भारत, खाड़ी सहयोग परिषद ने एफटीए पर बातचीत शुरू करने के लिए नियम-शर्तों पर किए हस्ताक्षर
अजय
- 05 Feb 2026, 05:19 PM
- Updated: 05:19 PM
नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) भारत और पश्चिमी एशियाई देशों के समूह खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) ने मुक्त व्यापार समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू करने के लिए नियम एवं शर्तों पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर किए।
नियम एवं शर्तों में प्रस्तावित व्यापार समझौते का दायरा और तौर-तरीके बताए गए हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने जीसीसी के साथ बातचीत को लेकर नियम एवं शर्तों पर हस्ताक्षर समारोह की अध्यक्षता की।
जीसीसी, खाड़ी क्षेत्र के छह देशों सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर, कुवैत, ओमान और बहरीन का समूह है।
गोयल ने कहा कि यह समझौता दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने में सहायक होगा।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि करीब एक करोड़ भारतीय जीसीसी क्षेत्र में रह और काम कर रहे हैं।
गोयल ने कहा, '' यह अत्यंत उचित है कि अब हम एक अधिक मजबूत और सुदृढ़ व्यापारिक व्यवस्था में प्रवेश करें जो वस्तुओं एवं सेवाओं के अधिक मुक्त प्रवाह को सक्षम बनाएगी, नीति में पूर्वानुमान तथा स्थिरता लाएगी और अधिक निवेश को प्रोत्साहित करने में मदद करेगी।''
उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के साथ-साथ जीसीसी देशों की खाद्य एवं ऊर्जा सुरक्षा को भी बढ़ावा देगा। भारत विश्व में अनाज का एक प्रमुख उत्पादक है जबकि जीसीसी देश तेल एवं गैस के निर्यातक हैं।
मंत्री ने कहा, '' हमारा द्विपक्षीय व्यापार पहले से ही काफी मजबूत है, करीब 179 अरब अमेरिकी डॉलर का..। मेरा मानना है कि जीसीसी देशों द्वारा आवश्यक कई उत्पाद एवं सेवाएं हमारे युवा, बेहद प्रतिभाशाली तथा कुशल भारतीयों द्वारा प्रदान की जा सकती हैं क्योंकि जीसीसी देश हमारे ऊर्जा स्रोतों के और अधिक विविधीकरण एवं विकास में हमारी मदद कर सकते हैं।''
वर्तमान में करीब एक करोड़ भारतीय जीसीसी क्षेत्र में रह रहे हैं और काम कर रहे हैं, जो इस समूह की अर्थव्यवस्थाओं को गति प्रदान करने में योगदान दे रहे हैं।
प्रस्तावित समझौते से शुल्क और गैर-शुल्क बाधाओं को समाप्त करने से भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
गोयल ने कहा, '' इस साझेदारी से हमें भारतीय बुनियादी ढांचे एवं जीसीसी देशों के बुनियादी ढांचे को विकसित करने का अवसर मिलेगा, साथ ही बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में काम कर रही उच्च गुणवत्ता वाली कंपनियों के साथ मिलकर काम करने का मौका भी मिलेगा। इस साझेदारी से हमारे पेट्रो रसायन उद्योग को बहुत लाभ होगा।''
उन्होंने कहा कि भारत की सूचना एवं और संचार प्रौद्योगिकी कंपनियों को लगातार बढ़ते जीसीसी बाजार में अवसर मिलेंगे।
भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के साथ एक मुक्त व्यापार समझौता मई, 2022 में पहले ही लागू कर दिया था।
भारत और ओमान ने 18 दिसंबर, 2025 को मस्कट में एक व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर किए थे।
गोयल ने कहा कि सरकार ने पिछले कुछ वर्ष में 38 विकसित देशों के साथ नौ व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया है।
जीसीसी के मुख्य वार्ताकार रजा अल मरजूकी ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में यह समझौता महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा, '' यह एक संदेश है, यह पूरी दुनिया के लिए एक संकेत है और इस समय हमारे लिए यह महत्वपूर्ण है कि हम अधिक सहयोग करने का प्रयास करें ताकि अनिश्चितता के परिणामस्वरूप हमारी वैश्विक अर्थव्यवस्था को होने वाले किसी भी जोखिम से बचा जा सके।''
वाणिज्य विभाग में अतिरिक्त सचिव अजय भादू इस समझौते के लिए भारत के मुख्य वार्ताकार हैं।
जीसीसी के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर एक तरह से बातचीत फिर से शुरू हो रही है। इससे पहले दो दौर की बातचीत 2006 और 2008 में में हुई थी। हालांकि, जीसीसी द्वारा सभी देशों और आर्थिक समूहों के साथ वार्ता स्थगित करने के कारण तीसरे दौर की वार्ता नहीं हो पाई थी।
भारत मुख्य रूप से सऊदी अरब तथा कतर जैसे खाड़ी देशों से कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस आयात करता है और इन देशों को मोती, कीमती एवं अर्ध-कीमती पत्थर, धातु, विद्युत मशीनरी, लोहा व इस्पात तथा रसायन निर्यात करता है।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का जीसीसी देशों को निर्यात सालाना आधार पर लगभग एक प्रतिशत बढ़कर लगभग 57 अरब अमेरिकी डॉलर रहा जो एक साल पहले 2023-24 में 56.32 अरब अमेरिकी डॉलर था। वहीं आयात 2024-25 में 15.33 प्रतिशत बढ़कर 121.7 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
द्विपक्षीय व्यापार 2023-24 में 161.82 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2024-25 में 178.7 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
संयुक्त अरब अमीरात गत वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। इस सूची में सऊदी अरब पांचवें, कतर 22वें, ओमान 28वें, कुवैत 29वें और बहरीन 65वें स्थान पर रहा।
भाषा निहारिका अजय
अजय
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