बिना उचित प्रक्रिया के कैसे हासिल होगा 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य : आप
मनीषा
- 05 Feb 2026, 05:00 PM
- Updated: 05:00 PM
नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को आम आदमी पार्टी (आप) के सदस्य संदीप कुमार पाठक ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2047 तक देश को विकसित बनाने के लक्ष्य से किसी को आपत्ति नहीं होगी लेकिन इसे हासिल करने के लिए क्या उचित प्रक्रिया अपनायी गयी है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए आप सदस्य पाठक ने कहा कि देश को विकसित बनाने के लिए केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय और विभिन्न संस्थाओं को मजबूत बनाने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य के बीच का समन्वय खत्म हो गया है और केंद्र एक ओर राज्यों का आवंटन रोक रहा है वहीं प्रशासनिक बाधाएं भी पैदा कर रहा है।
आप सदस्य ने दावा किया कि केंद्र ने विभिन्न मदों में पंजाब को उसकी राशि आवंटित नहीं की। उन्होंने कहा कि केंद्र की जिम्मेदारी है कि वह सभी राज्यों के साथ बिना किसी भेदभाव के काम करे और राज्यों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाए।
उन्होंने विभिन्न संस्थाओं को मजबूत बनाने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि इसके लिए संस्थाओं के प्रमुखों की नियुक्ति में पारदर्शिता होनी चाहिए तभी संस्था स्वायत्त हो सकेंगी। उन्होंने कहा कि संस्थाओं का संचालन कानून के अनुसार होना चाहिए और इसमें नेताओं का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
चर्चा में भाग लेते हुए बीएसआर सदस्य के.आर. सुरेश रेड्डी ने कृषि एवं भूमि सुधारों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश की जीडीपी में कृषि क्षेत्र का योगदान 18 प्रतिशत है जबकि करीब 50 प्रतिशत लोग कृषि कार्य में लगे हैं। उन्होंने विभिन्न अंतरराज्यीय नदियों के पानी को लेकर चल रहे विवाद का जिक्र किया और कहा कि इन विवादों को जल्द से जल्द सुलझाना चाहिए।
मनोनीत सदस्य मीनाक्षी जैन ने सरकार द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की सराहना की वहीं भाजपा के सुमेर सिंह सोलंकी ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों ने आदिवासियों की समस्याओं को दूर करने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की विभिन्न योजनाओं से सबसे अधिक आदिवासियों और वंचित वर्ग के लोगों को फायदा हुआ है।
कांग्रेस सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में सांप्रदायिकता को बढ़ावा दिया जा रहा है और एक राज्य के मुख्यमंत्री तो खुलेआम सांप्रदायिक बातें कर रहे हैं।
यूपीपी (एल) रवंगवरा नरजारी ने सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र किया और कहा कि मौजूदा सरकार के तहत पूर्वोत्तर पर विशेष ध्यान दिया गया है जो पहले उपेक्षित था।
चर्चा में भाग लेते हुए राकांपा सदस्य फौजिया खान ने महिलाओं को सुरक्षा की दृष्टि से सशक्त बनाने की जरूरत पर बल दिया।
चर्चा में भाजपा के सदानंद महालू शेट तानवड़े, संगीता यादव, कांग्रेस की रंजीत रंजन, बसपा के रामजी, नाम निर्देशित सुधा मूर्ति, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले, शिवसेना (उबाठा) की प्रियंका चतुर्वेदी और भाजपा के बाबूभाई जेसंगभाई देसाई ने भी भाग लिया।
भाषा अविनाश मनीषा
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