लोकसभा में गतिरोध बरकरार, कार्यवाही तीन बजे तक के लिए स्थगित
वैभव
- 05 Feb 2026, 02:35 PM
- Updated: 02:35 PM
नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) लोकसभा में पिछले चार दिन से जारी गतिरोध की स्थिति बृहस्पतिवार को भी बनी रही और कार्यवाही दो बार के स्थगन के बाद अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन में विपक्ष के हंगामे के बीच ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
धन्यवाद प्रस्ताव पर सदन में हुई चर्चा का प्रधानमंत्री द्वारा सदन में जवाब देने की परंपरा है, लेकिन गतिरोध की स्थिति के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जवाब लोकसभा में नहीं हुआ और प्रस्ताव को पारित कर दिया गया।
सदन में हंगामे के कारण कार्यवाही पहले 12 बजे तक, फिर दो बजे और उसके बाद तीन बजे तक स्थगित करनी पड़ी।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में विपक्षी सदस्यों के आचरण को लेकर नाराजगी जाहिर की।
उन्होंने सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर कहा, ''सदन में कल जो घटना हुई, जिस तरह से विपक्ष के सदस्य सत्तापक्ष की तरफ पहुंचे... यह सदन की मर्यादा के अनुकूल नहीं है। सदन की मर्यादा बनाए रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है।''
इसके बाद, उन्होंने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
बैठक दोपहर 12 बजे जब दोबारा शुरू हुई तो अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कराए।
उन्होंने आसन के समीप प्रदर्शन कर रहे विपक्ष के सांसदों को बैनर नहीं दिखाने को कहा।
शोर-शराबे के बीच ही उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा 28 जनवरी को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक में दिए गए अभिभाषण पर निचले सदन में लाए गए धन्यवाद प्रस्ताव को पारित करने के लिए सदन के समक्ष रखा।
हंगामे के बीच ही सदन ने ध्वनिमत से प्रस्ताव को पारित कर दिया।
धन्यवाद प्रस्ताव पारित होने के बाद, दोपहर 12 बजकर पांच मिनट पर सदन की बैठक अपराह्न दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
अपराह्न दो बजे कार्यवाही फिर शुरू होने पर विपक्षी सदस्य अपने-अपने स्थान पर खड़े हो गए और उन्होंने सदन में बोलने देने की मांग की।
शोरगुल कर रहे विपक्षी सदस्यों के आसन के समीप पहुंचने पर, पीठासीन सभापति संध्या राय ने कहा, ''आप लोग बैठिये। आप लोगों का यह तरीका ठीक नहीं है। आप सबसे निवेदन है कि अपनी-अपनी सीट पर बैठिये। आपका व्यवहार बिल्कुल उचित नहीं है। पूरा देश देख रहा है, आप सोमवार से लोकसभा की कार्यवाही को बाधित कर रहे हैं।''
इस दौरान कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी कर रहे थे, वहां समाजवादी पार्टी के कुछ सांसद वाराणसी में कथित तौर पर महारानी अहिल्याबाई की मूर्ति तोड़े जाने का मुद्दा उठाते हुए बैनर दिखा रहे थे।
विपक्षी सदस्यों की नारेबाजी और शोरगुल नहीं थमने पर पीठासीन सभापति ने दो मिनट बाद ही सदन की कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
भाषा सुभाष हक वैभव
वैभव
0502 1435 संसद