सरकार कृषि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तकनीक का उपयोग कर रही, 8 करोड़ किसानों को डिजिटल आईडी: चौहान
सुभाष
- 06 Feb 2026, 08:15 PM
- Updated: 08:15 PM
नयी दिल्ली, छह फरवरी (भाषा) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि सरकार कृषि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर तकनीक का इस्तेमाल कर रही है और 19 राज्यों में 8.48 करोड़ किसानों को 'डिजिटल आईडी' दी जा चुकी है।
उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों का उत्तर देते हुए चौहान ने डिजिटल अवसंरचना का लाभ नहीं उठाने के लिए पूर्ववर्ती संप्रग सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कृषि क्षेत्र में शुरू की गई तकनीकी पहल का जिक्र करते हुए कहा, "हम बड़े पैमाने पर कृषि क्षेत्र में तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। पिछली सरकार कागजी कार्रवाई करती थी, हम तकनीक का इस्तेमाल कर रहे हैं।"
उन्होंने बताया कि 'एग्रीस्टैक' नामक डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) के तहत सरकार प्रत्येक किसान के लिए किसान पहचान पत्र बना रही है, जिसमें भूमि रिकॉर्ड और परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज होगा।
अब तक आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और कर्नाटक सहित 19 राज्यों में 8.48 करोड़ किसान पहचान पत्र जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि गोवा, सिक्किम और जम्मू कश्मीर में किसानों का पंजीकरण जल्द ही शुरू होगा।
चौहान ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश, अंडमान निकोबार, मिजोरम, मेघालय, नगालैंड, पुडुचेरी, लद्दाख और झारखंड में भूमि विवरण के डिजिटल रिकॉर्ड के अभाव में किसान पहचान पत्र (आईडी) तैयार नहीं किए जा सके। उन्होंने कहा कि केंद्र इन राज्यों को भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के लिए सहायता प्रदान कर रहा है।
चौहान ने एक सवाल के लिखित जवाब में कहा कि 'एग्रीस्टैक' में कृषि क्षेत्र से संबंधित तीन मूलभूत आंकड़े या डेटाबेस शामिल हैं। इनमें किसान रजिस्टर, भौगोलिक संदर्भ वाले ग्राम मानचित्र और बोई गई फसल के रजिस्टर शामिल हैं।
उन्होंने कहा, ''यह किसानों की पहचान, भूमि और उनकी फसलों के लिए एक विश्वसनीय स्रोत बनाता है।''
चौहान ने कहा कि डिजिटल फसल सर्वेक्षण से फसलों की खेत आधारित जानकारी प्राप्त करना और विभिन्न मौसम में बुवाई के पैटर्न का बेहतर अनुमान लगाना संभव हुआ है।
खरीफ 2025 में, देशभर के 604 जिलों में 28.5 करोड़ से अधिक भूखंडों का डिजिटल फसल सर्वेक्षण (डीसीएस) किया गया।
भाषा अविनाश सुभाष
सुभाष
0602 2015 संसद