पिछले दस सालों में देश में कार्य संस्कृति में आया बदलाव : राज्यसभा में भाजपा सांसदों ने कहा
मनीषा
- 05 Feb 2026, 03:15 PM
- Updated: 03:15 PM
नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) राज्यसभा में बृहस्पतिवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के सदस्यों ने कहा कि पिछले दस सालों में देश के भीतर कार्य संस्कृति में बदलाव हुआ है तथा परिणाम आधारित शासन के कारण 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकाला गया है तथा किसानों की स्थिति में बदलाव आया है।
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए भारतीय जनता पार्टी की माया नारोलिया ने कहा कि 2026 नये भारत बनने का एक नया चरण है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति अभिभाषण में गुरु तेगबहादुर जैसे महापुरुषों का स्मरण किया गया है जिससे राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा मिलती है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की नीतियों, कार्यक्रम एवं सोच के कारण आज 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं जबकि पहले केवल गरीबी हटाओं की बात की जाती थी। उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत देश के गरीब लोगों को निशुल्क इलाज प्रदान किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसान वर्ग सरकार की प्राथमिकता है तथा किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से इस वर्ग को आर्थिक सहायता दी जाती है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ी है।
चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा की संगीता बलवंत ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद देश ने एक निर्णायक बदलाव देखा है। उन्होंने कहा कि यह बदलाव सत्ता में नहीं बल्कि कार्य संस्कृति में बदलाव है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में 25 करोड़ लोगों का गरीबी रेखा से बाहर आना मात्र एक आंकड़ा नहीं बल्कि परिणाम आधारित शासन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गरीब के नाम पर राजनीति करते हैं और मोदी सरकार गरीब के लिए नीति बनाती है।
उन्होंने कहा कि जीएसटी दरों में कटौती और आयकर की सीमा बढ़ाने से देश के मध्यम वर्ग को बड़े पैमाने पर राहत मिली है।
चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के महेन्द्र भट्ट ने कहा कि राष्ट्रपति के अभिभाषण में लोकतंत्र, संविधान और वर्तमान सच्चाई की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टेलीफोन पर जो वार्ता हुई है, उससे देश के लोगों में प्रसन्नता का भाव है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से किसानों को बीज खरीदने में मदद मिलती है और वे साहूकारों के पास जाने से बच जाते हैं। उन्होंने अपने राज्य उत्तराखंड में पिछले कुछ समय में आयी प्राकृतिक आपदाओं का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार की फसल बीमा योजना के तहत किसानों को जो राहत मिली है, उससे उन्हें बहुत लाभ हुआ।
भट्ट ने बुधवार को उच्च सदन में चर्चा के दौरान विपक्ष के एक सदस्य द्वारा कोटद्वार की एक घटना का जिक्र किए जाने का संदर्भ दिया। भाजपा सदस्य ने कहा कि उन्होंने मोहम्मद दीपक नामक एक व्यक्ति की चर्चा की।
भाजपा सदस्य ने कहा, ''हम धर्म के आधार पर किसी के खिलाफ नहीं हैं। मेरी राज्य सरकार ने स्पष्ट कहा है कि हम प्रदेश में देव तुल्य माहौल बनाये रखना चाहते हैं।'' उन्होंने कहा कि प्रश्न इस बात का नहीं है कि नाम 'मोहम्मद दीपक' रखा गया है या 'बाबा स्वीट्स' के नाम पर दुकान खोली गयी है, प्रश्न यह है कि नाम बदल कर जब इस प्रकार के काम होते हैं, बहनों के साथ छल होता है तो निश्चित रूप से शंका उत्पन्न होती है।
उन्होंने कहा, ''यह मोहम्मद दीपक तो कांग्रेस के कार्यकर्ता निकले और इन्होंने ही वहां सारा माहौल खराब करने का काम किया।''
भट्ट उत्तराखंड के कोटद्वारा में 26 जनवरी को घटी एक घटना का जिक्र कर रहे थे, जब पटेल मार्ग स्थित कपड़ों की दुकान 'बाबा' का नाम बदलने के लिए दुकान मालिक वकील अहमद पर दबाव बनाने को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ता दुकान के बाहर जमा हो गए थे। इसी दौरान अहमद के बेटे मोहम्मद शोएब के मित्र और 42 वर्षीय जिम मालिक दीपक कुमार ने बजरंग दल के इस रवैये का विरोध किया और कार्यकर्ताओं को वहां से हटने पर मजबूर कर दिया। दीपक ने पूछे जाने पर अपना नाम मोहम्मद दीपक बताया था।
भाजपा के सतनाम सिंह ने चर्चा में भाग लेते हुए अपनी बात पंजाबी में रखी और कहा कि राष्ट्रपति अभिभाषण से स्पष्ट हो गया है कि सरकार यथास्थिति बनाये रखने में विश्वास नहीं रखती बल्कि क्रमिक रूप से बदलाव चाहती है।
उन्होंने कहा कि अभिभाषण में गुरु साहिबान का उल्लेख होने से यह भी स्पष्ट है कि सरकार गुरु साहिबान की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर उनके बताए मार्ग पर चलने को उत्सुक है।
सिंह ने कल संसद परिसर में एक पगड़ीधारी सिख मंत्री को 'गद्दार' कहे जाने की घटना को दुखद बताते हुए इसकी निंदा की। उन्होंने कहा कि जिन सिखों का पूरी दुनिया में सम्मान किया जाता है, उसी समुदाय के एक सिख का, पवित्र संसद की सीढ़ी पर यह अपमान किया गया।
बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच नोकझोंक देखने को मिली जब संसद परिसर में कांग्रेस नेता ने उन्हें 'गद्दार' कहकर संबोधित किया और उसके जवाब में बिट्टू ने कांग्रेस नेताओं को 'देश के दुश्मन' बताया।
यह घटना संसद के मकर द्वार के निकट घटी, जब वहां वर्तमान बजट सत्र की शेष अवधि से निलंबित किए गए आठ विपक्षी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे।
भाजपा के ही बाबूराम निषाद ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि गरीब श्रमिक किसानों के लिए मोदी सरकार ने जो काम किया है, उसका यह नतीजा है कि आज गांव से किसान अपनी जमीन बेचकर कहीं और नहीं जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले किसान तमाम बाधाओं के कारण अपनी खेती की जमीन बेचकर पलायन करने के लिए मजबूर हो रहे थे।
भाषा
माधव मनीषा
मनीषा
0502 1515 संसद