अल्पसंख्यकों पर भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल की टिप्पणी को लेकर विधानसभा में हंगामा
पवनेश
- 06 Feb 2026, 09:56 PM
- Updated: 09:56 PM
कोलकाता, छह फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन शुक्रवार को उस समय अराजक स्थिति उत्पन्न हो गयी जब तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल की उस कथित टिप्पणी का विरोध किया जिसमें उन्होंने कहा था कि मदरसों के लिए बजट आवंटन से राष्ट्रविरोधी तत्वों को बढ़ावा मिल सकता है।
तृणमूल कांग्रेस के विधायकों ने नारे लगाये और पॉल की टिप्पणियों के विरोध में सदन में आसन के निकट आ गये, वहीं विपक्षी दल भाजपा के विधायकों ने आसनसोल दक्षिण सीट से अपने विधायक के समर्थन में जवाबी नारे लगाए।
पॉल ने बृहस्पतिवार को पेश किये गये अंतरिम राज्य बजट पर चर्चा के दौरान कहा कि मदरसों के लिए आवंटित धनराशि अल्पसंख्यकों के उत्थान में सहायक नहीं होगी। उन्होंने उन तत्वों को बढ़ावा देने के खिलाफ चेतावनी दी जो ''डॉक्टर, इंजीनियर और शिक्षक बनने के बजाय अपराधी बन सकते हैं''।
विधानसभा अध्यक्ष विमान बनर्जी ने कहा कि इन टिप्पणियों को सदन के रिकॉर्ड से हटा दिया जायेगा।
बाद में अध्यक्ष ने अपने कक्ष में पत्रकारों को बताया कि उन्हें तृणमूल कांग्रेस के विधायक दल से एक पत्र मिला है, जिस पर संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेब चट्टोपाध्याय, मुख्य सचेतक निर्मल घोष, पीडब्ल्यूडी मंत्री अरूप विश्वास, वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और श्रम मंत्री मोलोय घटक समेत 10-12 वरिष्ठ नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इस पत्र में पॉल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।
उन्होंने कहा, ''मैं फिर से दोहराता हूं कि इस तरह की टिप्पणियां सदन के मूल्यों और सिद्धांतों के विरुद्ध हैं और मैं प्रत्येक सदस्य को भविष्य में ऐसी टिप्पणियों से बचने की चेतावनी देता हूं। मैं शनिवार को सत्र शुरू होने पर पत्र का जवाब भी दूंगा।''
शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया, ''हमने अध्यक्ष को पत्र भेजकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। अब हम कल उनके फैसले का इंतजार करेंगे।''
वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि यह चौंकाने वाली बात है कि संविधान के तहत शपथ लेने और धर्मनिरपेक्ष मूल्यों को बनाये रखने का वादा करने वाला एक जन प्रतिनिधि सदन में इस तरह का खतरनाक विभाजनकारी अल्पसंख्यक विरोधी भाषण दे सकता है।
सदन की कार्यवाही सात फरवरी को कुछ विधेयकों को पारित करने के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जायेगी।
अपने बयान को वापस लेने से इनकार करते हुए, पॉल ने बाद में पत्रकारों से कहा कि उनका मतलब पूरे समुदाय से नहीं था, बल्कि सीमा पार से ताकतों द्वारा समर्थित कुछ चरमपंथी तत्वों से था।
उन्होंने कहा, ''मैं यह कैसे भूल सकती हूं कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आईएनए का मुख्य लेफ्टिनेंट एक मुस्लिम था। हम उन जिहादी राष्ट्रविरोधी तत्वों को सहायता देने के खिलाफ हैं जिन्हें कई मदरसों में पनाह दी गई है।''
पॉल ने विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कहा, ''मैंने कहा था कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद मुसलमानों को विकास का सही लाभ मिलेगा। उनका इस्तेमाल वोट बैंक के रूप में नहीं किया जायेगा और कुछ मदरसे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों का अड्डा नहीं बनेंगे।''
भाषा
देवेंद्र पवनेश
पवनेश
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