मेघालय खदान विस्फोट: संगमा की सख्त कार्रवाई की चेतावनी, स्थिति का जायजा लेने दो मंत्रियों को भेजा
अमित
- 06 Feb 2026, 11:05 AM
- Updated: 11:05 AM
शिलॉन्ग, छह फरवरी (भाषा) मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार पूर्वी जयंतिया हिल्स कोयला खदान विस्फोट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। इस घटना में कम से कम 18 लोग मारे गए थे।
उन्होंने जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए दो कैबिनेट मंत्रियों को भी तैनात किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंत्रियों को घटनास्थल का दौरा करने, अधिकारियों से मिलने तथा बचाव, राहत और कानून व्यवस्था की स्थिति का जायजा लेने के लिए कहा गया है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और खनन विभाग के अधिकारी पहले से ही घटनास्थल पर मौजूद हैं।
संगमा ने कहा कि पुलिस को इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं और चेतावनी दी कि अवैध खनन गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक खनन की शुरुआत के साथ खनिकों से उम्मीद की जाती है कि वे वैध खनन लाइसेंस के लिए आवेदन करें। उन्होंने कहा कि यह विकल्प अब उपलब्ध है और ऐसी घटनाओं को होने नहीं दिया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से तीन-तीन लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।
पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के सुदूरवर्ती थांगस्कू इलाके में एक अवैध कोयला खदान में बृहस्पतिवार को हुए विस्फोट में कम से कम 18 खनिक मारे गए थे।
बचाव अभियान जारी है और मलबे में और भी लोगों के फंसे होने की आशंका है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस दुर्घटना पर दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायलों के लिए 50,000 रुपये दिये जाने की घोषणा की।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संगमा से बात की और उन्हें जारी बचाव कार्यों के लिए केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
मेघालय उच्च न्यायालय ने इस घटना से संबंधित मीडिया रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए पूर्वी जयंतिया हिल्स के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को अवैध खनन में शामिल खदान मालिकों एवं संचालकों की पहचान करने तथा उन्हें गिरफ्तार करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने दोनों अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और की गई कार्रवाई का विवरण देने के लिए भी तलब किया है।
इस घटना ने राज्य में अवैध कोयला खनन के मुद्दे को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने 2014 में मेघालय में अवैध कोयला खनन और अन्य अवैज्ञानिक खनन पद्धतियों पर प्रतिबंध लगा दिया था, साथ ही पर्यावरण को होने वाले नुकसान और सुरक्षा खतरों का हवाला देते हुए अवैध रूप से खनन किए गए कोयले के परिवहन पर भी रोक लगा दी थी। प्रतिबंध के बावजूद राज्य में हाल के वर्षों में कोयला खदानों में कई घातक दुर्घटनाएं हुई हैं।
भाषा सुरभि अमित
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0602 1105 शिलॉन्ग