प्रधानमंत्री मोदी को लोकसभा में जवाब देने से रोका जाना 'दुर्भाग्यपूर्ण': जल शक्ति मंत्री पाटिल
धीरज
- 07 Feb 2026, 10:38 PM
- Updated: 10:38 PM
(तस्वीरों के साथ)
जयपुर, सात फरवरी (भाषा) केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने शनिवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस के व्यवहार के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लोकसभा में उत्तर नहीं दे पाए। उन्होंने संसद में बनी स्थिति को "दुर्भाग्यपूर्ण" और "देश के साथ अन्याय" बताया।
पाटिल ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा बनाए गए माहौल के कारण प्रधानमंत्री लोकसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की बहस पर अपना जवाब नहीं दे पाए थे।
उन्होंने कहा कि आज तक के इतिहास में ऐसा हुआ नहीं है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा, ''लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और अन्य कांग्रेस सदस्यों ने ऐसा माहौल बनाया कि महिला सांसद प्रधानमंत्री की सीट के पास पहुंच गईं और उसे घेर लिया।'' उन्होंने दावा किया कि ''माहौल से ऐसा लग रहा था जैसे हमला हो सकता है। प्रधानमंत्री पर हमला करने का माहौल बनाना कांग्रेस के लिए अपने आप में दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।''
पाटिल ने कांग्रेस पर विरोध प्रदर्शन के लिए महिला सांसदों को आगे करने का भी आरोप लगाया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा,''महिलाओं को आगे करके अगर उन्होंने यह काम किया है तो हमारा इतिहास साक्षी है कि महिलाओं को आगे कर ऐसा काम दुर्बल ही करता है। जिनको अपनी ताकत पर भरोसा नहीं है।''
इसे गंभीर मुद्दा बताते हुए मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री को लोकसभा में अपना जवाब देने से रोकना देश के साथ अन्याय है।
पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ईआरसीपी) पर पाटिल ने कहा कि इसे राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देने का फैसला मंत्रिमंडल करेगा। यमुना जल समझौते संबंधी एक सवाल पर उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण नहीं है कि केंद्र सरकार या राज्य सरकार कितना पैसा देती है। महत्वपूर्ण यह है कि राजस्थान को कितना पानी मिलेगा।
उन्होंने कहा कि लगभग 10 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और महत्वपूर्ण बात यह है कि परियोजना जल्द पूरी हो ताकि लोगों को पानी मिल सके। यमुना जल को लेकर हरियाणा और राजस्थान के बीच पहले ही समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं।
पाटिल ने कहा कि विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। उन्होंने केंद्रीय बजट 2026–27 को सर्वांगीण विकास का बजट बताते हुए कहा कि यह 'विकसित भारत–2047' की दिशा में मजबूत और निर्णायक कदम है।
पाटिल ने यहां केंद्रीय बजट 2026 पर 'व्यापारिक एवं व्यावसायिक संवाद' कार्यक्रम को भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस बजट में किसान, युवा, महिला, व्यापारी, एमएसएमई और उद्योग जगत सहित सभी वर्गों का समावेशी ध्यान रखा गया है।
पाटिल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आयकर सीमा 12 लाख रुपये से अधिक कर मध्यम वर्ग को राहत दी गई है जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
उन्होंने कहा,''आज टैक्स देने में भय नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का गर्व है।''
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि ''प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने 2014 के बाद ऐतिहासिक परिवर्तन देखा है। गरीब कल्याण, उद्योग, वैश्विक प्रतिष्ठा और आर्थिक मजबूती की दिशा में निरंतर काम हो रहा है।''
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री शर्मा निरंतर राजस्थान के विकास के लिए केंद्र सरकार से समन्वय कर रहे हैं।
भाषा पृथ्वी धीरज
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