जम्मू कश्मीर को जलविद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता का इस्तेमाल करना चाहिए : शाह
दिलीप
- 07 Feb 2026, 06:56 PM
- Updated: 06:56 PM
(फोटो सहित)
जम्मू, सात फरवरी (भाषा) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जम्मू कश्मीर में विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की, और केंद्र शासित प्रदेश में जलविद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता का उपयोग करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
यहां लोक भवन में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र एक विकसित और समृद्ध जम्मू कश्मीर के निर्माण के दृष्टिकोण के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।
अधिकारियों ने बताया कि करीब दो घंटे की बैठक में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव अटल दुल्लू और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात सहित अन्य शामिल थे।
गृह मंत्री ने कहा, ''विकास को गति देने के लिए मोदी सरकार के निरंतर और समर्पित प्रयासों के कारण, जम्मू-कश्मीर में विकास परियोजनाओं ने अभूतपूर्व प्रगति की है। जम्मू-कश्मीर को अपनी जलविद्युत परियोजनाओं की पूरी क्षमता विकसित करने की जरूरत है।''
शाह बृहस्पतिवार देर रात जम्मू पहुंचे और शुक्रवार को उन्होंने कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास गुरनाम एवं बोबियान में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की अग्रिम चौकियों का दौरा करने के साथ क्षेत्र के अपने दो दिवसीय दौरे की शुरुआत की।
कठुआ से लौटने पर शाह ने एक सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अन्य लोगों के अलावा सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी शामिल थे और बैठक का मुख्य उद्देश्य जम्मू कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त करना था।
परियोजनाओं पर बैठक के दौरान, शाह ने सड़क बुनियादी ढांचे, बिजली, उद्योग, पर्यटन, 4जी और ऑप्टिकल-फाइबर कनेक्टिविटी जैसे प्रमुख क्षेत्रों की व्यापक समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को शत-प्रतिशत पूरा करने और यह सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए कि सभी विकास परियोजनाओं का लाभ लक्षित लाभार्थियों तक पहुंचे।
गृह मंत्री ने युवाओं को विकास से जोड़ने के लिए खेल बुनियादी ढांचे के विकास और खेल अकादमी की स्थापना के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, "इस संबंध में विभिन्न खेल निकायों के साथ मिलकर लगभग 200 करोड़ रुपये के निवेश का प्रयास किया जाएगा।"
शाह ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के माध्यम से जम्मू-कश्मीर में डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के प्रयास किए जाने चाहिए।
एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, जम्मू-कश्मीर को वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता (एसएएससीआई) योजना के दायरे में लाया गया है, जिससे पूंजीगत परियोजनाओं के लिए 50-वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण तक पहुंच संभव हो जाएगी।
शाह ने कहा कि मजबूत राजकोषीय अनुशासन समय के साथ केंद्र शासित प्रदेश के राजकोषीय घाटे को स्थिर करने में सहायता करेगा।
उन्होंने कहा, ''भारत आजादी के 100 साल पूरे होने पर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है और सरकार इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जम्मू कश्मीर को पूरे दिल से सहयोग देना जारी रखेगी।"
गृह मंत्री ने आतंकवाद से लड़ते हुए अपनी जान कुर्बान करने वाले कई पुलिसकर्मियों के परिवारों से मुलाकात की और उन्हें नौकरी के पत्र सौंपे।
भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी शुक्रवार को गृह मंत्री से मुलाकात की।
शाह ने बैठक के बाद सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, ''जम्मू में भाजपा की जम्मू कश्मीर इकाई के पदाधिकारियों और विधायकों, सांसदों के साथ बैठकें कीं। मोदी जी के विकास कार्यों की जमीनी पहुंच सुनिश्चित करने और संगठन को विस्तार देते हुए 'विकसित जम्मू कश्मीर, सुरक्षित जम्मू कश्मीर' के दृष्टिकोण को साकार बनाने के लिए भाजपा कार्य करती रहेगी।''
भाषा आशीष दिलीप
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