प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्ष पर राष्ट्रपति, संविधान का अपमान करने का आरोप लगाया
सुरेश
- 05 Feb 2026, 09:28 PM
- Updated: 09:28 PM
नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस पर लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस के दौरान हंगामा कर उनका (राष्ट्रपति का) अपमान करने का आरोप लगाया।
उन्होंने मुख्य विपक्षी दल पर आदिवासियों, दलितों और पूर्वोत्तर के लोगों का भी अपमान करने का आरोप लगाया।
राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर संविधान का अपमान करने का आरोप लगाया।
लोकसभा में हंगामे का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ''कांग्रेस ने राष्ट्रपति का अपमान किया। यह शर्मनाक है...कल लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा नहीं हो सकी। यह राष्ट्रपति पद का अपमान है। ऐसे लोगों को संविधान के बारे में बात करने का कोई अधिकार नहीं है।''
उन्होंने कहा, ''आपने आदिवासियों, महिलाओं और भारत के सर्वोच्च पद का अपमान किया है। लोकसभा में जो घटना हुई, वह बहुत दुखद है। हम आपकी निराशा, हताशा समझ सकते हैं, लेकिन यह लोकतंत्र के मंदिर में किया गया। उस समय, कुर्सी पर असम के एक सांसद थे और उन पर कागज फेंके गए। क्या यह पूर्वोत्तर का अपमान नहीं है? असम के लोगों का अपमान नहीं है?''
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ''उन्होंने कल भी ऐसा किया था, उस समय, आंध्र प्रदेश के एक दलित परिवार का बेटा कुर्सी पर था। वे अपना काम कर रहे थे, लेकिन आप उनका अपमान कर रहे हैं, क्योंकि वह दलित परिवार से आते हैं?''
उन्होंने कांग्रेस पर असम के मशहूर गायक, संगीतकार, फिल्म निर्माता, कवि भूपेन हजारिका का अपमान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, ''यह हमारा सौभाग्य था कि हम उन्हें भारत रत्न दे सके। उन्होंने (विपक्ष ने) उस पर भी आपत्ति जताई।''
उन्होंने केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू पर राहुल गांधी की 'गद्दार' वाली टिप्पणी की भी निंदा की और इसे पूरे सिख समुदाय का अपमान बताया।
उन्होंने मनोनीत सांसद सदानंदन मास्टर का भी जिक्र किया जिन्होंने अपने पहले भाषण के दौरान सदन में अपने कृत्रिम पैर प्रदशित किए थे।
मोदी ने कहा कि कांग्रेस के नेता ने इस सदन के एक सदस्य को गद्दार कहा, जो अहंकार की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से इतने गुट अलग हुए हैं, इतने लोग चले गए, उन्होंने सांसद को गद्दार इसलिए कहा, क्योंकि वह सिख हैं। उन्होंने कहा कि यह सिखों का अपमान है और सिखों के प्रति कांग्रेस की नफरत को दिखाता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि दूसरी ओर सदानंदन मास्टर हैं, राजनीतिक दुश्मनी के कारण जवानी में उनके पैर काट दिए गए थे। उन्होंने कहा कि सदानंदन मास्टर के मूल्य इतने ऊंचे हैं, वह कभी भी गलत भाषा का इस्तेमाल नहीं करते।
उन्होंने कहा, ''इसके लिए इंडी गठबंधन जिम्मेदार है। वैचारिक मतभेदों के कारण, एक शिक्षक, एक युवा के पैर काट दिए गए और उन्हें कोई पछतावा भी नहीं है।
भाषा अविनाश सुरेश
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