टीटीडी लड्डू विवाद : सुधारात्मक कदम उठाने के लिए एक सदस्यीय समिति की घोषणा
प्रशांत
- 05 Feb 2026, 07:29 PM
- Updated: 07:29 PM
अमरावती, पांच फरवरी (भाषा) आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बृहस्पतिवार को तिरुपति के लड्डू में कथित मिलावटी घी के इस्तेमाल को "भगवान के खिलाफ सबसे बड़ा पाप" करार देते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) की रिपोर्ट के बाद सुधारात्मक कदम उठाने के लिए एक सदस्यीय समिति गठित करने की घोषणा की।
नायडू ने कहा कि वर्ष 2022 में, जब वाईएसआरसीपी सत्ता में थी, उस समय केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान (सीएफटीआरआई) की रिपोर्ट में भी मिलावटी घी की बात स्पष्ट रूप से सामने आई थी।
मुख्यमंत्री ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री पद संभालने के बाद तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) में "शुद्धिकरण प्रक्रिया" के तहत घी के नमूने एनडीडीबी-सीएएलएफ को भेजे गए थे जिसने साफ तौर पर कहा कि घी में पशु चर्बी की मिलावट थी।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के नेता पवन कल्याण, पीवीएन माधव और अन्य संवाददाता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री के साथ मौजूद थे।
उन्होंने कहा, "एनडीडीबी ने साफ तौर पर बताया कि घी में पशु चर्बी की मिलावट की गई थी। मैंने वही कहा था। आज एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। घी पर एसआईटी की रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें पामोलीन तेल और रसायनों की मिलावट की गई थी।"
मुख्यमंत्री ने बताया कि एसआईटी ने कुछ लोगों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई करने के लिए एक रिपोर्ट प्रस्तुत की है।
उन्होंने कहा, "हम खामियों का अध्ययन करने और सुधारात्मक कदम उठाने के लिए एक सदस्यीय समिति गठित करेंगे। यदि कोई अतिरिक्त जानकारी सामने आती है तो उसे अदालत में प्रस्तुत किया जाएगा।"
नायडू ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार ने कथित रूप से इस मिलावट में शामिल होकर "पाप" किया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पिछले शासनकाल में कई मंदिरों पर हमले हुए।
नायडू ने दावा किया कि इतिहास में किसी ने भी श्री वेंकटेश्वर स्वामी को चुनौती नहीं दी थी। उन्होंने कहा कि अंग्रेजों ने भी तिरुमला की परंपराओं और रीति-रिवाजों को और बेहतर बनाया था।
मुख्यमंत्री ने 'क्लीन चिट' के दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सीबीआई रिपोर्ट में कहीं भी यह प्रमाणित नहीं है कि कोई मिलावट नहीं थी और कहा कि आरोपी झूठी बातें फैला रहे हैं और ध्यान भटकाने के लिए जवाबी हमले कर रहे हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि 'धमकी और गुंडागर्दी' सफल नहीं होगी और जोर देकर कहा कि दोषियों को कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी।
भगवान वेंकटेश्वर स्वामी को अपना "कुल देवता" बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि वर्ष 2003 की शुरुआत में नक्सलियों द्वारा किए गए हमले के दौरान भगवान ने ही उनकी रक्षा की थी।
टीटीडी भगवान वेंकटेश्वर के उस पहाड़ी मंदिर का संरक्षक है, जहां दुनिया भर से हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
सितंबर 2024 में उस समय विवाद खड़ा हो गया था, जब नायडू ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की एक बैठक में आरोप लगाया था कि मंदिर के प्रसाद (लड्डू) के निर्माण में घटिया सामग्री और पशु वसा का इस्तेमाल किया गया।
इस बीच, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि सरकार धार्मिक मुद्दों पर "जिम्मेदारी और सावधानी" से बात करती है।
कल्याण ने कहा, "अभी तक किसी भी रिपोर्ट ने 'क्लीन चिट' नहीं दी है। पशु चर्बी से जुड़े आरोप बेहद संवेदनशील हैं और उन पर हल्के में बात नहीं की जा सकती।"
उन्होंने कहा कि सरकार ने एनडीडीबी की परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही इस बारे में बात की है।
उन्होंने कहा कि यह मुद्दा हिंदू धर्म और भावनाओं से जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई गलती हुई है तो माफी मांगने के बजाय विपक्ष सरकार पर हमला कर रहा है और झूठा प्रचार कर रहा है।
भाजपा की आंध्र प्रदेश इकाई के अध्यक्ष पीवीएन माधव ने वाईएसआरसीपी की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि तिरुमला लड्डू का मुद्दा पिछली सरकार की "मिलावटी सोच और भ्रष्ट शासन" को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, "रासायनिक रूप से संसाधित और मिलावटी घी से लड्डू बनाना खतरनाक है, भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है और जन स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करता है। वर्तमान सरकार मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और पवित्रता बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।"
इस मामले की जांच सीबीआई की विशेष जांच टीम कर रही है।
भाषा राखी नरेश प्रशांत
प्रशांत
0502 1929 अमरावती