बाइक सवार की मौत: डीजेबी की जांच में सुरक्षा चूक का खुलासा; अधिकारी, ठेकेदार दोषी
माधव
- 07 Feb 2026, 09:48 PM
- Updated: 09:48 PM
नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी इलाके में गड्ढे में गिरने से एक मोटरसाइकिल सवार की मौत के मामले में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) की आंतरिक जांच में काम के निष्पादन के दौरान कई सुरक्षा और पर्यवेक्षण संबंधी खामियां पाई गई हैं। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह घटना शुक्रवार रात को उस वक्त हुई जब बाइक चालक कमल ध्यानी (25) अपने आवास की ओर जाने के लिए 'शॉर्टकट' की कोशिश में यातायात मार्ग के विपरीत गाड़ी चला रहे थे।
एक दिन पहले, जल मंत्री परवेश वर्मा के निर्देश पर डीजेबी ने घटना की जांच के लिए उच्च स्तरीय दो सदस्यीय समिति का गठन किया था। घटनास्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था, बैरिकेडिंग, यातायात संकेतक और यातायात प्रबंधन की समीक्षा कर उसी शाम तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।
रिपोर्ट में कहा गया, ''कार्य स्थल पर बैरिकेडिंग अपर्याप्त थी और एजेंसी/ठेकेदार ने इसकी सही से देखरेख नहीं की थी। कार्य क्षेत्र की व्यापक सुरक्षा और स्पष्ट सीमांकन सुनिश्चित करने के लिए कार्य स्थल की पूरी परिधि के साथ लोहे की बैरिकेडिंग अनिवार्य है।''
अधिकारियों के अनुसार जांच से पता चला कि घटना के समय परियोजना स्थल को बिना निगरानी के छोड़ दिया गया था, जो अनिवार्य सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक को दर्शाता है।
रिपोर्ट में कहा गया, ''यह विफलता निर्माण एजेंसी और संबंधित इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट डिवीजन के पर्यवेक्षण अधिकारियों द्वारा आधिकारिक कर्तव्यों/जिम्मेदारियों के निर्वहन में स्पष्ट कमी को उजागर करती है।''
रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय स्तर पर जांच से पता चला कि युवक ने बैरिकेड वाली सड़क के प्रतिबंधित और बंद संकीर्ण हिस्से में प्रवेश किया था, जिसे परियोजना से संबंधित कार्य के लिए बंद कर दिया गया था।
डीजेबी की रिपोर्ट में कहा गया, ''यह भी पाया गया कि व्यक्ति अपने आवास की ओर जाने के लिए शॉर्टकट लेने की कोशिश में यातायात मार्ग की विपरीत दिशा में जा रहा था।''
समिति ने जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त सुधारात्मक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है।
जांच के निष्कर्षों में कहा गया, ''यह अनुशंसा की जाती है कि परियोजना स्थल पर लगे सभी ठेकेदारों को बिना किसी देरी के कारण बताओ नोटिस जारी किया जाए। उनके जवाब की प्राप्ति और जांच के बाद, सुधारात्मक उपायों को लागू करने के लिए संबंधित एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए जाएं।''
ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए, समिति ने निर्धारित मानकों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए सभी कार्य स्थलों पर बैरिकेडिंग और गड्ढा सुरक्षा मानदंडों को सख्ती से लागू करने की सिफारिश की है।
जांच में डीजेबी अधिकारियों रमेश कुमार गुप्ता, अधीक्षण अभियंता, आज़ाद सिंह ग्रेवाल, कार्यकारी अभियंता, वंदना, सहायक अभियंता (सिविल) और आलोक कुमार, कनिष्ठ अभियंता (सिविल) की ओर से प्रथम दृष्टया ''कर्तव्य में लापरवाही'' का पता चला है।
मृतक के परिवार ने डीजेबी की ओर से लापरवाही का आरोप लगाया है और बाइक चालक की मौत के मामले में साजिश का भी संदेह जताया है।
भाषा आशीष माधव
माधव
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