कांग्रेस को स्पष्ट करना चाहिए कि वह 'असमियों' के साथ है या 'मियां' के साथ : हिमंत
पवनेश
- 06 Feb 2026, 09:58 PM
- Updated: 09:58 PM
गुवाहाटी, छह फरवरी (भाषा) असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कांग्रेस को बांग्लादेशी घुसपैठियों का हमदर्द बताते हुए शुक्रवार को कहा कि विपक्षी पार्टी को स्पष्ट करना चाहिए वह असमिया जनता के साथ खड़ी है या 'मियां' समुदाय के साथ।
शर्मा ने कहा कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई अपने आसपास ऐसे लोगों को रखते हैं जो असमिया लोगों के हितों के खिलाफ हैं।
मुख्यमंत्री ने गोलाघाट जिले में एक सरकारी कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, '' कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि वह असमिया जनता के साथ खड़ी है या 'मियां' समुदाय के साथ। मियां से तात्पर्य बांग्लादेश से आए लोगों से है।''
'मियां' मूल रूप से असम में बांग्ला भाषी मुसलमानों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक अपमानजनक शब्द है। गैर- बांग्ला भाषी लोग आमतौर पर उन्हें बांग्लादेशी अप्रवासी मानते हैं। हाल के वर्षों में, इस समुदाय के कार्यकर्ताओं ने विरोध के प्रतीक के रूप में इस शब्द को अपनाना शुरू कर दिया है।
शर्मा ने कहा कि 'मियां' शुरू में बांग्लादेश सीमा के पास बारपेटा और धुबरी जैसे पश्चिमी हिस्सों में बसे थे, लेकिन अब वे राज्य के पूर्वी छोर पर स्थित दुलियाजान और मार्गेरिटा शहरों तक पहुंच गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''हम कैसे बचे रहेंगे? उन्होंने 10 लाख एकड़ जमीन हड़प ली है। हम कहां जाएंगे?''
उन्होंने कहा, ''लोग कांग्रेस से सवाल करेंगे कि वे 'मियां' के साथ हैं या 'असमिया' लोगों के साथ।''
शर्मा ने आरोप लगाया कि गोगोई के 'मुख्य सलाहकार' अब मानवाधिकार कार्यकर्ता हर्ष मंदार और वकील तथा राज्य पार्टी के नेता अमन वदूद हैं।
उन्होंने कहा, ''दोनों ने अब्दुल मुहिब मजूमदार द्वारा लिखित एक पुस्तक का संपादन किया था, जिसमें कहा गया है कि असमिया लोग बाद में आए और मियां लोग सबसे पहले असम आए थे।''
शर्मा ने कहा, ''कांग्रेस में असम और यहां की जनता के विरोधी भरे पड़े हैं। हाल के वर्षों में राज्य कांग्रेस में भूपेन बोरा और रिपुन बोरा जैसे अध्यक्ष रहे हैं, लेकिन असम विरोधी लोगों को इतनी अहमियत कभी नहीं दी गई।''
उन्होंने दावा किया, ''अगर अगले 5-10 सालों में हम प्रतिरोध खड़ा नहीं कर पाए, तो कुछ भी नहीं बचेगा।''
भाषा धीरज पवनेश
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