बाइक सवार मौत मामला : परिवार की वकील ने डीजेबी की लापरवाही, धीमी जांच का आरोप लगाया
नेत्रपाल
- 07 Feb 2026, 05:16 PM
- Updated: 05:16 PM
नयी दिल्ली, सात फरवरी (भाषा) पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में गहरे गड्ढे में गिरने से जान गंवाने वाले कमल ध्यानी के परिवार की एक वकील ने आरोप लगाया है कि निर्माण कार्य के लिए कथित तौर पर दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा खोदा गया यह गड्ढा लगभग 20 फुट गहरा था और इसे उचित तरीके से नहीं ढका गया था।
परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस सीसीटीवी फुटेज सहित महत्वपूर्ण सबूत इकट्ठा करने में देरी कर रही है।
पीड़ित परिवार का प्रतिनिधित्व कर रहीं अधिवक्ता आस्था चतुर्वेदी ने कहा, ''दिल्ली जल बोर्ड ने पूरी तरह से लापरवाही बरती।''
उन्होंने दावा किया कि घटनास्थल पर कोई चेतावनी चिह्न, रिफ्लेक्टर या प्रकाश व्यवस्था नहीं थी।
चतुर्वेदी ने कहा, ''गड्ढे को ठीक से नहीं ढका गया था, न ही यात्रियों को चेतावनी देने के लिए उसके चारों ओर कोई अवरोधक लगाए गए थे।''
वकील ने बताया कि बैरिकेड और प्रकाश व्यवस्था नहीं होने के कारण लापरवाही बरतने के लिए डीजेबी और संबंधित ठेकेदार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
हालांकि, उन्होंने दावा किया कि परिवार को अभी तक किसी भी अधिकारी के निलंबन के बारे में सूचित नहीं किया गया है।
चतुर्वेदी ने जांच की धीमी गति पर भी चिंता जताई और आरोप लगाया कि घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इलाके की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराई गई है।
उन्होंने कहा, ''अगर रिकॉर्डिंग साझा नहीं की जाएगी, तो हमें कैसे पता चलेगा कि दुर्घटना कैसे हुई?''
रोहिणी स्थित एक निजी बैंक में कार्यरत कमल ध्यानी (25) बृहस्पतिवार-शुक्रवार की रात घर लौट रहे थे कि तभी वह सीवर परियोजना के लिए खोदे गए गड्ढे में बाइक के साथ गिर गए जिससे उन्हें जानलेवा चोट आई।
पुलिस ने बताया कि कैलाशपुरी निवासी कमल को शुक्रवार सुबह दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कमल के जुड़वां भाई करण ध्यानी ने बताया कि परिवार ने रात भर उनकी तलाश में डाबरी, विकास पुरी और सागरपुर समेत कई पुलिस थानों के चक्कर लगाए, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
करण ने कहा, ''मेरे भाई की मौत को 24 घंटे से अधिक हो गए हैं और पुलिस अभी भी कह रही है कि वह सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल कर रही है।''
उन्होंने डीजेबी पर भी लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परिवार त्वरित न्याय और दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग कर रहा है।
करण ने कहा, ''मेरे नुकसान की भरपाई कोई नहीं कर सकता। मैं बस इतना चाहता हूं कि मेरे माता-पिता को सहारा मिले और मेरे भाई को जल्द से जल्द न्याय मिले।''
जनकपुरी निवासी जसप्रीत सिंह ने आरोप लगाया कि सुरक्षा उपाय इस जानलेवा दुर्घटना के बाद ही लागू किए गए।
सिंह ने कहा, ''युवक की मौत के बाद ही उन्हें (प्रशासन) अचानक बैरिकेड लगाने की याद आई। इससे पहले न तो कोई चेतावनी संकेत थे और न ही कोई बैरिकेड।''
दिल्ली पुलिस ने मामले में एक उप-ठेकेदार को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि जांच में पता चला है कि उप-ठेकेदार राजेश प्रजापति को दुर्घटना की सूचना कई घंटे पहले दी गई थी, लेकिन उसने कोई कार्रवाई नहीं की।
भाषा शफीक नेत्रपाल
नेत्रपाल
0702 1716 दिल्ली