाद्यान्न के मामले में आत्मनिर्भर है, बल्कि एक अधिशेष राज्य के रूप में देश में अपनी पहचान बनाए हुए है।''
उन्होंने तिलहन, दलहनी फसलों और बीजों के प्रसंस्करण के क्षेत्र में सरकार के प्रयासों तथा किसानों के हित में क्रियान्वित योजनाओं पर प्रकाश डाला।
गन्ना किसानों का जिक्र करते हुए पटेल ने कहा, ''2017 से अब तक उन्हें (किसानों को) 3,04,321 करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान कराया गया है।''
उन्होंने कहा कि गोवंश संरक्षण सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है और इसी कारण प्रदेश के 7,497 गो-आश्रय स्थलों में 12,38,547 गोवंश संरक्षित हैं।
राज्यपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत वर्ष 2020 से 2025 के बीच दो हजार 163 हेक्टेयर तालाबों और 291 हेक्टेयर रियरिंग इकाइयों का निर्माण कार्य पूरा कराया गया।
उन्होंने डेंगू और संचारी रोग नियंत्रण, रेबीज नियंत्रण तथा आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया और चिकित्सा क्षेत्र में आए व्यापक बदलावों की चर्चा की।
उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आवास योजनाओं, राज्य स्वच्छ गंगा मिशन और महाकुंभ-2025 के दौरान प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों की जल गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाए रखने के प्रयासों का जिक्र किया।
आनंदीबेन पटेल ने बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा, रोजगार तथा तकनीकी शिक्षा के क्षेत्रों में हुए सुधारों का उल्लेख किया।
उन्होंने अनुसूचित जाति के छात्रों की छात्रवृत्ति और नारी शिक्षा के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत अब तक 26,81,403 लाभार्थियों को लाभान्वित किया जा चुका है।
राज्यपाल ने पौराणिक धार्मिक स्थलों के विकास, बिजली व्यवस्था, मनरेगा, खेल और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक हजार अरब डॉलर की बनाने के लक्ष्य के तहत आगामी पांच वर्षों में 100 नयी 'टाउनशिप' विकसित करने का प्रस्ताव है, जिनमें से 34 का काम शुरू हो चुका है।
वर्ष 2017 में योगी आदित्यनाथ ने भारतीय जनता पार्टी नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार का नेतृत्व संभाला था और वर्ष 2022 में वह दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने।
भाषा आनन्द खारी खारी
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